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साधना से सिद्धि की प्राप्ति- डॉ श्री वरुण मुनि जी

श्री गुजराती जैन संघ गांधीनगर में चातुर्मास विराजित श्रमण संघीय उप प्रवर्तक श्री पंकज मुनि जी महाराज, दक्षिण सूर्य ओजस्वी प्रवचनकार डॉ श्री वरुण मुनि जी म. सा. ...

अणुव्रत से होता हित अहित का ज्ञान – साध्वी उदितयशा

 नशा मुक्त रहने का संकल्प स्वीकार कर श्रावक समाज ने दी रक्षाबंधन की भेंट  अणुव्रत समिति द्वारा नशा मुक्ति कार्यशाला का हुआ आयोजन चेन्नई : अणुव्रत विश्व भारती सो...

स्वाध्याय भवन में श्रावण शुक्ल पक्खी पर्व तप-त्याग पूर्वक मनाया

चेन्नई के बेसिन वाटर वर्क्स स्ट्रीट साहूकारपेट में स्थित स्वाध्याय भवन में श्रावण शुक्ल पक्खी पर्व जप-तप- त्याग पूर्वक मनाया गया | श्रद्धालुओं द्वारा आलोयणा का ...

रक्षाबंधन रिश्तों को जोडऩे का पर्व: साध्वी स्नेहाश्री जी म. सा.

रक्षाबंधन पर विशेष प्रवचन आकुर्डी स्थानक भवन में आयोजन ! रक्षाबंधन प्रेम का पर्व है। प्रेम न हो तो जीवन नीरस हो जाता है और प्रेम हो तो मरुस्थल भी मरुधान बन जाता...

उपप्रवर्तिनी प. पु. चंदनबालाजी के पावन सानिध्य मे अर्चना जी राजेंद्रजी लुणावत की मासखमण आराधना

चिंचवड गाँव मे चातुर्मासार्थ विराजीत उपप्रवर्तिनी पु चंदनबालाजी म.सा. पु. पदमावतीजी म.सा. आदि ठाणा 7 के पावन सानिध्य मे सुश्राविका अर्चनाजी राजेंन्द्रजी लुणावत ...

रेल अधिकारी को रक्षा सूत्र बांध अणुव्रत का दिया संदेश 

चेन्नई : अणुव्रत समिति द्वारा मानव में मानवता के विकास की तर्ज पर समिति शिष्टमंडल दक्षिण रेलवे कार्यालय में कार्यरत अधिकारीयों से मिला।  अध्यक्षा श्रीमती सुभद्र...

जीव को अनुकूल प्रतिकूल सुख दुख काअनुभव का कारण वेदनीय कर्म

वेदनीय कर्म सुख-दुःख का वेदन (अनुभव) कराता है। जैसे तलवार की धार पर लगे हुए शहद को चाटने से सुख का संवेदन होता है, उसी प्रकार साता वेदनीय कर्म के उदय से साता (स...

बर्‍याचदा आम्हाला खूप खबरही सहन होत नाही-प.पू.रमणीकमुनीजी म.सा.

जालना : आत्मा हाच परमात्मा आहे, पण हे लक्षात कोण घेतो. त्यासाठी संकल्प करावा, परंतू आम्हाला तर संसाराशिवाय काहीही लागत नाही, असा हितोपदेश वाणीचे जादुगार श्रमण प...

ज्ञान से होता है जीवन का कल्याण: डॉ. वरुण गुरुदेव

श्री गुजराती जैन संघ गांधीनगर में चातुर्मास विराजित दक्षिण सूर्य ओजस्वी प्रवचनकार डॉ श्री वरुण मुनि जी म.सा. ने शुक्रवार को धर्म सभा में उपस्थित श्रद्धालुओं को ...

ज्ञान है तीसरा नेत्र: डॉ श्री वरुण मुनि जी

श्री गुजराती जैन संघ गांधीनगर में चातुर्मास विराजित दक्षिण सूर्य ओजस्वी प्रवचनकार डॉ श्री वरुण मुनि जी म. सा. ने गुरुवार को धर्म सभा में उपस्थित श्रद्धालुओं को ...

आत्मा के दर्शन गुण को उजागर होने में बाधक दर्शनावरणीय कर्म: साघ्वी संबोधि

दर्शनावरणीय कर्म आत्मा के दर्शन गुण को आवृत्त करता है। जैसे राजा के दर्शन हेतु उत्सुक व्यक्ति को द्वारपाल रोक देता है. ऐसे ही यह कर्म आत्मा की दर्शन शक्ति पर पर...

तेरापंथ धर्मस्थल में मासखमण तपोभिनंदन समारोह

युगप्रधान आचार्य महाश्रमण के प्रबुद्ध सुशिष्य मुनि डॉ. ज्ञानेन्द्र कुमार जी एवं मुनि रमेश कुमार जी आदि ठाणा-4 के पावन सान्निध्य में गुरुवार को तेरापंथ धर्मस्थल ...

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