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“जन सेवा ही जिन भगवान की सच्ची सेवा है” — भारत गौरव डॉ. वरुण मुनि जी

“जन सेवा ही जिन भगवान की सच्ची सेवा है” — भारत गौरव डॉ. वरुण मुनि जी

राष्ट्र संत श्रमण संघीय उप प्रवर्तक परम पूज्य श्री पंकज मुनि जी महाराज साहब के पावन सानिध्य में, श्री वर्धमान स्थानकवासी जैन सेवक संघ ट्रस्ट, इमली बाजार (महावीर भवन) के तत्वावधान में गुरु पदम पुण्य स्मृति दिवस के पावन अवसर पर त्रिदिवसीय महोत्सव का भव्य आयोजन सम्पन्न हुआ।

इस अवसर पर आयोजित धर्मसभा में उपस्थित श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए भारत गौरव डॉ. वरुण मुनि जी महाराज साहब ने कहा कि राष्ट्र संत, उत्तर भारतीय प्रवर्तक दादा गुरुदेव भंडारी श्री पदमचंद्र जी महाराज साहब एक युगपुरुष एवं संत शिरोमणि थे। उनके जीवन में सेवा, स्वाध्याय, साधना एवं संयम जैसे दिव्य गुण सुशोभित थे। उनके हृदय में दीन-दुखी एवं जरूरतमंदों के प्रति विशेष करुणा एवं अनुकम्पा का भाव सदैव विद्यमान रहा।

उन्होंने उत्तर भारत के गाँव-गाँव में भ्रमण कर लाखों लोगों को नैतिक मूल्यों, व्यसन मुक्ति, शाकाहार एवं संस्कारों के प्रति जागृत किया। उनके द्वारा स्थापित सैकड़ों संस्थाएं आज भी जनकल्याण के कार्यों में सक्रिय हैं।

इस पुण्य अवसर पर परम गुरुभक्त श्री कीर्ति कुमार जी एवं सोनल जी जैन परिवार की ओर से साधु-साध्वी भगवंतों की सेवा में वर्षों से समर्पित सेवाभावी भाई-बहनों तथा जैन स्थानक भवन के सेवक-सेविकाओं का वस्त्रदान एवं सम्मान राशि प्रदान कर सम्मान किया गया।

उल्लेखनीय है कि पूज्य श्री वरुण मुनि जी महाराज साहब की प्रेरणा से विगत 12 वर्षों से सेवक सम्मान दिवस का आयोजन विश्व मजदूर दिवस के अवसर पर किया जा रहा है।

कार्यक्रम में मुनिरत्न कर्मयोगी श्री रुपेश मुनि जी महाराज ने मधुर गुरु-भक्ति गीत प्रस्तुत किया। साध्वी श्री रश्मि जी महाराज साहब ने वाणी भूषण पूज्या श्री प्रीति सुधा जी महाराज की संयममयी साधना के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित की। वहीं साध्वी श्री विजया श्री जी महाराज साहब ने उनके जीवन से जुड़े प्रेरक प्रसंगों का उल्लेख किया।

समाजसेवी श्री प्रकाशचंद जी भटेवरा द्वारा श्री संघ की ओर से पूज्या महासती जी को श्रद्धांजलि अर्पित की गई।

अपने उद्बोधन में डॉ. वरुण मुनि जी महाराज ने कहा कि महाश्रमणी श्री प्रीति सुधा जी महाराज का जीवन सेवा, शिक्षा, संस्कार एवं शाकाहार के प्रचार-प्रसार के लिए समर्पित रहा। गौसेवा एवं गौ-हत्या बंदी के लिए उन्होंने अनेक सफल अभियान चलाए। ऐसी महान साध्वी का देवलोक गमन केवल जैन समाज ही नहीं, अपितु संपूर्ण मानवता के लिए अपूरणीय क्षति है।

धर्मसभा का समापन राष्ट्र संत पूज्य श्री पंकज मुनि जी महाराज के मंगल पाठ से हुआ। तत्पश्चात श्री पंजाब जैन संघ द्वारा अन्नप्रसादम का आयोजन किया गया, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।

तत्पश्चात पूज्य गुरु भगवंत महावीर भवन से विहार कर अनुराग नगर स्थित जैन स्थानक भवन पधारे, जहां नवकार महामंत्र के अखंड जाप का सामूहिक आयोजन हुआ। इस अवसर पर गुरुदेव ने नवकार महामंत्र की महिमा पर विशेष प्रकाश डाला।

कार्यक्रम के लाभार्थी परम गुरुभक्त श्री राजेश जी एवं श्री राजीव कुमार जी जैन रहे। समाजसेवी श्री राजकुमार जी जैन ने अनुराग नगर में गुरुदेव के आगमन पर हार्दिक अभिनंदन व्यक्त किया।

गौरतलब है कि पूज्य गुरुदेव आगामी 4 मई को तिलक नगर में आयोजित गच्छाधिपति आचार्य प्रवर पूज्य श्री हितेश चंद्र विजय जी महाराज साहब की शुभ निश्रा में आयोजित प्रतिष्ठा महोत्सव में अपना पावन सानिध्य प्रदान करेंगे।

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