समाज सेवी कमला जी मेहता

Kamal Ji Mehta

samaj Sevi Kamal Ji Mehta

आज जिस तेजी से टेक्नोलॉजी और विज्ञान बढ़ता जा रहा है उससे दुगनी गति से दूरियां घटती जा रही है। इसके कई अच्छे प्रभाव हैं तो कुछ दुष्प्रभाव भी। आने वाली पीढिय़ों को अच्छे संस्कार और धर्म के प्रति जागरूक करने के लिए यह जरूरी है कि हम उनको वैसे माध्यम से जागरूक करें जिसमें युवाओं की और बच्चों की ज्यादा रुचि हो। सेजवानी मुझे वैसा ही माध्यम लगा और मुझे लगता है कि इस डिजीटल प्लेटफार्म के जरिये हम अपनी युवा और भावी पीढ़ी को अपनी संस्कृति और संस्कारों से परिचित करा सकते हैं। इसलिए बिना सोचे मैं समाज हित के लिए इससे जुड़ गई।

जीवन

समाज सेवी कमला जी मेहता का जन्म राजस्थान के नागौर जिले के कुचेरा गांव मैं 25 मई 1951 को हुआ। उनके पिता का नाम मूलचंद जी सुराणा है और माता का नाम। 19 फरवरी 1967 को इनका विवाह सज्जन राजी मेहता के साथ हुआ। कमला जी मेहता ने अपने धार्मिक एवं सामाजिक जीवन की शुरुआत 1982 में महावीर जैन महिला युवती मंडल, साहूकारपेट की सदस्यता ग्रहण कर किया। उसके बाद से इन्होंने पीछे पलटकर नहीं देखा। लगातार 33 वर्षों से पर्यूषण पर्व में प्रवचन आराधना भारत के विभिन्न राज्यों में जैसे तमिलनाडु, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, राजस्थान आदि के अलावा विदेश में वाशिंग्टन, न्यूजर्सी आदि क्षेत्रों में महावीर की वाणी का प्रचार प्रसार किया।

समाज में स्वाध्याय वृति जागृत करने हेतु प्रतिमाह तीर्थकर चरित्र, तत्वार्थ सूत्र, उत्तराध्य्यन सूत्र, आदि की परीक्षाओं का आयोजन किया 10,000 से अधिक युवक-युवतियों महिलाओं ने भाग लिया। अपनी प्रवचन शैली के द्वारा कमला मेहता ने स्वाध्यायीयो शिक्षण देकर तैयार किया जो पर्यूषण पर्व में सेवा दे रहे हैं। पर्यूषण के अलावा विभिन्न क्षेत्रों में वह प्रवचन देने के लिए जाती है। इन्होंने विभिन्न विद्यालयों कॉलेजों मैं सौ से अधिक शिविरों का संचालन कर महिलाओं युवक-युवतियों एवं बच्चों को धर्म से जोड़ने का प्रयास किया है। 2003 से अब तक पूरे भारतवर्ष के विभिन्न राज्यों में 32 बाल संस्कार शालाए एवं महिला युवती मंडलों शुभारंभ कर ज्ञान अर्जुन कराने का कार्य किया।

वह गरीब और जरूरतमंद स्कूली बच्चों किताबे जी और स्कूल का फीस भी भर्ती हैं। उन्होंने बच्चों को शाकाहार भोजन लाभ करते हुए मांसाहार जापान दिलाया। लगातार 14 वर्षों से वह धार्मिक बंधुओं को निशुल्क अनाज, वस्त्र, खाद्य सामग्री का वितरण करती आ रही हैं। रोजगार हेतु इन्होंने वर्धमान टेलरिंग सेंटर की शुरुआत की साथ ही अनेकों जरूरतमंद मैं को सिलाई मशीनें, रोटी मेकर दिया जिससे कि वह रोजगार परक काम कर सकें। संगीत सेन्टर दो सालों से साहुकार पेट, पुरस्वाकम, बिन्नी मिल्स नोरथ टाऊन, एम सी रोड़, टंडियारपेट में चला रहीं है। श्रीजैन महासंघ श्री जैन महासंघ महिला विभाग चैनई के अन्तर्गत पांच संगीत सेन्टर का सचारू रूप से क्लास चला रहे है। चेन्नई और चेन्नई के बाहर आने को बच्चों को गोद लेकर उन्होंने उनके खाने-पीने छात्रावास में रहने पढ़ाई की व्यवस्था की है जिसका लाभ अभी भी कई बच्चे पा रहे हैं।

कमला जी मेहता केवल मनुष्यों के प्रति नहीं बल्कि पशुओं के प्रति भी संवेदना रखती है। कत्लखाने में जाति गायों बकरों को छुड़ाकर उन्होंने गौशालाओं में इसके अलावा कबुतरो, कुत्तों आदि जानवरों के लिए रहने की व्यवस्था के साथ भोजन की व्यवस्था करवाई। हमारे बच्चे खानों एकत्र करने के लिए इन्होंने गाड़ियां चलवाई और इन एकत्र खाद्य पदार्थों को पशुओं को दिया जाता है। समय समय पर विभिन्न अनाथालय अस्पतालों में जाकर रोगियों और अनाथ बच्चों और वृद्धों की सेवा करती हैं।

आने वाली पीढ़ी को मार्गदर्शन देने के लिए तथा धर्म-कर्म से जोड़ने के लिए इन्होंने सफलता के सूत्र, सफलता के सुरभित सुमन द्विवार्षिक सुहाना सफर, सफलता के राज हमारी योजनाएं, सफलता के शिखर समाज और परिवार जैसे कई पुस्तकों का प्रकाशन कराया।

समाज के कई आडंबर शादी विवाह में होने वाला खर्च दहेज प्रथा अन्य रूढ़िवादी प्रथाओं को खत्म करने के लिए इनका प्रयास जा रही है। समय-समय पर सम्मेलन आयोजित कर लोगों को इस बारे में जागरूक करती हैं। गर्भपात और भ्रूण हत्या जैसे विषयों पर उन्होंने विभिन्न स्कूल व कॉलेजों में सेमिनार कर हजारों युवक युवतियों को ऐसा ना करने की शपथ दिलाई।

सम्मान

राजस्थानी कला केंद्र संस्था द्वारा 2003 में इन्हें राजस्थान नारी रत्न, जेएसएस महिला विंग द्वारा वूमेन ऑफ एक्सीलेंस 2007 में, वर्ष 2011 में समाज सेवा रत्न, करुणासागर अवार्ड, श्राविका रत्न अवॉर्ड अवॉर्ड, एसएस जैन संघ पांडिचेरी द्वारा ऑलराउंडर कर्मठ कार्यकर्ता, न्यू दिल्ली प्रदेश महिला शाखा द्वारा मदर टेरेसा श्रेष्ठ अवार्ड, वर्ष 2012 में महिला मुकुट मणि सम्मान, झांसी की रानी सम्मान, 2013 मे दिल्ली प्रदेश महिला शाखा द्वारा प्राणी मित्र अवार्ड, एसएस जैन संघ गुजरात द्वारा धर्मशिला नारी रत्न अवॉर्ड, ऑल इंडिया जैन कॉन्फ्रेंस दिल्ली द्वारा दुर्लभ सहयोगी समान, वर्ष 2014 में तेलुगु सामायिक वेदिका संस्था द्वारा सेवा रत्न अवॉर्ड, बेस्ट कपल अवार्ड, आदर्श शिक्षक अवॉर्ड, आदर्श श्राविका रत्न अवॉर्ड ऐसे कई अनगिनत अवार्ड इन्होंने अपने नाम ले रखें है।

श्री जैन महासंघ महिला विभाग की संयोजक रही हैं, इसके अलावा ऑल इंडिया एसएस जैन संघ कॉन्फ्रेंस राष्ट्रीय महिला शाखा की अध्यक्ष, तमिलनाडु राजस्थानी प्रवास एकता संघ मोर्चा की अध्यक्ष, वर्धमान साधार्मिक सेवा एवं जीव दया समिति की अध्यक्षा, स्थानकवासी जैन महिला संगठन की अध्यक्षा, ऑल इंडिया ज्ञान प्रकाश योजना की अध्यक्षा, वर्ल्ड जैन मिशन लेडीस विंग की अध्यक्षा, श्री जैन मेडिकल रिलीफ सोसाइटी, की सदस्य रही हैं और इसके साथ करुणा इंटरनेशनल इलेक्टेड मेंबर की लाइफ मेंबर, जैन महिला विद्या संघ की लाइफ मेंबर, श्री भवन महावीर प्रचार संघ की लाइफ मेंबर एवं राजस्थान एसोसिएशन की लाइफ मेंबर हैं। अभी चारों जैन समुदाय दिगम्बर, स्वेताम्बर, स्थानकवासी और मुर्तिपुजक, जैन महासंघ महिला विभाग चैनई की संयोजीका, आल इन्डिया जैन अल्पसंख्यक महासंघ महिला विभाग प्रमुखा, एस एस जैन महिला विद्या संघ सहमंत्री हैं।

इसके अलावा भी व कई अन्य संघ संस्थाओं से जुड़ी हुई हैं। काफी सालों से श्री महावीर जैन युवति मंडल साहुकारपेट चैनई अध्यक्षा, वर्धमान महिला यवति मंडल पुरवास्कम एवं श्री जैन महिला मंडल कोन्डीतोप के बहुत वर्षों अध्यक्षा पद पर रहे।

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