परिग्रह करोगे तो या तो खाएगा परिवार, या ले जाएगी सरकार-पूज्याश्री डॉ संयमलताजी मसा मालव केसरी श्री सौभाग्यमल जी मसा के सुशिष्य, श्रमण संघीय प्रवर्तक श्री प्रकाशमुनिजी मसा के आज्ञानुवर्तिनी पंडित रत्न मालव भूषण श्री महेन्द्र मुनि जी मसा के देवलोक गमन पर श्री वर्धमान स्थनकवासी जैन श्रावक संघ नीमचौक द्वारा गुणानुवाद सभा का आयोजन रखा गया, जिसमें महासाध्वी डॉ संयमलता जी मसा ने 04 लोग्गस का काउसग्ग करवाया, संघरत्न इंदरमल जैन, महेंद्र बोथरा, अजय खमेसरा एवं विनोद बाफना ने भी म.सा. के प्रति आदरांजली अर्पित की, ततपश्चात मसा ने माँगलिक फरमाइ। महासाध्वी डॉ श्री संयमलताजी मसा ने परिग्रह के बारे में बताया की जितना हम छोडना चाहते है उतनी ही इच्छा बढ़ती जाती है। परिग्रह भी 02 प्रकार के होते है। सचित परिग्रह और, अचित परिग्रह, सचित परिग्रह में दास-दासी, नौकर-चाकर, पशु-पक्षी आदि का परिग्रह होता है और अचित परि...