तपस्विनी बहिन लीला देवी के 35 दिन की तपस्या पर तपोभिनंदन
आचार्य महाश्रमण के प्रबुद्ध सुशिष्य मुनिश्री डॉ. ज्ञानेन्द्र कुमार जी एवं मुनिश्री रमेश कुमार जी आदि ठाणा-4 के पावन सान्निध्य में सोमवार को तेरापंथ धर्मस्थल में लीला देवी महनोत के मासखमण तप (35 दिन) एवं प्रतीक बोथरा के धर्मचक्र तप के उपलक्ष्य पर तपोभिनंदन समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें अच्छी संख्या में लोग उपस्थित हुए। तपस्विनी बहन लीला देवी महनोत को जुलूस के साथ समता भवन के सामने से तेरापंथ धर्मस्थल में लाया गया।
मुनि श्री डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार जी ने उपस्थित जनमेदिनी को फरमाया – तपस्या करने वाले सिर्फ अपने कर्मों की निर्जरा ही नहीं करते हैं बल्कि जन-जन के प्रेरणास्रोत बनते हैं तथा धर्मसंघ की प्रभावना भी करते हैं। तपस्या ज्ञान, दर्शन एवं चारित्र की आराधना है। सभी तपस्वियों के प्रति मंगल कामना।
मुनि रमेश कुमार जी ने कहा कि मन को साधने का एक अनूठा उपक्रम है तप और जप। इस चंचल एवं अस्थिर मन को तप के द्वारा साध सकते हैं। तप से आत्मा निर्मल, तेजस्वी एवं ओजस्वी बनती है। तपस्या शुभ कर्मों के उदय होने व क्षुधा-परीषह शांत होने पर ही संभव है। गुवाहाटी में तपस्या का रंग छाया हुआ है। सभी तपस्वियों के प्रति मंगल कामना करता हूं कि आप इसी तरह धर्म के क्षेत्र में आगे बढ़ते रहें।
तपोत्सव का शुभारंभ मुनि डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार ने नमस्कार महामंत्रोच्चारण से किया। मुनि पद्म कुमार ने तपोत्सव समारोह का कुशलतापूर्वक संचालन किया।
साध्वीप्रमुखा विश्रुतविभा के संदेश का वाचन सभा के वरिष्ठ सहमंत्री राकेश जैन एवं कोषाध्यक्ष छत्तरसिंह भादानी ने किया। तपस्विनी लीला देवी महनोत एवं प्रतीक बोथरा को तेरापंथी सभा के अध्यक्ष बाबूलाल सुराणा, तेयुप मंत्री हितेश चोपड़ा, महिला मंडल अध्यक्ष सुशीला मालू, अणुव्रत समिति के उपाध्यक्ष (प्रथम) नवरतन गधैया, पूर्वोत्तर भारत स्तरीय श्री जैन श्वेताम्बर तेरापंथी सभा के अध्यक्ष बजरंग कुमार सुराणा, एटीएमआरएफ के मंत्री अजय भंसाली, विमल महनोत, कंचन देवी पुगलिया, राजू महनोत, पीयुष पुगलिया, शांतिलाल महनोत, दिलीप दुगड़, सुरेश सुराणा, गौरव, उन्नति, प्रगति सुराणा आदि ने वक्तव्य एवं गीतिका के माध्यम से तप की अनुमोदना की। तपस्वी प्रतीक एवं लीला देवी के पारिवारिजनों ने मधुर गीतिका का संगान किया। इस अवसर पर तेरापंथी सभा, महिला मंडल, तेयुप, टीपीएफ, अणुव्रत समिति, गुवाहाटी की ओर से साहित्य एवं अनुमोदना संदेश आदि प्रदान कर तपस्वियों के तप की अनुमोदना की गई। इस आशय की जानकारी सभा के सहमंत्री अशोक बोरड़ ने यहां जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में दी।
*श्री जैन श्वेताम्बर तेरापंथी सभा गुवाहाटी असम*






