Author: saadhak

पर्वाधिराज पर्युषण का दूसरा शुभ दिन

आज गुरुभगवंत ने दो घडी – 48 मिनट, का सामायिक वृत समझाते हुए बहुत गूढ बात बताई । सामायिक करने वाला, दो घडी के लिए समस्त पाप-क्रियाओं का परित्याग कर देता है । सामायिक मन को स्थिर रखने की अपूर्व क्रिया है । आत्मिक शांति प्राप्त करने का संकल्प है, परम पद प्राप्त करने का सरल और सुखद मार्ग है, अखंडानंद प्राप्त करने का गुप्त मंत्र है, दुःख समुद्र से तैरने का श्रेष्ठ जहाज है तथा अनेक कर्मों से मलिन ...

जीवन को तमाशा नहीं तीर्थ बनाना है: साध्वी आगम श्री जी

परम पूज्य धैर्योश्रीजी म सा अंतगढ़ सूत्र का वाचन किया। आत्मा में बसना पर्युषन है दुनीया मे बसना प्रदुषण है यह पर्व प्रदूषण से मुक्त होने के लिए संदेश देने आया है हमारे अंतर में रहे हुए कषायो को दूर करना है। इन 8 दिनों में पर्व की आराधना करके आत्मा को शुद्ध बनाना है मुखडे का मेकअप नहीं आत्मा का चेकअप करना हैl यह त्यौहार खा पिके के नहीं तो तप त्याग से मनाना हैl इस पर्व की आराधना देवी देवता नंदीश्वर ...

किन पुद्गलों का और कितने आत्मप्रदेशों से ग्रहण ?

*क्रमांक — 470* . *कर्म-दर्शन* 🚥🔹🚥🔹🚥🔹🚥 🔹🚥🔹🚥🔹🚥 *🔹किन पुद्गलों का और कितने आत्मप्रदेशों से ग्रहण ?* *👉 विशेषावश्यक भाष्य में भी उपरोक्त कथनानुसार जीव कर्म के योग्य कार्मणवर्गणा के एक क्षेत्रावगाही पुद्गलों को सब आत्मप्रदेशों से ग्रहण करता है। वह अपने आत्मप्रदेशों से अवगाहित क्षेत्र से भिन्न क्षेत्र में अवगाढ़ पुद्गलों को कभी ग्रहण नहीं कर सकता है। कर्मप्रकृति ग्रंथ में भी इस तथ्य का पिष्ट-पेषण...

आत्मा में बसना पर्युषण है

श्री हीरा बाग जैन स्थानक में विराजित आयम्बिल आराधिका आगम श्री जी म सा के सानिध्य में आज पर्वाधीराज महापर्व का स्वागत करते हुए कहा जैन धर्म को आत्मा में बसना पर्युषण है। दुनिया में बसना प्रदूषण है। यह पर्व प्रदूषण से निवृत होने की प्रेरणा देने आया है। हमारे भीतर रह रहे कषाय, राग द्वेष, मोह आदि के सारे प्रदूषण को त्याग कर पर्व मनाना है। ये आठ दिन में आत्माओं को श्रृंगारित किया जाता है। मुखड़े का मेक...

परम पूज्य अरुणप्रभाजी म.सा पर्वधीराज पर्वुशषण चा प्रथम दिवस 

पुत्र व माता यांची सोबत तपस्या करणे हे प्रथम पाहते परम पूज्य अरुणप्रभाजी म.सा पर्वधीराज पर्वुशषण चा प्रथम दिवस चौसाळा येथिल पावन भुमीमध्ये परमपुज्य श्री दिलीपकंवरजी म.सा. यांच्या सुशिष्या स्वाध्याय प्रेमी परमपुज्य श्री कुसुमकंवरजी म.सा. आणी प्रवचन प्रभाविका परमपुज्य श्री अरूणप्रभाजी म.सा.आधी ठाणा 2 यांच्या सानिध्या मध्ये चौसाळ्याचे दि.01.09.2024 रोजी श्रीमती कमल जवाहरलालजी खिवंसरा 2 उपवास तर पुत्र...

पर्युषण में हर गलती की माफी मांगी जाती हैं

वीरपत्ता की पावन भूमि आमेट के जैन स्थानक मे किया पर्व पर्युषण का आगमन साध्वी विनीत रूप प्रज्ञा ने अंतगड सूत्र का मूल और अर्थ का विवेचन करते हुए कहा पर्युषण पर्व क्या हैl आत्मीयता में पारस्परिक वैमन्स्य, मतभेद, मनभेद दूर किए जाते हैं। जैन धर्म दर्शन का स्थान विशिष्ट है। यहां आत्मा की शुद्धि, विशुद्धि के लिए पर्युषण पर्व में आराधना की जाती है। इसमें 8 दिन श्रावक-​श्राविकाएं सांसारिक और व्यापारिक कार...

तप से निखरता बाह्य और आन्तरिक सौंदर्य

मासखमण एवं अठाई तपस्वी का अभिनंदन Sagevaani.com /माड्या: आचार्यश्री महाश्रमणजी की सुशिष्या साध्वी संयमलताजी ठाणा 4 के सान्निध्य में ‘महका तप उपवन- मासखमण से’ कार्यक्रम में सकल जैन समाज ने तपस्वियों की अनुमोदना की।  साध्वी संयमलताजी ने कहा कि हरा आम डाल पर लटक रहा है उसे न सुगन्ध है, न रस फिर भी उसे तोड़ पलाश के पत्तों के बीच रखा जाता है, उसके ताप से कठोरता, कोमलता में एवं सुगन्ध व रस भ...

पर्युषण विकृति से प्रकृति में जीना सिखाता: साध्वी डॉ गवेषणाश्री

Sagevaani.com /माधावरम्: युगयुधान आचार्य श्री महाश्रमणजी की सुशिष्या साध्वी श्री डॉ गवेषणाश्रीजी के सान्निध्य में पर्युषण महापर्व पर उसके महत्व को उजागर करते हुए और खाद्य संयम दिवस पर बताते हुए कहा साध्वी ने कहा कि पर्युषण पर्व नहीं, महापर्व है, आत्मशुद्धि का प्रेरक-उत्प्रेरक है। मनुष्य जितना प्रकृति के निकट रहता है, उतना ही पुलकित एवं प्रसन्न रहता है। पर्युषण विकृति से प्रकृति में जीना सिखाता है।...

विचारो का प्रदूषण ख़तरनाक हैl

विचारो का प्रदूषण ख़तरनाक हैl इस प्रदूषण को हटाने हमें पर्युषण मनाना है! पर्व का अर्थ है पवित्र दिन, पावन दिन – डॉ. राज श्री जी। दिलकी सफ़ाई, अंतरमन से क्षमा है पर्युषण पर्व- डॉ. मेघाश्री जी स्वयं को सुधारना, आत्मा को पावन करना यह सिख हमे पर्वाधिराज पर्युषण पर्व से लेनी है- साध्वी जिनआज्ञा श्री जी आकुर्डी- निगडी- प्राधिकरण श्री संघ के प्रांगण मे चातुर्मासार्थ विराजीत महासाध्वी डॉ. राजश्री जी...

मेघ की तरह दाता भी चार प्रकार के होते हैं

*🌧️विंशत्यधिकं शतम्* *📚📚📚श्रुतप्रसादम्🌧️* 🌧️ 4️⃣3️⃣ 🪔 मेघ की तरह दाता भी चार प्रकार के होते हैं.! ⬇️ १) कुछ बोलते है, देते नही.. *२) कुछ देते है, बोलते नही..✅* ३) कुछ बोलते भी है, देते भी है.. ४) कुछ न बोलते है, न देते है..! 🔴 सिर्फ अपनी प्रसंशा के लोभ से परोपकार की बड़ी बड़ी बातें करनेवाले तो बहोत है.. विरल ही होते है जो दान का मर्म समझते है.! 💐 निःस्वार्थ भाव से दान देकर परोपकार की प्रवृत्ति करन...

गुरुदेव श्री कोमल मुनि जी मा.सा आदि ठाना 2 के दर्शन लाभ

 जयगुरू अम्बेश-जय गुरु इंद्र-जय गुरु मगन-जय गुरु सौभाग्य-जय गुरु मदन के पठ्धर सुशिष्य मेवाड़ भास्कर उप प्रवर्तक युवामनीषी परम् पुज्य गुरुदेव श्री कोमल मुनि जी म.सा. करुणाकर नवदीक्षित श्री हर्षित मुनि जी मा.सा आदि ठाना -2 चातुर्मास मंगलवाड की पावन पुण्य धरा धाम पर पोषद शाला मंगलवाड चौराहा आज दिनांक 01 सितम्बर रविवार 2024 पर्युषण पर्व का प्रथम दिवस का प्रवचन चातुर्मास मंगलवाड चौराहे कई क्षेत्रों से ...

धर्म सभा का आयोजन

परम श्रद्धेय उप प्रवर्तक पूज्य गुरुदेव श्री पीयूष मुनि जी महाराज आदि ठाणा एवं प्रतिभा पुंज गुरूणी श्री अनीता जी महाराज आदि ठाणा के पावन सान्निध्य में महापर्व पर्यूषण के प्रथम दिन धर्म सभा का आयोजन जैन स्थानक गुड़ मंडी जालंधर में किया गया। सर्वप्रथम मंगलाचरण से सभा का शुभारंभ सेवाभावी श्री अभिनव मुनि जी महाराज ने किया। तदोपरांत ओजस्वी वक्ता श्री संयमेश मुनि जी महाराज ने अंतकृतदसांग सूत्र वाचनी का श...

Skip to toolbar