Author: saadhak

रक्तदान शिविर का आयोजन

आमेट में 66 यूनिट रक्तदान श्री गुरु अम्बेश सौभाग्य युवा मंडल के तत्वाधान में मेवाड़ भास्कर उपप्रवर्तक मेवाड़ युवा शिरोमणि पूज्य गुरूदेव श्री कोमल मुनिजी म.सा. ‘करूणाकर’ के 44वें अवतरण दिवस के शुभ अवसर पर श्री गुरु अम्बेश सौभाग्य युवा मंडल आमेट द्वारा रक्तदान शिविर का आयोजन किया गयाl गुरुमाता श्री जयमाला जी म.सा. “जीजी” साध्वी रत्ना श्री आनंद प्रभा जी म. सा. साध्वी श्री चंदन...

अहंकार अज्ञानता का लक्षण है

*🌧️विंशत्यधिकं शतम्* *📚📚📚श्रुतप्रसादम्🌧️* 🌧️ 4️⃣2️⃣ 🪔 ⚡ अहंकार अज्ञानता का लक्षण है, क्योंकि ज्ञानी तो जानता है की पदार्थ परिवर्तनशील है फिर पदार्थ प्राप्ति पर क्या घमंड करना.? 🔴 स्वयं को ही गुणसंपन्न मानना अहंकारी का लक्षण है.! 🟥 जो वास्तविकता जानने में, समझने में, उसका स्वीकार करने में असमर्थ हो उसे मूर्ख कहते है अभिमानी भी ऐसे ही होते है.! ⚡ अभिमानी के गुण प्रगट नही होते क्योंकि खुद के अतिरिक्त...

आत्मा की सुरक्षा प्रत्याख्यान के माध्यम से करनी है – साध्वी डॉ. राजश्री जी म.सा.

आत्मा के अंदर 18 पापो का प्रवेश न हो इसलिए प्रत्याख्यान का ताला आवश्यक है! आत्मा की सुरक्षा प्रत्याख्यान के माध्यम से करनी है – साध्वी डॉ. राजश्री जी म.सा. गुण धारण करना याने प्रत्याख्यान! ईच्छाओं पर नियंत्रण याने प्रत्याख्यान! शांती त्यागके अंदर है , भोगके अंदर नही! आज बस बारस है! बस याने गाय का पुजन! पशुधन से मिलने वाला खाद शुध्द होता है! “जीवन चार दिन का मेला, हो जायेंगा खत्म झमेला! नसीब ...

पर्यावरण के गुणों की जानकारी हासिल करने के लिए पार्क का भ्रमण

राजस्थान पत्रिका और एक्ष्नोरा इंटरनेशनल के संयुक्त तत्वाधान में चलाए जा रहे हरित प्रदेश अभियान के तहत आज चिल्ड्रंस पार्क गिंडी मैं एसकेपीडी बॉयज हायर सेकेण्डरी स्कूल के 100 विद्यार्थियों ने पर्यावरण के गुणों की जानकारी हासिल करने के लिए पार्क का भ्रमण किया। इस मौके पर मुख्य अतिथि डॉक्टर के मुथू कुमार प्रोग्राम ऑफिसर डिपार्टमेंट ऑफ एनवायरमेंट एंड क्लाइमेट चेंज गवेनमेंट ऑफ तमिलनाडु ने पर्यावरण के वि...

सिद्धसाधक, सिद्धयोगी, सिद्धपुरुष थे जयाचार्य : साध्वी डॉ गवेषणाश्री

 ‘सिद्धपुरुष के सिद्धमंत्रों का’ हुआ महानुष्ठान  मासखमण एवं अठाई तपस्वी का हुआ तपोभिनन्दन Sagevaani.com /माधावरम्: श्री जैन श्वेताम्बर तेरापंथ माधावरम् ट्रस्ट, चेन्नई के तत्वावधान में युगप्रधान आचार्य श्री महाश्रमणजी की सुशिष्या साध्वीश्री डॉ गवेषणाश्रीजी के सान्निध्य में ‘सिद्धपुरुष के सिद्धमंत्रों का’ महानुष्ठान हुआ।  साध्वी श्री डॉ गवेषणाश्रीजी ने कहा, जैन धर्म में अनेक ...

पवित्र आगम अंतगडसूत्र, कल्पसूत्र, 68 दिवस का महामंत्र का अनुष्ठान किया गया

हीरा बाग में विराजित प पू आगमश्रीजी म सा प पू धैर्याश्रीजी म सा के सानिध्य में पवित्र आगम अंतगडसूत्र, कल्पसूत्र, 68 दिवस का महामंत्र का अनुष्ठान किया गया। इस अवसर पर कलश रैली भी निकाली गई। आगम वाचना का लाभ छाजेड परिवार ने लिया। मंगल कलश का लाभ कोठारी परिवार ने लिया। इस मौके पर संघ के सभी पदाधिकारी उपस्थित थे। सात्विक धैर्योश्री जी ने प्रवचन देकर सब को संबोधित किया आगम श्री जी ने पुण्य के बारे में ...

“सिद्धपुरुष के सिद्धमंत्रों का “महानुष्ठान हुआ

युगप्रधान आचार्य श्री महाश्रमणजी की सुशिष्या साध्वी श्री डॉ गवेषणाश्री जी के सान्निध्य में “सिद्धपुरुष के सिद्धमंत्रों का “महानुष्ठान हुआ। साध्वी श्री डॉ गवेषणाश्रीजी ने कहा, जैन धर्म में अनेक आचार्य सिद्धपुरुष के रूप में हुए है उन्हीं में से तेरापंथ के एक सिद्धसाधक, सिद्धयोगी और सिद्धपुरुष आचार्य थे- आचार्य जीतमलजी । जो मंत्र विद्या के विशेषज्ञ, प्रयोग धर्मा, तेरापंथ इतिहास के पुरौधा,...

किन पुद्गलों का और कितने आत्मप्रदेशों से ग्रहण

*क्रमांक — 469* . *कर्म-दर्शन* 🚥🔹🚥🔹🚥🔹🚥 🔹🚥🔹🚥🔹🚥 *🔹किन पुद्गलों का और कितने आत्मप्रदेशों से ग्रहण ?* *👉 भगवती सूत्र में लिखा है कि जीव उन्हीं पुद्गलों को ग्रहण करता है, जो उसके प्रदेशों में अवगाढ़ होते हैं। वह आकाश-प्रदेशों के अनन्तर और परम्पर प्रदेशों में अवगाढ़ कर्म-पुद्गलों को ग्रहण नहीं करता है। इसका अर्थ हुआ जीव जिस क्षेत्र में अवस्थित है, उससे संलग्न आकाश-प्रदेश में स्थित पुद्गल वर्गणा को...

जैन धर्म के उपवासों में किसी भी तरह का फल या फलारस भी निषेध होता है

वीरपत्ता की पावन भूमि आमेट के जैन स्थानक मे विराजित साध्वी चन्दन बाला ने कहा कि जैन धर्म के उपवासों में किसी भी तरह का फल या फलारस भी निषेध होता है। विशेष परिस्थितियों में सिर्फ उबाल कर थारा हुआ या धोवन पानी सूर्योदय के बाद से सूर्यास्त पूर्व तक लिया जा सकता है। इस प्रकार का उपवास तिविहार उपवास कहलाता है। चौविहार उपवास में तो पानी का भी निषेध होता है। उपवास वाले दिन से पहले वाली रात्रि से ही भोजन ...

जो मार्गानुसारी क्रिया का निषेध, अपलाप, त्याग करके मात्र ज्ञान का अहंकार करते हैं वह ज्ञान एवं क्रिया दोनों से भ्रष्ट नास्तिक है

*🌧️विंशत्यधिकं शतम्* *📚📚📚श्रुतप्रसादम्🌧️* 🌧️ 4️⃣0️⃣ 🛑 जो मार्गानुसारी क्रिया का निषेध, अपलाप, त्याग करके मात्र ज्ञान का अहंकार करते हैं वह ज्ञान एवं क्रिया दोनों से भ्रष्ट नास्तिक है..! 🪔 ज्ञान एवं क्रिया उभय का आलंबन करनेवाला, विनय बहुमान करनेवाला साधक भावविशुद्ध बनकर शीघ्र ही मोक्ष प्राप्ति करता हैं..! ✅ भूमिका अनुसार, ज्ञान सहित धर्मप्रवृत्ति ही सन्मार्ग को प्रशस्त करती हैं.! 💫 बिना क्रिया के स...

रक्तदान शिविर

मेवाड उपप्रवर्तक गुरूदेव श्री कोमल मुनीजी म सा के 44 वे जन्मदिवस पर श्री अंबेश सौभाग्य नवयुवक मंडल संयुक्त मेवाड़ के आह्वान पर सभी जगह विशाल रक्तदान शिविरो का आयोजन किया जा रहा है l इसी के तहत भीलवाड़ा में रक्तदान शिविर 2 दिन का आयोजन रखा गया है प्रथम दिन मानवाधिकार संघर्ष समिति के तहत स्वैच्छिक रक्तदान का आज आयोजन रखा गया है और 31 तारीख को गुरुदेव की जन्म जयंती के दिन जैन युवा सेवा संस्थान द्वारा...

अन्य का अंत देखकर खुद के अंत का चिंतन करे वही समझदार

*☀️ प्रवचन वैभव☀️* 🌧️ 4️⃣0️⃣ *💧पर्युषण तत्त्वधारा-5💧* 196) अन्य का अंत देखकर खुद के अंत का चिंतन करे वही समझदार हैं.! 197) हिंसा ही दुख है जो हम दूसरों को देते है वो हमे बदले में मिलता हैं.! 198) जब तक हिंसा के पाप का प्रायश्चित नही होता तब तक उसका गुणांक बढ़ता रहता है.! 199) दुकान गए मार्केट में किसी भी दुकान पर ग्राहक नही है, फिर भी हम दुकान बंध करके धंधा छोड़कर घर पर नही बैठते.. ग्राहक के आने क...

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