चेन्नई : साहूकारपेट के बेसिन वाटर वर्क्स में स्थित स्वाध्याय भवन में प्रभु महावीर का केवलज्ञान कल्याणक व शासन स्थापना दिवस संकल्प दिवस के रुप में मनाया गया |
रविवार 26 अप्रैल 2026 को स्वाध्याय भवन,साहूकारपेट में वरिष्ठ स्वाध्यायी बन्धुवर श्री महावीरचन्दजी बागमार ने भगवान महावीर के केवलज्ञान कल्याणक प्रसंग पर विशेष स्वाध्याय अनुप्रेक्षा करते हुए कहा कि मर्यादाओं के पालन से सुख व शान्ति संभव हैं | उन्होंने कहा कि भावी आचार्य पूज्यश्री महेन्द्रमुनिजी म.सा ने प्रवचन में फरमाया हैं कि वर्षों पूर्व आचार्य रत्नसुरिजी म.सा ने ओसवाल के लिए तीन मर्यादाएं कायम की थी कि ओसवाल नवकार महामन्त्र पर पूर्ण श्रद्धा रखता हैं | मद्य-मांस का पूर्ण त्यागी होता हैं ओर रात्रि भोजन का त्यागी होता हैं | यह ओसवाल की पहचान थी | बीड़ी,सीगरेट आदि व्यसनों से कोसो दूर थे | आज क्या स्थितियां हैं,यह चिन्तन का विषय हैं |
सोमवार 27 अप्रैल 2026 को स्वाध्याय भवन, साहूकारपेट में वरिष्ठ स्वाध्यायी श्री वीरेन्द्रजी कांकरिया ने आगम वांचन के अंतर्गत प्रश्न व्याकरण सूत्र के अंतर्गत चतुर्थ अब्रह्न आश्रव द्वार का विवेचन किया व आगमों में वर्णित संघ की विशिष्टता बताते हुए कहा कि तीर्थ रुपी संघ को स्वयं तीर्थंकर दीक्षित होने के समय वन्दन नमस्कार करते है ,उन्होंने शासन स्थापना दिवस के पावन प्रसंग पर दैनिक रुप से सामायिक स्वाध्याय करने व श्रावक के व्रतों को अंगीकार करने की प्रेरणा की |
जैन रत्न हितैषी श्रावक संघ तमिलनाडु के पूर्व कार्याध्यक्ष आर नरेन्द्रजी कांकरिया ने कहा कि 2583 वर्षो पूर्व प्रभु महावीरस्वामी ने वैशाख शुक्ल दशमी को केवलज्ञान को प्राप्त किया व देवताओं ने समोवशरण की रचना की व प्रभु ने आज की तिथि वैशाख शुक्ल एकादशी को द्वितीय बार देशना करते हुए सर्वविरति व देशविरति धर्म की प्रेरणा की | प्रभु महावीर ने समोवशरण के समय उपस्थित मनुष्यों में से साधु साध्वी श्रावक श्राविका रुपी चतुर्विध संघ की शासन स्थापना की | गौतमस्वामी आदि ग्यारह गणधरों सहित 4411 से अधिक आत्माओं की प्रभु महावीरस्वामी के मुखारविन्द से एक साथ दीक्षा हुई | प्रमुख शिष्या साध्वी चन्दना,श्रावक आनन्द व श्राविका सुलसा रेवती आदि प्रभु महावीर से प्रतिबोधित हुए व श्रावक के व्रत ग्रहण किये व चतुर्विध संघ की स्थापना हुई |
स्वाध्यायी बन्धुवर श्री इंदरचंदजी कर्णावट ने संघ शासन उत्थान गीतिका के माध्यम से स्तुति की |
श्राविका मण्डल तमिलनाडु की अध्यक्षा शशिजी कांकरिया, श्रावक संघ के उपाध्यक्ष गौतमचन्दजी मुणोत,रुपराजजी सेठिया बालक हितेनजी कोठारी,जे कमल चोरडिया,दीपकजी श्रीश्रीमाल योगेशजी श्रीश्रीमाल,लीलमचन्दजी बागमार आदि श्रदालुओं की सामायिक परिवेश में प्रमोदजन्य उपस्थिति रही | पदमचन्दजी श्रीश्रीमाल ने मंगल पाठ किया | संकल्प व चिन्तन सूत्र श्री जे कमलजी चोरडिया ने करवाया | आर नरेन्द्रजी कांकरिया ने तीन मनोरथ चिन्तन पाठ किया |श्रावक संघ तमिलनाडु के उपाध्यक्ष स्वाध्यायी श्री गौतमचन्दजी मुणोत ने गुरु सुखसाता पृच्छा पाठ करवाया |
प्रभु महावीरस्वामी, तीर्थंकरों आचार्यों,उपाध्याय भगवन्त व चरित्र आत्माओं की जय- जयकार के संग प्रभु महावीर स्वामी केवलज्ञान कल्याणक दिवस रविवार 26 अप्रैल व शासन स्थापना दिवस सोमवार 27 अप्रैल को संकल्प दिवस के रुप में सम्पन्न हुए |