Author: saadhak

दिग्विजय चौटाला ने सुना जैन साध्वियों का परवचन

मंडी डबवाली जैन स्थानक में चल रहे चातुर्मास के अंतर्गत उपप्रवर्तनी माहसाध्वी श्री वीरकांता जी, वीणा जी,अर्पिता व आर्या जी के प्रवचन सुनने के लिए आज जेजेपी के प्रधान महासचिव दिग्विजय चौटाला जैन स्थानक पधारे। साध्वी अर्पिता ने आज आपसी नम्रता और भाईचारे पर संदेश दिया। और राजा का अच्छा आदेश और संत का अच्छा उपदेश हमेशा आमजन के लिए कल्याणकारी होता है। एक अच्छे नेता को। हमेशा अपनी प्रजा और अपने साथियों क...

तेरापंथ जैन विद्यालय साहुकारपेट का 33वॉ वार्षिक खेल दिवस

Sagevaani.com /चेन्नई : तेरापंथ जैन विद्यालय साहुकारपेट का 33वॉ वार्षिक खेल दिवस नेहरू स्टेडियम में मुख्य अतिथि श्रीमती प्रियंका देवानंद- राष्ट्रीय बास्केटबाल खिलाड़ी द्वारा उद्घोषणा के साथ शुभारंभ हुआ।  मंगलाचरण के पश्चात प्रिंसिपल महोदया श्रीमती जेसिन्ता मर्सी ने स्वागत भाषण प्रस्तुत किया। स्कूल बैंड की सुंदर मार्च पास्ट की प्रस्तुति के पश्चात मुख्य अतिथि द्वारा राष्ट्रीय ध्वज एवं अध्यक्ष श्री ग...

श्रीसंघ शिवमार्ग का सथवारा है…

*☀️ प्रवचन वैभव☀️* 🌧️ 3️⃣9️⃣ *💧पर्युषण तत्त्वधारा-4💧* 191) श्रीसंघ शिवमार्ग का सथवारा है… उससे दूर होना अर्थात सन्मार्ग से दूर होना.! 192) संघ से हम है, हम से संघ नही है.! 193) प्रभु आज्ञा का साकार रूप है श्री संघ.! 194) श्री संघ के आधीन रहना ही संघपूजा कर्तव्य है.! 195) परमात्मा की आज्ञा अनुसार हो तो ही सुकृत तारक बनता हैं.! 🌧️ *प्रवचन प्रवाहक:* *युग प्रभावक वीर गुरुदेव* *सूरि जयन्तसेन चरण ...

यदि एक हाथ की हृदय रेखा स्पष्ट नहीं है पर दूसरे हाथ में हृदय रेखा स्पष्ट है तो वह व्यक्ति प्रेम में असफल होता

कनिष्ठा पर समाप्त होता है ! हृदय रेखा जीवन रेखा और मस्तिष्क रेखा के ऊपर हथेली के शीर्ष पर स्थित होती है ! इसका आरम्भ तीन महत्वपूर्ण स्थानों गुरु पर्वत के मध्य से, पहली और दूसरी उंगलियों के बीच और शनि पर्वत के मध्य से होता है ! यह जातक की विपरीत लिंग के मध्य आकर्षण, भावनात्मक स्थिरता और मनोवैज्ञानिक सहनशक्ति का विश्लेषण करने के काम आती है ! यदि एक हाथ की हृदय रेखा स्पष्ट नहीं है पर दूसरे हाथ में हृ...

विवाह रेखा बीच में टूटी हो तो इससे विवाह टूटने का खतरा बना रहता

➡️ यदि विवाह रेखा बीच में टूटी हो तो इससे विवाह टूटने का खतरा बना रहता है ! ➡️विवाह रेखा पर त्रिशूल का निशान बनने पर पति-पत्नी के बीच काफी प्रेम होता है ! ऐसी रेखाओं वाले लोग होते हैं धनवान : आज के समय में जिसके पास पैसा है, उसी की वैल्यू है ! आज के समय हर कोई पैसा कमाने के लिए पढ़ाई-लिखाई से लेकर हर तरीके से कोशिश करता है जिससे वह ज्यादा से ज्यादा धनार्जन कर सके ! आज के समय समाज का दृषिकोण बदल गय...

कर्मबंध में अध्यवसायों की भूमिका

*क्रमांक — 468* . *कर्म-दर्शन* 🚥🔹🚥🔹🚥🔹🚥 🔹🚥🔹🚥🔹🚥 *🔹कर्मबंध में अध्यवसायों की भूमिका* *👉 आचार्य महाप्रज्ञ लिखते हैं कि एक अध्यवसाय है और एक चित्त है- चित्त की यात्रा शरीर से सम्बद्ध यात्रा है और अध्यवसाय तक की यात्रा शरीर से परे की यात्रा है। जब हम अध्यवसाय तक पहुँचते हैं तब हमारा संबंध शरीर से छूट जाता है। शरीर एक किनारा है और अध्यवसाय दूसरा किनारा है। ये दोनों भिन्न हैं। सब जीवों में मन नहीं ह...

चित्त की यात्रा शरीर से सम्बद्ध यात्रा है

*क्रमांक — 468* . *कर्म-दर्शन* 🚥🔹🚥🔹🚥🔹🚥 🔹🚥🔹🚥🔹🚥 *🔹कर्मबंध में अध्यवसायों की भूमिका* *👉 आचार्य महाप्रज्ञ लिखते हैं कि एक अध्यवसाय है और एक चित्त है- चित्त की यात्रा शरीर से सम्बद्ध यात्रा है और अध्यवसाय तक की यात्रा शरीर से परे की यात्रा है। जब हम अध्यवसाय तक पहुँचते हैं तब हमारा संबंध शरीर से छूट जाता है। शरीर एक किनारा है और अध्यवसाय दूसरा किनारा है। ये दोनों भिन्न हैं। सब जीवों में मन नहीं ह...

विकट परिस्थिती में भी रहे सम : मुनि हिमांशुकुमार

 मेजर यॉर लाइफ कार्यशाला का आयोजन गुरुवार को Sagevaani.com /चेन्नई: आचार्य श्री महाश्रमणजी के सुशिष्य मुनि श्री हिमांशुकुमारजी ने तेरापंथ सभा भवन में मुक्ति का राजपथ प्रवचनमाला के अन्तर्गत धर्मपरिषद् को सम्बोधित करते हुए कहा कि व्यक्ति को 24 घण्टे सामायिक में रहना चाहिए। उसके लिए उसे मन से प्रतिकार, वचन से प्रतिवाद और काया से प्रतिक्रिया से बचने का प्रयास करना चाहिए। विकट परिस्थितियों में भी सामने...

देह का राग छोड़ना बहुत कठिन है: साध्वी विनीत रूप प्रज्ञा

वीरपत्ता की पावन भूमि पर आमेट के जैन स्थानक मे साध्वी विनीत रूप प्रज्ञा ने कहा देह का राग छोड़ना बहुत कठिन संसार में वही जीव वंदनीय, पूजनीय हैं, जिन्होंने देह से ममत्व छोड़ दिया। घर, देश और संसार से मोह छोड़ना सरल है। जगत का राग छोड़ना सरल है, लेकिन देह का राग छोड़ना बहुत कठिन है। देह के ममत्व में जीव डूबा रहता है। इसे सजाने संवारने में व्यस्त रहता है। बालक से किशोर, युवा, अधेड़ और बुजुर्ग होने तक देह क...

प्रशंसा करने से प्रशंसा ही होगी: महासाध्वी डॉ. अर्पित जी

बड़े आनंद एवं उत्साह पूर्वक गुरुणी मैय्या महासाध्वी श्री वीरकांता जी महाराज आदि ठाणा – 4 का चतुर्मास चल रहा है । आज महासाध्वी डॉ. अर्पित जी ने फरमाया है -पर परिवाद पर परिवाद अर्थात इधर-उधर की बातें, बुराई करना, व्यर्थ की बातें करके स्वयं का दिमाग और दूसरों का दिमाग भी खराब करना और वातावरण को दूषित करना पर परिवाद का पाप कहलाता है । निंदा करना भी इसी श्रेणी में आता है निंदा करने से निंदा करने ...

जिणवाणी का लाभ उठाया

!जय आत्मानन्द-देवेन्द्र-शिव-महेन्द्र!! 🙏 जयगुरू अम्बेश-जय गुरु इंद्र-जय गुरु मगन-जय गुरु सौभाग्य-जय गुरु मदन के पठ्धर सुशिष्य *मेवाड़ भास्कर उप प्रवर्तक युवामनीषी परम् पुज्य गुरुदेव श्री कोमल मुनि जी म.सा. करुणाकर* नवदीक्षित श्री हर्षित मुनि जी मा.सा आदि ठाना -2 चातुर्मास मंगलवाड की पावन पुण्य धरा धाम पर पोषद शाला मंगलवाड चौराहा 🙏🙏  *आज दिनांक 28 अगस्त 2024 का चातुर्मास मंगलवाड चौराहे * कई क्षेत्र...

शासन मार्ग बताता है कि, तुम स्वयं पर श्रद्धा रखो

*अर्हम की प्रभावकता* 🌞🌞🌞🌞🌞🌞🌞 चैतन्यवंत चेन्नई नगर में बिराजमान 🙏🏻 *अर्हम साधक श्रुतप्रभावक मुनिराजश्री वैभवरत्न विजयजी म.सा.* की पावन प्रेरणा से गंभीर समस्या से परेशान एक बालक ने अरिहंत मंत्र की साधना की। 😳 डॉक्टरों ने भी इस बिमारी से मुक्त होने की बात को जिनशासन का प्रभाव मान लिया, यह सम्पूर्ण बाते आप वीडियो में स्वयं बालक के पिता के मुख से सुन सकते है। 👌🏻 *दादा गुरुदेव आचार्य श्री राजेन्द्र सूरी...

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