कनिष्ठा पर समाप्त होता है ! हृदय रेखा जीवन रेखा और मस्तिष्क रेखा के ऊपर हथेली के शीर्ष पर स्थित होती है ! इसका आरम्भ तीन महत्वपूर्ण स्थानों गुरु पर्वत के मध्य से, पहली और दूसरी उंगलियों के बीच और शनि पर्वत के मध्य से होता है ! यह जातक की विपरीत लिंग के मध्य आकर्षण, भावनात्मक स्थिरता और मनोवैज्ञानिक सहनशक्ति का विश्लेषण करने के काम आती है ! यदि एक हाथ की हृदय रेखा स्पष्ट नहीं है पर दूसरे हाथ में हृ...
➡️ यदि विवाह रेखा बीच में टूटी हो तो इससे विवाह टूटने का खतरा बना रहता है ! ➡️विवाह रेखा पर त्रिशूल का निशान बनने पर पति-पत्नी के बीच काफी प्रेम होता है ! ऐसी रेखाओं वाले लोग होते हैं धनवान : आज के समय में जिसके पास पैसा है, उसी की वैल्यू है ! आज के समय हर कोई पैसा कमाने के लिए पढ़ाई-लिखाई से लेकर हर तरीके से कोशिश करता है जिससे वह ज्यादा से ज्यादा धनार्जन कर सके ! आज के समय समाज का दृषिकोण बदल गय...
*क्रमांक — 468* . *कर्म-दर्शन* 🚥🔹🚥🔹🚥🔹🚥 🔹🚥🔹🚥🔹🚥 *🔹कर्मबंध में अध्यवसायों की भूमिका* *👉 आचार्य महाप्रज्ञ लिखते हैं कि एक अध्यवसाय है और एक चित्त है- चित्त की यात्रा शरीर से सम्बद्ध यात्रा है और अध्यवसाय तक की यात्रा शरीर से परे की यात्रा है। जब हम अध्यवसाय तक पहुँचते हैं तब हमारा संबंध शरीर से छूट जाता है। शरीर एक किनारा है और अध्यवसाय दूसरा किनारा है। ये दोनों भिन्न हैं। सब जीवों में मन नहीं ह...
*क्रमांक — 468* . *कर्म-दर्शन* 🚥🔹🚥🔹🚥🔹🚥 🔹🚥🔹🚥🔹🚥 *🔹कर्मबंध में अध्यवसायों की भूमिका* *👉 आचार्य महाप्रज्ञ लिखते हैं कि एक अध्यवसाय है और एक चित्त है- चित्त की यात्रा शरीर से सम्बद्ध यात्रा है और अध्यवसाय तक की यात्रा शरीर से परे की यात्रा है। जब हम अध्यवसाय तक पहुँचते हैं तब हमारा संबंध शरीर से छूट जाता है। शरीर एक किनारा है और अध्यवसाय दूसरा किनारा है। ये दोनों भिन्न हैं। सब जीवों में मन नहीं ह...