Author: saadhak

आत्मा की शुद्धि का पर्व है पर्युषण: धर्मवीर जैन

Sagevaani.com /रायकोट (भल्ला) एस एस जैन सभा रायकोट के प्रमुख मार्ग दर्शक धर्मवीर जैन ने कहा कि आत्मा की शुद्धि का पर्व है पर्युषण। सम्पूर्ण जैन जगत मे यह आठ दिन का पर्व विशेष महत्व रखता है।यह पर्व हमे प्रेरणा देता है कि अपनी आत्मा मे रह रहे विकारो को दुर कर आत्म शुद्धि करे। उन्होंने कहा कि जगह-जगह साधु साध्वीया की कृपा से इन दिनो धर्म की प्रभावण विशेष रूप से होती है। यह पर्व हमे संदेशा देता है कि ...

समता, सहिष्णुता को चरम शिखर तक पहुँचायें- वह सामायिक : साध्वी डॉ गवेषणाश्री

Sagevaani.com /माधावरम्: युगप्रधान आचार्य श्री महाश्रमण की विदुषी सुशिष्या साध्वी श्री डॉ गवेषणाश्रीजी के सान्निध्य में अखिल भारतीय तेरापंथ युवक परिषद के तत्वावधान में तेयुप चेन्नई द्वारा ‘अभिनव सामायिक’ कार्यक्रम आचार्य महाश्रमण तेरापंथ जैन पब्लिक स्कूल, माधावरम्, चेन्नई में आयोजन हुआ।  डॉ साध्वी गवेषणाश्रीजी ने कहा कि समता एक मौलिक तथ्य है, इसका प्रतिपक्षी है ममता। समता और ममता दो शब...

तपस्या जीवन की सारी समस्या दुर कर देती है

तपस्या जीवन की सारी समस्या दुर कर देती है ! मोक्ष मार्ग की सफ़र मोक्ष यान में करनी चाहिए! दान, धर्म, तप आराधना कर पाप कर्म का बोझ हल्का करना चाहिये! तपके तोरण सजाने चाहिए! तपस्या रुपी चाबीसे मुक्ति के / मोक्ष के द्वार खुल सकते है – डॉ. राज श्री जी। T- Tempreture – क्रोध को ख़त्म करना है! Tolerance- स्थिरता आना चाहिए! A- Ability योग्यता / क्षमता। Alert – सावधानी बरतनी है! P- purit...

जीवन में यदि हिंसा है तो  दुख आना ही आना हैं

*☀️ प्रवचन वैभव☀️* 🌧️ 4️⃣5️⃣ *💧 पर्युषण तत्त्वधारा-10💧* 221) जीवन में यदि हिंसा है तो दुख आना ही आना हैं.! 222) समस्त जीवसृष्टि के प्रति जिसके हृदय में करुणा है वही जैन है और वही अहिंसा पाल सकता हैं.! 223) जो अपने को शुद्ध धर्म से जोड़ेगा वही ईश्वर की प्राप्ति कर सकता हैं.! 224) जितने तीव्र भावो से पाप किया होगा, उतनी तीव्रता से उसका फल मिलेगा.! 225) अहिंसा की थियरी तो अनेक धर्मो में बताई है लेकिन...

कोमल मुनि के अवतरण दिवस पर कुल 100 यूनिट रक्तदान हुआ भीलवाड़ा में

श्री अंबेश सौभाग्य नवयुवक मं डल संयुक्त मेवाड़ के आह्वान पर भीलवाड़ा में दो दिवसीय रक्तदान शिविर का आयोजन किया गयाl प्रथम दिन मानव अधिकार संघर्ष समिति के जिला अध्यक्ष मनीष बंब के नेतृत्व में रक्तदान हुआ, जिसमें 45 यूनिट रक्त संग्रह किया गयl दूसरे दिन जैन युवा सेवा संस्थान की ओर से रक्तदान शिविर लगाया। इसमें 55 यूनिट रक्तदान हुआ। अध्यक्ष धर्मचंद बाफना, मंत्री पीयूष खमेसरा ने बताया कि सुबह 10 से दोप...

कल्पसूत्र जैन धर्म का पवित्र ग्रंथ है। – डॉ वरुणमुनि

श्री वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ राजाजीनगर बैंगलोर के तत्वावधान में उप प्रवर्तक पंकजमुनि के सानिध्य में डॉ वरुणमुनि ने पर्युषण महापर्व के द्वितीय दिवस कहा कि यह संसार अनादिकाल से है और अनंतकाल तक रहेगा । जैन कालचक्र दो भाग में विभाजित है : उत्सर्पिणी और अवसर्पिणी काल। अवसर्पिणी काल में समयावधि,हर वस्तु का मान,आयु,बल इत्यादि घटता है जबकि उत्सर्पिणी में समयावधि,हर वस्तु का मान और आयु, बल इत्या...

आध्यात्मिक चेतना को जगाना स्वाध्याय है : साध्वी गवेषणाश्री

Sagevaani.com / माधावरम्: स्वाध्याय वह दर्पण है जिसमें अपना रूप देखा जा सकता है, जीवन को निखारा जा सकता है। परमात्मा की प्राप्ति के दो ही रास्ते है- ध्यान और स्वाध्याय। आध्यात्मिक चेतना को जगाना स्वाध्याय है। शिक्षा की अनेक विधाएं विकसित हुई है, किन्तु केवल पुस्तकीय ज्ञान डिग्रीयां दे सकता है स्वयं की पहचान नहीं- उपरोक्त विचार डॉ. साध्वीश्री गवेषणाश्रीजी ने आचार्य महाश्रमण तेरापंथ जैन पब्लिक स्कूल...

आत्म गुनो का करो अविष्कार

पर्युषन पर्व की आराधना करते हुए बताया यह पर्व संदेश देने आया है आत्म गुनो का करो अविष्कार विकारों का करो बहिष्कार जीवन को करो स्वीकार पापोका करो इनकार यह सब पाव दिखलाता हैl स्वयं में जीने का रास्ता सीखना है इस पर्व में फेश रीडिंग, ड्रेस रीडिंग हेयर रीडिंग करना नहीं है अब हमें सोल रीडिंग करना है पर आज हम कौन सा रीडिंग कर रहे हैंl ध्यान में रहे भाई हो तो ऐसा इसके बारे में बताते हुए कहां अच्छे रिश्ते...

दान वसिकरण मंत्र सभी प्राणियोंको मोहित कर लेता है ! – डॉ. राज श्री जी म.सा.

दान देनेसे पुण्य का ख़ज़ाना भर जाता है! दान वसिकरण मंत्र सभी प्राणियोंको मोहित कर लेता है ! – डॉ. राज श्री जी म.सा. आकुर्डी – निगडी- प्राधिकरण जैन श्रावक संघ के प्रांगण मे विराजमान डॉ. राज श्री जी, डॉ. मेघाश्री जी, साध्वी जिनआज्ञा श्री जी ने आज पर्युषण पर्व के द्वितीय पुष्प मे “ दान पुण्य की खाण” इस विषयपर विविध कथा एवं द्रुष्टांत के माध्यमसे सुंदर उद् भोदन करके उपस्थित धर्मप्रेमियोंको...

समस्त गुण समूह में विनय प्रधान गुण है

*🌧️विंशत्यधिकं शतम्* *📚📚📚श्रुतप्रसादम्🌧️* 🌧️ 4️⃣4️⃣ 🙏 समस्त गुण समूह में विनय प्रधान गुण है.! 🌳 बिना जल सिंचन से वृक्ष विकसित नही होता ⚡ विनय के अभाव में अन्य गुणों की प्राप्ति, विकास भी संभव नही हैं..! ⚡ विनय के बिना न आत्मा का विकास न शासन की सेवा हो सकती है.! 🌧️ विनय से आशीर्वाद की प्राप्ति होती है..! 💐 विनय करने से गुणवान के गुणों का आगमन हमारे में होता हैं.! 🔴 शुद्ध आचार, निर्दोष गोचरी कठिन व...

धर्म जीवन में सफलता का आधार, जैसा हमारा स्वभाव वैसा होगा प्रभाव- दर्शनप्रभाजी म.सा.

सफलता पाने के लिए दृष्टि नहीं दृष्टिकोण बदलना होगा- समीक्षाप्रभाजी म.सा. पर्युषण पर्व के दूसरे दिन साध्वी इन्दुप्रभाजी म.सा. के सानिध्य में सफलता के सूत्र विषय पर प्रवचन Sagevaani.com /सूरत,। पर्वाधिराज पर्युषण पर्व की आराधना शुरू हो चुकी है। पूरे गोड़ादरा-लिम्बायत क्षेत्र में धर्म ध्यान व तप त्याग के मेले जैसा माहौल बन गया है। सभी श्रावक-श्राविकाएं अधिकाधिक धर्म साधना कर पर्युषण पर्व को सफल बनाए। ...

गुरुदेव का सपना धर्म अपना है

🙏*मिच्छामी दुक्कडम* 🙏 चल रहा चातुर्मास है, धर्म साधना करने का आस है,धर्म रहेगा आपके हमारै साथ हैं!! 👍🏻 *अब तो हमारै को जिनवाणी सुनना हैं, सुनकर एक दम मस्त होकर तैयार रहना होगा।। क्यो की आवागमन हमारे महापर्व पर्यूषण का होगा* ।।  *गुरुदेव का सपना धर्म अपना है* जब हमारे गुरु हमारे लिए पुरे जिवन संसार का त्याग कर सकते हैं हमारे लिए बड़े से बड़ा विहार करके ना गर्मी ना सर्दी ना काटे कभी कुछ नही देखते इस...

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