*🌧️विंशत्यधिकं शतम्*
*📚📚📚श्रुतप्रसादम्🌧️*
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4️⃣4️⃣
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समस्त
गुण समूह में
विनय प्रधान गुण है.!
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बिना जल सिंचन से
वृक्ष विकसित नही होता
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विनय के अभाव में
अन्य गुणों की प्राप्ति,
विकास भी संभव नही हैं..!
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विनय के बिना
न आत्मा का विकास
न शासन की सेवा हो सकती है.!
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विनय से
आशीर्वाद की
प्राप्ति होती है..!
💐
विनय करने से
गुणवान के गुणों का
आगमन हमारे में होता हैं.!
🔴
शुद्ध आचार,
निर्दोष गोचरी
कठिन व्रतनियम भी
विनय के बिना निष्फल है.!
*श्रीद्वात्रिंसद् द्वात्रिंशिका*
🌷
*तत्त्वचिंतन:*
*मार्गस्थ कृपानिधि*
*सूरि जयन्तसेन चरण रज*
मुनि श्रीवैभवरत्नविजयजी म.सा.
*🦚श्रुतार्थ वर्षावास 2024🦚*
श्रीमुनिसुव्रतस्वामी नवग्रह जैनसंघ
@ कोंडीतोप, चेन्नई महानगर