विचारो का प्रदूषण ख़तरनाक हैl इस प्रदूषण को हटाने हमें पर्युषण मनाना है! पर्व का अर्थ है पवित्र दिन, पावन दिन – डॉ. राज श्री जी। दिलकी सफ़ाई, अंतरमन से क्षमा है पर्युषण पर्व- डॉ. मेघाश्री जी स्वयं को सुधारना, आत्मा को पावन करना यह सिख हमे पर्वाधिराज पर्युषण पर्व से लेनी है- साध्वी जिनआज्ञा श्री जी आकुर्डी- निगडी- प्राधिकरण श्री संघ के प्रांगण मे चातुर्मासार्थ विराजीत महासाध्वी डॉ. राजश्री जी म.सा. आदि ठाणा 4 के निश्रा मे पर्वाधिराज पर्युषण पर्वका धर्मअनुरागीयों ने बडे उल्हास एवं उमंग के साथ सामुहिक प्रार्थना, अखंड 8 दिवसीय 24 घंटे का “नवकार महामंत्र” जाप, सुत्रवाचन, 48 मिनिट का सामुहिक सजोडे जाप, प्रवचन, तप आराधना आदि के माँध्यम से स्वागत किया!
108 सजोडे जाप संग, एक-एक कर अनेक महानुभावो ने एवं माता बहनो ने सामुहिक जाप में सहभाग लिया! सुबह छ बजे 24 घंटे के जाप का प्रारंभ डॉ. राजश्री जी म.सा. एवं डॉ. मेघाश्री जी मंगलपाठ एवं स्तोत्र पठनसे संघाध्यक्ष सुभाष जी ललवाणी, महामंत्री राजेंन्द्र जी छाजेड, कोषाध्यक्ष नेनसुख जी मांडोत, विश्वस्त ज्योति जी खिंवसरा के सजोडे जापसे हुई! दोपहर के सत्र में कल्पसूत्र वाचन हुआ !
इस दौरान “कौन बनेंगा भाग्यशाली” यह प्रतियोगिता हुई! जिसमें अनेको बहन- भाईयोंको धर्म के हॉट सीट पर महासतीयो के सामने बैठनेवाले सुअवसर प्राप्त हुआ! चार विजेता में प्रथम पारितोषिक बेंगलूरू से आयी सोनल शिंगवी को, द्वितीय सोनल लोनी, त्रुतिय सारिका ओस्तवाल एवं चतुर्थ पारितोषिक सौ. मांडोत जी ने प्राप्त किया ! प्रतियोगिता के विजेताओंको छाजेड भाईपा के औरसे सौ लिलाजी,राजेंन्द्र छाजेड, चंद्रकांत छाजेड, नितिन जी छाजेड के करकमलोद्वारा पारितोषिक प्रदान किये गये!! उपस्थित धर्मअनुरागीयोंका संघाध्यक्ष सुभाषजी ललवाणी ने किया!




