श्री वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ मेवाड़ उपसंघ भयंदर के तत्वाधान में श्रमण संघीय जैन दिवाकर महासती श्री कमलावती जी म. सा की सु शिष्या उप प्रवर्तीनी संथारा प्रेरक महासाध्वी गौरव श्री सत्य साधना जीमा. सा. आदी ठाना 7 का चातुर्मास अंबेश भवन में उत्साह पूर्वक चालू है।
आज के प्रवचन में साध्वी जी मा.सा. ने कल के प्रवचन सुख के प्रकार को जारी रखते हुए कहा कि परसो पहला सुख *निरोगी की काया* बताया था। कल दूसरा सुख *घर में माया* के बारे में बताया था। आज उसी कड़ी में तीसरा सुख *आज्ञा कारी भार्या*पर विस्तार से समझाते हुए बताया कि घर में पति पत्नी के बीच इतनी आपसी समझ होनी चाहिए की वे एक दूसरे को समझ के साथ आगे बढ़ सके। आज्ञाकारी भार्या यानी की पत्नी का मतलब ये नही की वो गुलाम बन जाय बल्कि पति की बात को समझ कर आगे बढ़े।
आज तपस्या की लड़ी में वर्षा लक्ष्मीलाल लोढ़ा के 11के पुर के पच्खान हुए। जबकि उगम बाई परमार के आगे बढ़ने के भाव के साथ 11के पचखान हुए। गुप्त तपस्या के साथ ही उपवास बेले तेले के भी पचखान हुए। पनवेल संघ से अतिथि पधारे । महामंत्री बाबुभाई ने मंच संचालन करते हुए मेहमानो का स्वागत किया। यह जानकारी सहमंत्री उमेश सिसोदिया ने दी।