ज्ञान को आवृत्त करने वाला कर्म- ज्ञानावरणीय कर्म है। आत्मा में सब कुछ जानने की शक्ति होते हुए भी इस कर्म के कारण वह सब कुछ नहीं जान पाती। यह कर्म आत्मा के ज्ञान गुण को नष्ट नहीं करता परन्तु उसी तरह ढक देता है जैसे बादल सूर्य के प्रकाश को ढ़क देते हैं। इस कर्म के प्रभाव से सुनने व देखने की शक्ति मन्द हो जाती है या बहरापन आना या उनसे प्राप्त ज्ञान की अनुभूति न हो पाना ज्ञानावरणीय कर्म का फल है। सुना...
श्री गुजराती जैन संघ गांधीनगर में चातुर्मास विराजित दक्षिण सूर्य ओजस्वी प्रवचनकार डॉ श्री वरुण मुनि जी म.सा. ने बुधवार को धर्म सभा में उपस्थित श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि साधक को वीतराग वाणी,जिनवचन पर सच्ची श्रद्धा रखनी चाहिए। प्रभू महावीर ने श्रध्दा को परम दुर्लभ बताया है।उन्होंने कहा कि केवल सुनना ही पर्याप्त नहीं हैl धर्म कथा, सत्संग का असली लाभ जब मिलता है कि श्रोता गुरु की हित शिक्...
कर्नाटक प्रदेश की राजधानी फूलों की नगरी बेंगलुरु की धर्मधरा पर तुरकिया जैन भवन, गांधीनगर में चातुर्मासार्थ विराजित श्रमण संघीय उपप्रवर्तक परम पूज्य गुरुदेव श्री पंकज मुनि जी म. सा., दक्षिण सूर्य अमर शिष्य प.पू. डॉ. श्री वरुणमुनि जी म. सा., मधुर गायक मुनिरत्न प.पू. श्री रूपेशमुनि जी म.सा आदि ठाणा 3 एवं बेंगलुरु में विराजित समस्त साधु-साध्वीजी भगवंतो की पावन निश्रा में 5 अक्टूबर 2025 को सरदार वल्लभ ...
श्री गुजराती जैन संघ गांधीनगर में चातुर्मास विराजित दक्षिण सूर्य ओजस्वी प्रवचनकार डॉ श्री वरुण मुनि जी म. सा. ने मंगलवार को धर्म सभा में उपस्थित श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि सुनना भी एक कला है। हमारी साधना तभी सफल होगी जब हम गुरु ज्ञानी भगवंत से जिनवाणी श्रवण करके उसे अपने जीवन में उतारें। आचरण के बिना श्रवण निष्फल हो जाता है। श्रवण दही है और आचरण नवनीत है। श्रवण का सार आचरण है। भगवान मह...
जालना : प्रभू महावीरांनी जे- जे सांगितले त्याचे अनुकरण आम्ही करतो का? त्यांचे आपल्यावर अनंत उपकार आहेत. त्यांच्या सुंगधाचं रसपान करण्याची हीच वेळ आहे. सवाल आणि उत्तरही महावीरचं आहे. म्हणूनच म्हटले आहे की, प्रभू महावीरांना विसरल्यानंच आमच्या समस्या वाढू लागल्या. आपल्या समस्या का वाढू लागल्या याचा विचार करण्याची हीच वेळ आहे, असा हितोपदेश वाणीचे जादुगार श्रमण प.पू. रमणीकमुनीजी म.सा. यांनी येथे बोलतां...
युवक परिषद् तमिलनाडु के संचालन में प्रतिक्रमण सीखों अभियान के अंतर्गत चेन्नई व तमिलनाडु के अनेक केन्द्रों में परीक्षा सम्पन्न जैन परिवार के हर सदस्य को प्रतिक्रमण कंठस्थ हो आचार्य भगवन्त श्री हीराचन्द्रजी म.सा की प्रेरणा को लक्ष्य को लेकर चेन्नई में श्री जैन रत्न युवक परिषद् तमिलनाडु के तत्वावधान में प्रतिक्रमण के चतुर्थ चरण की परीक्षा का आयोजन रविवार 3 अगस्त 2025 को सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ | श्री...
गुरु आनंद प्रार्थना मंडल आकुर्डी निगडी प्राधिकरण द्वारा पुना दर्शन यात्रा का आयोजन किया गया प्रथम चरण मे उपाध्याय प्रवर प्रविण ऋषिजी म. सा., द्वितीय चरण पु मुकेश मुनीजी म. सा., त्रुतिय चरण पु. चैतन्यश्री जी म.सा. चतुर्थ चरण पु प्रथम दर्शनाजी एवं पंचम चरण में पु. प्रणव दर्शनाजी आदि ठाणा के दर्शन, प्रवचन, मंगलमय आशिर्वाद संग संप्पन्न हुई! त्रुतिय चरण दर्शन यात्रा में मधुर कंठी, प्रवचन प्रभाविका पु च...
अपनत्व के भाव हमे सम्रुध्द बना सकते है! साध्वी स्नेहाश्री जी म. सा. आकुर्डी- निगडी- प्राधिकरण श्री संघ के प्रांगण मे महाराष्ट्र सौरभ उपप्रवर्तिनी पु. चंद्रकलाश्री जी म. सा. आदिठाणा का चातुर्मास धर्मआराधना- जप- तप के माध्यम से सुचारु रुप से मार्गस्थ है! लेने से ज्यादा देने के भाव रखे! अपनत्व से संबंध मधुर बनते है! ज्यो हमे मिला है उसे स्विकारने के भाव हम मे चाहिए! यह सभी जीवन को सम्रुध्द बना सकते ह...
किलपॉक, चेन्नई : तमिलनाडु के इतिहास में प्रथम बार एवं मुनिश्री मोहजीतकुमारजी के सान्निध्य में पंचम बार ‘विघ्नहर ह्रीं कार अनुष्ठान’ का आयोजन तेरापंथ युवक परिषद्, किलपॉक के तत्वावधान में हुआ। ह्रीं कार की आकृति में बैठकर 151 जोडों सह सैंकड़ो अनुष्ठानकर्ताओं ने आचार्य सिद्धसेन द्वारा रचित कल्याण मन्दिर स्तोत्र का मुनि जयेशकुमारजी के भावपूर्ण संगान के साथ उच्चारण एवं श्रवण किया। ...
जालना : कोणाच्या सहयोगातून बाहेर यायचं. आपणही परमात्मा, महात्मा, धर्मात्मा तर आपण माणूसही राहत नाहीत. मैत्रीभावही आपल्याला समक्यत्व बनू शकते. कोणीही परखा नाही, मैंत्रीभावही आणू शकतो. ना की, मिथ्याभाव! असा हितोपदेश वाणीचे जादुगार श्रमण प.पू. रमणीकमुनीजी म.सा. यांनी येथे बोलतांना दिला. ते गुरु गणेश सभा मंडपात चार्तुमासानिमित्त आयोजित प्रवचनात श्रमणसंघीय सलाहकार, वाणीचे जादुगार प.पू. रमणीकमुनीजी म.सा...
शाकाहार के प्रणेता प्रसिध्द डॉक्टर श्रीमान कल्याण जी गंगवाल समाज शिरोमणी सेवा पुरस्कार से एवं ज्येष्ठ समाजसेवी आकुर्डी निगडी प्राधिकरण जैन श्रावक संघ के अध्यक्ष सुभाषजी ललवाणी “ खान्देश – शिरोमणी “ पुरस्कार से नवचैतन्य सामाजिक संस्था द्वारा सन्मानीत हुये l समाज के अन्य गणमान्यों को भी नवाज़ा गया! मूलता जलगाँव जिलेसे भडगाव तहसील क़जगांव से 50 वर्ष पुना स्थित हुये अपने अनेक सामाजिक व्यावसायिक ...
श्री गुजराती जैन संघ गांधीनगर में चातुर्मास विराजित दक्षिण सूर्य ओजस्वी प्रवचनकार डॉ श्री वरुण मुनि जी ने सोमवार को धर्म सभा में उपस्थित श्रद्धालुओं को सत्संग के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि अपने जीवन में ज्ञानी महापुरुषों की सत्संग करने से व्यक्ति जीवन में सफलता के नये शिखर पर पहुंच जाता है। उन्होंने कहा कि जैसा संग वैसा रंग। अर्थात् मनुष्य जिसके साथ रहता है। जिस वातावरण में काम करता है वह इं...