Author: saadhak

धर्म का मार्ग बताने वाली है जिनवाणी: जयतिलक मुनिजी

नार्थ टाउन में ए यम के यम स्थानक में गुरुदेव जयतिलक मुनिजी ने प्रवचन में कहा कि आत्म बधुओ, जिनेशवर भगवान महावीर की वाणी धर्म को प्रस्तुत करने वाली हैl उनकी वाणी से ही जन-2 को ये ज्ञान प्राप्त होता है कि धर्म क्या है, धर्म पालन कैसे करना है। शुद्ध रूप से धर्म का मार्ग बताने वाली धर्म में आगे बढाने वाली एक मात्र वाणी जिनवाणी है। जिसने भी इस जिनवाणी को सुना और अपने साम्थर्य से अपनाया, अपनायेगें और अप...

साधु और साध्वियों को साधना के आठ सूत्रों में होना चाहिए पारंगत: साध्वी नूतन प्रभाश्री

साध्वी जी ने बताया भगवान महावीर ने कहा साधना के जो आठ सूत्रों को उपलब्ध है उसे ही बोलने का अधिकार है Sagevaani.com /शिवपुरी। प्रसिद्ध जैन साध्वी नूतन प्रभाश्री जी भगवान महावीर की अंतिम वाणी उत्तराध्यन सूत्र का वाचन कर रही हैं। उत्तराध्यन सूत्र के 25 वें अध्ययन में उन्होंने बताया कि भगवान महावीर ने साधू और साध्वियों के लिए साधना के आठ सूत्र बताए हैं। इन आठ सूत्रों में पारंगत होने पर ही उन्हें धर्म ...

आहार संज्ञा की सभी जीवों में प्रधानता होती है: जयतिलक मुनिजी

नार्थ टाउन में गुरुदेव जयतिलक मुनिजी ने प्रवचन में कहा कि 10 प्रकार की संज्ञा की परिभाषा भगवान ने किया। इन संज्ञाओ में संसार बढ़ाने का बहुत साम्थर्य है ये सभी‌ जीवों में पायी जाती है। आहार संज्ञा की सभी जीवों में प्रधानता होती है।आहार के बिना शरीर का निर्माण नहीं होता। ये आहार जन्म से मरण तक निरन्तर चलता रहता है। ये संज्ञा का कभी विराम नही होता चारों आहार का त्याग होने पर भी रोम आहार निरन्तर चालू र...

उप वर्तनी संथारा प्रेरिका सत्य साधना जी महाराज साहब की 50 दीक्षा जयंती बड़े ही हर्ष उल्लास के साथ मनाई गई

हमारे भाईन्दर में विराजीत उपप्रवृत्तिनि संथारा प्रेरिका सत्य साधना ज गुरुणी मैया आदि ठाणा 7 साता पूर्वक विराजमान हैl वह रोज हमें प्रवचन के माध्यम से नित नयी वाणी सुनाते हैंl बंधुओं जैसे कि वर्धमान जैन स्थानक वासी भायंदर मैं कल हमारे यहां पर विराज सत्य साधना जी महाराज साहब अर्हत ज्योति जी महाराज साहब तन्मय श्री जी महाराज साहब हित साधना जी महाराज साहब हर्ष प्रज्ञा जी महाराज साहब गुरु छाया जी महाराज ...

गूदनी मैया का 50 वन जन्म दिवस मनाया गया

हमारे भाईन्दर में विराजीत उपप्रवृत्तिनि संथारा प्रेरिका सत्य साधना ज गुरुणी मैया आदि ठाणा 7 साता पूर्वक विराजमान हैl वह रोज हमें प्रवचन के माध्यम से नित नयी वाणी सुनाते हैं वह इस प्रकार हैंl बंधुओं जैसे कि आज हमारे गूदनी मैया का 50 वन जन्म दिवस मनाया गयाl उसमें 1500 से अधिक संख्या थी गुना बेंगलुरु हैदराबाद औरंगाबाद सभी जगह से बहुत लोग पधारे थेl सभी का सम्मान कियाl सुचारू रूप से बहुत ही अच्छा प्रोग...

आचार्यश्री हीराचंद्रजी म.सा का 61 वां दीक्षा दिवस

स्वाध्याय भवन, साहूकारपेट, चेन्नई :- आचार्यश्री हीराचंद्रजी म.सा का 61 वां दीक्षा दिवस श्री जैन रत्न हितैषी श्रावक संघ, तमिलनाडु के तत्वावधान में स्वाध्याय भवन, साहूकारपेट चेन्नई में सामायिक दिवस के रुप मे मनाया गया | उपस्थित श्रद्धालुओं ने महावीर चालीसा, हस्ती चालीसा व हीरा चालीसा की सामुहिक स्तुति की |  आचार्यश्री के 61 वें दीक्षा दिवस कार्यक्रम का संचालन करते हुए श्रावक संघ के कार्याध्यक्ष आर. ...

बिना किसी को मिटाए, निर्माण की नई रेखाएं खींचें: देवेंद्रसागरसूरी

श्री सुमतिवल्लभ नोर्थटाउन जैन संघ में बिराजमान पूज्य आचार्य श्री देवेंद्रसागरसूरिजी ने प्रवचन देते हुए कहा कि कुछ नया करना है, तो संकल्प लेना ही होगा। संकल्प तो हम ले लेते हैं, लेकिन जीने के आधुनिक तौर-तरीके हमें अपने संकल्प, अपनी शपथ से भटका देते हैं। और कभी-कभी रास्ते में ही अटका देते हैं। एक अच्छे इंसान आप तभी बन सकते हो जब आपके अंदर आत्मविश्वास हो, कुछ कर गुजरने का दृढ़ निश्चय हो, साहसी निर्णा...

माम्बलम संघ ने मनायी गुरू गणेश की 144 वी जन्म जयन्ती

कार्यकर्त्ताओं,तप-त्याग, श्रावक व्रत एवं विशेष धर्म आराधना करने वालों का श्री संघ की तरफ बहुमान 26 नवम्बर रविवार को भगवान महावीर सेवा समिति द्वारा 364 वां अन्नदानं कार्यक्रम भी आयोजित Sagevaani.com /चेन्नई : श्री एस एस जैन संघ माम्बलम के तत्वावधान एवं चातुर्मासार्थ विराजित स्वर्ण संयम आराधक गुरुदेवश्री वीरेन्द्रमुनीजी म.सा. के सान्निध्य में कर्नाटक गज केसरी खद्दरधारी गुरुदेव श्री गणेशलालजी म .सा. ...

धर्म धारण करने योग्य है: जयतिलक मुनिजी

नार्थ टाउन में गुरुदेव जयतिलक मुनिजी ने कहा कि धर्म धारण करने योग्य हैl ये सदाकाल साथ रखना है धर्म तो हमारे हृदय के कण कण में होना चाहिएl धर्म के बिना जीवन व्यर्थ है धर्म के बिना जीवन भार है। धर्म हितकारी है ये सभी प्रकार से साता पहुँचा कर जीव को भव सागर से तारता हैl यदि धर्म न हो तो संसार में सिर्फ दुःख ही होगा। परम सुख को पाने के लिए धर्म मार्ग का निरुपण जिनेश्वर भगवान द्वारा किया गया है। राग, द...

ज्ञानपंचमी है ज्ञान की आराधना का महान पर्व : देवेंद्रसागरसूरि

श्री सुमतिवल्लभ नोर्थटाउन श्वेतांबर मूर्तिपूजक जैन संघ में आचार्य श्री देवेंद्रसागरसूरिजी ने ज्ञान पंचमी के दिन विशेष प्रवचन देते हुए कहा कि ज्ञानपंचमी पर्व ज्ञान की आराधना का महान् पर्व है, जो मानव समाज को वीतरागी संतों की वाणी, आराधना और प्रभावना का सन्देश देता है। इस पवित्र दिन श्रद्धालुओं को श्रद्धाभक्ति से महोत्सव के साथ आगमो की पूजा-अर्चना करनी चाहिएl अज्ञान के अन्धकार को मिटाकर ज्ञान का प्र...

जब आपकी शक्ति जागृत होती है तो देवता भी आपसे प्रेम करते हैं: प्रवीण ऋषि

लालगंगा पटवा भवन में जारी है पुच्छिंसुणं आराधना Sagevaani.com /रायपुर। जंबूस्वामी की जिज्ञासा के उत्तर में सुधर्मा स्वामी ने एक अनूठे स्तोत्र पुच्छिंसुणं (वीर स्तुति) की रचना की, जिसकी आराधना लालगंगा पटवा भवन में जारी है। उपाध्याय प्रवर ने शनिवार को कहा कि पुच्छिंसुणं की 6 गाथा (स्तोत्र 9 से 14) के मूल सूत्र को ध्यान में रखोगे तो जीवन में नई यात्रा के लिए पथ खुलेगा। ये स्तोत्र हमारे अंदर के महावीर...

अनादि काल से आत्मा संसार में परिभ्रमण कर रही है: जयतिलक मुनिजी

नार्थ टाउन में चातुर्मासार्थ विराजित गुरुदेव जयतिलक मुनिजी ने प्रवचन में कहा कि आत्म बंधुओ, अनादि काल से आत्मा संसार में परिभ्रमण कर रही है। परिभ्रमण का मूल कारण आठ कर्मो का बंधन है। इस बधंन से छुटकारा पाने कि परम व चरम औषधि धर्म है। धर्म के आभाव में न कोई आत्मा संसार से मुक्त हुई है न होगी। धर्म ही आत्मा को शाश्वत सुख प्रदान करता है इस संसार में सार्थक काम धर्म ही है पर अज्ञानता के कारण व्यक्ति प...

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