चेन्नई में साहूकारपेट के बेसिन वाटर वर्क्स स्ट्रीट पर स्थित स्वाध्याय भवन’ में शुक्रवार 1 मई 2026 को वैशाख शुक्ल पूर्णिमा [ बुद्ध पूर्णिमा ] पक्खी पाक्षिक पर्व के पावन प्रसंग को स्वाध्याय दिवस के रुप मे मनाया गया | आर नरेन्द्रजी कांकरिया ने आचार्यश्री हस्तीमलजी म.सा द्वारा अर्थ व भावार्थ किए गये प्रश्न व्याकरण सूत्र में वर्णित आश्रव द्वार के अंतर्गत अब्रह्न द्वार पर मार्मिक विवेचन किया व अब्रह्म के भयंकर दुष्परिणाम के बारे में बताया | अकर्म भूमि व कर्म भूमि के बारे में उपस्थित जिज्ञासु स्वाध्यायीगण ने चर्चाएं की |
हितेन कोठारी ने जीवन संकल्प सूत्र पाठ किया | जे कमलजी चोरडिया ने तीन मनोरथ पाठ किया | वरिष्ठ स्वाध्यायी महावीरचन्दजी बागमार ने दैनिक चिन्तन सूत्र व सामूहिक नियम कराये,स्वाध्यायी श्री इंदरचंदजी कर्णावट ने प्रत्याख्यान करवाये | इस प्रसंग पर पदमचन्द श्रीश्रीमाल योगेश श्रीश्रीमाल लीलमचन्द बागमार,रुपराज सेठिया गौतमचन्द मुणोत महावीरचन्द कर्णावट,उच्छबराज गांग,ज्ञानचंद बागमार आदि ने सामायिक स्वाध्याय करते हुए प्रत्याख्यान किये |
स्वाध्याय भवन में सेवक आर नरेन्द्रजी कांकरिया ने आलोयणा पाठ किया | सायंकालीन प्रतिक्रमण स्वाध्यायी बन्धुवर श्री बादलचन्दजी बागमार ने करवाया | श्री कान्तिलालजी तातेड़ ने तीन मनोरथ व संकल्प सूत्र पाठ किया | गुरु सुखसाता पृच्छा पाठ स्वाध्यायी श्री गौतमचन्दजी मुणोत ने करवाया | प्रतिक्रमण व सामूहिक वन्दन के पश्चात स्वाध्यायीगण ने चोवीसी की सामूहिक स्तुति करते हुए वैशाख शुक्ल पूर्णिमा पक्खी पर्व पर क्षमायाचना की |
प्रेषक : स्वाध्याय भवन’ 24/25 – बेसिन वाटर स्ट्रीट साहूकारपेट चेन्नई तमिलनाडु