गरीब और जरूमंद शिक्षा प्राप्त करने वाले बालक बालिकाओं को पढ़ने और लिखने के किट दिये संस्कार महिला शाखा ने Sagevaani.com /चैन्नई। ज्ञान की आरधना का महापर्व है ज्ञान पंचमी।शनिवार को साहुकार पेट भवन में महासती धर्मप्रभा ने ज्ञान पंचमी पर आयोजित धर्मसभा में श्रोताओं को सम्बोधित करते हुए कहा कि ज्ञान आत्मा का श्रंगार है और जीवन यापन का साधन है बिना ज्ञान के मनुष्य न धन कमा सकता है और नाहि संसार से मुक्...
शनिवार 18 नवम्बर 2023 को रत्नवंश के छठे पट्टधर जीवन निर्माण के शिल्पकार बालब्रह्मचारी आचार्य भगवन्त पूज्यश्री शोभाचंद्रजी म.सा का जन्म दिवस श्री जैन रत्न हितैषी श्रावक संघ,तमिलनाडु के तत्वावधान में ज्ञान दिवस के रुप मे स्वाध्याय भवन साहूकारपेट,चेन्नई में मनाया गया| विशेष रुप से ज्ञान पंचमी तिथि के पावन प्रसंग पर वरिष्ठ स्वाध्यायी आर.वीरेन्द्रजी कांकरिया ने मति श्रुत अवधि ज्ञान,मन पर्यय व केवल ज्ञा...
Sagevaani.com /चेन्नई. बिन्नी के श्री सुमतिवल्लभ नोर्थ टाउन जैन मंदिर के प्रांगण में पूज्य आचार्य श्री देवेंद्रसागरसूरिजी ने अपने प्रातःकालीन प्रवचन में कहा कि दीन-दुखियों को देखकर हमारे मन में करुणा और सेवा भाव उमड़े। ऐसा संवेदनशील हृदय जिसके पास है, वही भक्ति मार्ग पर आगे बढ़ सकता है। इसलिए समर्थ लोगों को दीन-हीनों और असहायों की बढ़-चढ़कर सेवा करनी चाहिए। इस प्रकार से मिला अवसर अपने हाथ से नहीं ...
नार्थ टाउन में गुरुदेव जयतिलक मुनिजी ने कहा कि जिणवाणी स्वरूप गंगा मे भगवान महावीर ने संसार सागर से तिरने के लिए प्रवाहित की। भगवान महावीर ने दो प्रकार के धर्म बताये अणगार धर्म और आगार धर्म । जो अणगार धर्म को स्वीकार नही कर पाते वे गृहस्थ से दृढ़ता में रहते हुए भी श्रावक व्रत से जुड़ कर मर्यादा कर सकते है। व्रत पालन से दृढ़ता आती है। सागर समान पापों को बिन्दु कें समान बना लेता है। पाप से बचने लिए...
लालगंगा पटवा भवन में जारी है पुच्छिंसुणं आराधना Sagevaani.com /रायपुर। उपाध्याय प्रवर ने कहा कि जंबूस्वामी ने जो भगवान महावीर को लेकर पूछा, उसका जवाब देते हुए सुधर्मा स्वामी ने कहा कि तुम्हे यदि परमात्मा के ज्ञान, दर्शन शील को जानना है तो पहले उनके धर्म को जानो। परमात्मा का धर्म कैसा है? कैसा जन्मा है? जिंदगी में जब भी कोई निर्णय करना हो तो उस समय भूतिप्रज्ञ बनकर निर्णय कीजिये। सुधर्मा स्वामी न तो...
सुवर्ण इतिहास का अमर पुस्तक और जीवन को जीवंत (चैतन्यमय) निरिक्षण करनेवाले साध्वीजी को कोटिशः धन्यवाद… साधुवाद… अद्भूत चारित्रनायक, शासन के शूरवीर *पू.. आ. श्री यतीन्द्रसूरीश्वरजी महाराजा* के हस्तो से दीक्षित एवं शिक्षित साध्वीजी भगवंत में शासन राग की विविधता – विशिष्टता एक साथ थी। साधना की विशेषता के प्रभाव से अंत समय भी जागृत अवस्था को त्याग के शिखर तक ले गए। देहत्याग के कुछ समय...
गुरु गणेश मिश्री पावन धाम सुल्लूरपेठ के प्रांगण में परम पूज्य स्पष्ट वक्ता श्री कांति मुनि जी म. सा. एवं श्रमण संघीय उप प्रवर्तक परम पूज्य श्री पंकज मुनि जी म. स. के पावन सान्निध्य में 19 नवंबर को कर्नाटक गज केसरी घोर तपस्वी श्री गणेश लाल म.सा. की पावन जन्म जयंती गुणगान सभा एवं सामायिक दिवस के रूप मनाई जाएगी । उपरोक्त जानकारी देते हुए मुनि रत्न श्री रूपेश मुनि जी म. सा. ने फरमाया कि इस अवसर पर दक्...
Sagevaani.com /चैन्नई। धर्म से ही आत्मा का अभ्युदय होता है और आत्मा को संसार से मुक्ति मिलती है। गुरूवार साहुकार पेट जैन भवन में महासाध्वी धर्मप्रभा ने आयोजित धर्मसभा में श्रध्दालूओं को सम्बोधित करते हुए कहा कि धर्म-कर्म से ही आत्मा का कल्याण हो सकता है। मानव भव बार बार नहीं मिलता है अंनत पुण्यवानी करने पर प्राप्त होता था। मनुष्य जीवन मिलने के बाद उसने धर्म के मार्ग पर वो नहींं चलता है तो उसे जीवन...
आचार्य श्री देवेंद्रसागरसूरीश्वरजी ने श्री सुमतिवल्लभ नोर्थटाउन श्वेतांबर मूर्तिपूजक जैन संघ में दैनिक प्रवचन देते हुए कहा कि अगर जिंदगी में कुछ करना है तो एक जिंदगी में हजार जिंदगी के बराबर काम करना होगा तभी आप को सफलता मिल सकती हैं इसका मतलब यह है कि सफल इंसान बनने के लिए आपको बहुत मेहनत करनी होगी। यह बात बिल्कुल सच है कोई भी आज तक बिना मेहनत किये बड़ा नहीं बना है जिंदगी में कामयाब होने के लिए आ...
Sagevaani.com /रायपुर। जंबूस्वामी की जिज्ञासा से एक अनूठे स्तोत्र का जन्म हुआ। सुधर्मा स्वामी ने उनकी जिज्ञासा को शांत करते हुए पुच्छिंसुणं की 108 पंक्तियों में प्रभु महावीर के साथ बिताये 30 वर्षों के अनुभव को सजाया है। पुच्छिंसुणं एक अनूठा स्तोत्र है जिसे प्रभु के जीवन को जीने वाले सुधर्मा स्वामी अपने शब्दों में सजाया है और बुधवार से इसकी आराधना लालगंगा पटवा भवन में शुरू हुई है। उपाध्याय प्रवर प्...
लालगंगा पटवा भवन में शुरू हुई वीरत्थुई की आराधना धर्मसभा में प्रवीण ऋषि से मिले महंत रामसुंदर दास Sagevaani.com /रायपुर। उत्तराध्ययन श्रुतदेव आराधना के बाद लालगंगा पटवा भवन में बुधवार को एक अनोखी यात्रा प्रारंभ हुई। जम्बूस्वामी की जिज्ञासा के उत्तर में सुधर्मा स्वामी द्वारा रचित भगवान महावीर की अनोखी व अद्भुत स्तुति पुच्छिंसुणं (वीर स्तुति) की आराधना। उपाध्याय प्रवर प्रवीण ऋषि ने कहा कि जंबूस्वामी...
Sagevaani.com /चैन्नई। भगवान की भक्ति में हो या पारवारिक रिश्तों में समर्पण और प्रेम नहीं, स्वार्थ की भावना छिपी हुई है,तो भक्ति करना और रिश्ते निभाना व्यर्थ है। बुधवार जैन भवन के मरूधर केसरी दरबार में महासती धर्मप्रभा ने भाई बहन के पवित्र त्यौहार भाई दुज पर श्रध्दालूओं को शुभ आर्शीवाद और बधाई देतें हुए कहा कि भाई दूज को यम द्वितीया के नाम से भी जाना जाता है इस दिन यम देवता की पूजा भी की जाती है। ...