मंडी डबवाली में श्री वीरकांता महासाध्वी ठाणे 4 का पावन चातुर्मास चल रहा है। साध्वी अर्पिता जी ने पापों की आलोचना करवाते हुए कहा -लोभ सभी पापों का बाप है । लोभ और परिग्रह दोनों का गहरा संबंध है ।
लोभी व्यक्ति पहले कलैक्शन करता है और बाद में वह प्रोटेक्शन करता है। न वो स्वंय पर खर्च करता है और ना ही दूसरों पर खर्च करता है । परिवार में रहते हुए परिग्रह करना पड़ता है परन्तु लोभ करने वाला व्यक्ति अपनी आत्मा का पतन करता है ।आजकल तो लोग भगवान को भी लोभ देते है ।
सवा रुपए का प्रशाद चढ़ाकर पूरे साल की मेहनत का फल मांगते है । देने वाले परमात्मा कभी हमसे मांगते नहीं है। वो तो सच्चे हृदय से भक्ति चाहते है।सच्चे हृदय में भगवान का वास होता है वहाँ लोभ नहीं रहता ।
जानकारी देते हुए प्रधान सुभाष जैन पप्पी ने बताया कि आज वैराग्न खुशी जैन का पारणा दिवस भी मनाया गया। खुशी जैन ने अपने 41 आयंबिल का तप पूर्ण किया। वहीं प्रतिदिन जैन स्थानक में परवचन सुबह 8 से 9 बजे तक हो रहे हैं।



