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जय आनंद मधुकर रतन भवन में गौतम लब्धि कलर्स अनुष्ठान की योजना का प्रारंभ हुआ

दुर्ग उपाध्याय प्रवर श्री प्रवीण ऋषि जी के सानिध्य में सकल जैन संघ के द्वारा जय आनंद मधुकर रतन भवन में गौतम लब्धि कलर्स अनुष्ठान की योजना का प्रारंभ हुआ। जिसमें जैन समाज के सभी परिवारों ने कलश अनुष्ठान में भाग लिया गौतम लब्धि कलश अनुष्ठान योजना दुर्ग शहर के सभी जैन परिवार में पहुंचाना इस योजना का एकमात्र उद्देश्य है। परिवार के सभी सदस्यों के जीवन में दान करने की भावना का निर्माण हो इस उद्देश्य गौतम लब्धि कलश योजना से सभी जैन परिवारों को जोड़ा जाएगा। सेवा शिक्षा विकास के उद्देश्य से जैन समाज के स्वधर्मी भाई बहनों को इस योजना से सहयोग किया जाएगा। गौतम लब्धि कलश योजना क्या है जाने गौतम लब्धि कलश जैन समाज के घरों में स्थापित की जाएगी इस कलश में परिवार के प्रत्येक सदस्य को अपने सामर्थ्य अनुसार गौतम स्वामी का स्मरण एवं नमन करते हुए राशि समर्पण करना है या राशि ₹1 से लेकर जितनी आप चाहें उतनी हो सक...

जहां कोई नहीं हारता उस कुल को जिनेश्वर का कुल कहते हैं: प्रवीन ऋषि

दुर्ग /श्रमण संघ के उपाध्याय प्रवर श्री प्रवीण ऋषि जी महाराज की जय आनंद मधुकर रतन भवन बांधा तालाब दुर्ग में अध्यात्मिक प्रवचन श्रृंखला चल रही है और लोग धर्म सभा मैं प्रवचन का आनंद ले रहे हैं। देशभर के जैन समाज के लोग भी यूट्यूब और फेसबुक के माध्यम से उनके लाइव प्रवचनों का श्रवण कर रहे हैं। जहां सभी जीतते हैं जहां कोई नहीं हारता उस कुल को जिनेश्वर का कुल कहते हैं। जब हम किसी को हराकर जीतते हैं तो हारने वाले के मन में दिल में एक गांठ बन जाती है। जो जीवन पर्यंत नहीं खुलती संपूर्ण विश्व में सभी जीव सुखी रहें। मानव जीवन सुखी रहे पूरे विश्व में अहिंसा का वातावरण बने आज पूरी दुनिया में इस मार्ग की महती आवश्यकता है। सोच को सच करने के लिए पुरुषार्थ की आवश्यकता है उपाध्याय प्रवर ने कहा जहां एक दूसरे के दुखों को जगाया जाता है। जहां दूसरों के दुखों को बढ़ाया जाता है वही नरक है जीवन में दुखों के साथ ऐस...

मेडिटेशन सबसे अच्छी मेडिसन: मुनिश्री अर्हत् कुमारजी

दो दिवसीय प्रेक्षाध्यान शिविर में 150 संभागी ले रहे लाभ आज दुनिया प्रगति के अमाप्य सपने देख रही है, हर व्यक्ति विकास के अनछुए पहलुओं को छूना चाहता है। पर इस लक्ष्य प्राप्ति की भाग दौड़ ने उसके मानसिक, शारीरिक एवं भावनात्मक रूप को अत्यधिक प्रभावित किया है। उपरोक्त विचार एस एस जैन संघ, सिरकाली में तेरापंथ सभा द्वारा आयोजित दो दिवसीय प्रेक्षाध्यान शिविर के उद्घाटन समारोह में मुनि अर्हत् कुमार ने कहें। मुनिश्री ने आगे कहा कि आज विज्ञान ने कितनी क्रांति कर दिखाई है। अपने घर की चार दीवारों से निकल, आज का इंसान पांच महाद्वीपों की यात्रा करने लगा है। पत्थर के टुकड़ों से प्रहार करते-करते आज अणुबम जैसे भीषण अस्त्र-शस्त्र बना चुका है। जिस हिसाब से साइंस टेक्नोलॉजी बढ़ रही है, उससे लगता है संसार का बाह्य ढांचा काफी बदल जाएगा। आज विज्ञान ने अनेक सुविधाएं और संसाधनों का अविष्कार कर व्यक्ति को सुख देने क...

ऐसा परिवार बनो की संत भी उस परिवार से मिलने की इच्छा रखें: प्रवीन ऋषि 

दुर्ग / जय आनंद मधुकर रतन भवन दुर्ग में श्रमण संघीय उपाध्याय प्रवर श्री प्रवीण ऋषि जी महाराज का मंगल प्रवचन का लोग लाभ उठा रहे हैं। श्री तीर्थेश ऋषि का प्रवचन के पूर्व मंत्रमुग्ध करने वाला भजन को धर्म सभा में बेहद पसंद किया जा रहा है। भारत भर के उनके मानने वाले लोग भी उपाध्याय प्रवर श्री प्रवीण ऋषि जी के प्रवचनों का यूट्यूब एवं फेसबुक के माध्यम से भी देख रहे हैं। धर्म सभा को संबोधित करते हुए उपाध्याय प्रवर ने कहा जिन शासन की प्रभावना करते हुए ऐसा परिवार बनो की संत भी उस परिवार से मिलने की इच्छा रखें। संत उनसे मिलने को बेकरार हो जाए घर को स्वर्ग बनाने का की बात जिनशासन नहीं करता। जैन धर्म एक अद्भुत धर्म है। जैन जिनशासन किसी को भी स्वर्ग में जाने की बात नहीं करता। स्वर्ग का मतलब शिखर में पहुंचना और नीचे गिरना होता है। ऐसी मंजिल हम क्यों चुने, जिसमें गिरना ही गिरना है। जिनशासन का लक्ष्य है कि...

स्वरचित कविता प्रस्तुति का हुआ आयोजन

तेरापंथ महिला मण्डल द्वारा चेन्नई:- तेरापंथ महिला मंडल के तत्वावधान में असाधारण साध्वी प्रमुखा कनकप्रभा के मनोनयन अमृत महोत्सव के उपलक्ष में स्वरचित कविता प्रस्तुति का कार्यक्रम वर्चुअल  जूम एप्लिकेशन के माध्यम से रखा गया। कार्यक्रम का शुभारंभ कार्यसमिति सदस्य मंजू चिप्पड़ के नमस्कार महामंत्र के उच्चारण से हुआ। श्रीमती उषा बोहरा, कंचन भंडारी, लता पारख, पदमा बुबकिया, रक्षा आच्छा, नितीका हिरण, वनिता कोठारी एवं कार्यक्रम की संयोजिका सुभद्रा लुणावत, इन सभी बहनों ने अपनी प्रतिभा का परिचय देते हुए स्वरचित कविता अपने-अपने अंदाज में प्रस्तुत की। अध्यक्षा पुष्पा हिरण ने अपनी भाव अभिव्यक्ति देते हुए स्वरचित कविता प्रस्तुत की। राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य श्रीमती माला कातरेला की गरिमामय उपस्थिति रही। कार्यक्रम का संयुक्त संचालन मंत्री रीमा सिंघवी एवं प्रचार प्रसार मंत्री सुभद्रा लुणावत ने किया। स्वरुप ...

हमें समस्या पैदा करने वाला इंसान नहीं समाधान देने वाला इंसान बनना है : प्रवीण ऋषि

दुर्ग / छत्तीसगढ़ शासन के राजकीय अतिथि श्रमण संघीय उपाध्याय प्रवर श्री प्रवीण ऋषि जी महाराज ने आज अंजोरा से बिहार कर दुर्ग नगर में प्रवेश किया। आज उनकी अगवानी के लिए श्रमण संघ परिवार विशेष रूप से उपस्थित थे जहां सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए उपस्थित जनसमुदाय मास्क लगाकर उपस्थित थे। जय आनंद मधुकर रतन भवन बांधा तालाब दुर्ग भी धर्म सभा को संबोधित करते हुए उपाध्याय प्रवर प्रवीण ऋषि ने कहा मिलना बहुत महत्वपूर्ण होता है। जो जीवन में मिला है उसकी कदर करना सीखो और जो कदर करेगा वही जीवन के सच्चे सुख को भूखे का भोगेगा। गौशालक की तेरह कद्रदान बनो कद्रदान बनोगे तो आपको कोई इंद्र भूति बनने से नहीं रोक सकता। आप काम गधे से लेते हो और घास गाय को डालते हो गाय गोबर और गोमूत्र बिना मांगे देती है लेकिन उसके दूध के लिए उसे घास खिलाना होता है घास को दूध में बदलने की कला गाय के पास ही है।  बदलने की कला सीखने...

श्रमणसंघ उपाध्याय प्रवर प्रवीण ऋषि का कल दुर्ग प्रवेश

दुर्ग श्रमण संघ के उपाध्याय प्रवर श्री प्रवीण ऋषि जी महाराज का कल प्रातः दुर्ग नगर प्रवेश होगा। उपाध्याय प्रवर राजनांदगांव से विहार कर सोमनी अंजोरा होते हुए कल प्रातः 8:30 बजे वर्तमान हाइट्स गंजपारा से जय आनंद मधुकर रतन भवन में नगर प्रवेश करेंगें। श्रमण संघ के प्रचार प्रसार प्रमुख नवीन संचेती ने जानकारी देते हुए बताया दुर्ग नगर में गुरुदेव श्री का प्रवास लगभग एक सप्ताह का होगा। जिसमें श्रमण संघ परिवार के अलावा जैन समाज के विभिन्न संगठनों को मार्गदर्शन प्रदान करेंगे। उपाध्याय प्रवर का राजनांदगांव दुर्ग मंगलम चरोदा एवं रायपुर में भी नगर आगमन होगा उसके पश्चात वे जोधपुर राजस्थान के लिए रवाना होंगें।  छत्तीसगढ़ प्रवर्तक श्री रतन मुनि जी महाराज एवं जैन आध्यात्मिक संत श्री प्रवीण ऋषि जी का मंगल साधना केंद्र मंगलम चरोदा में मंगल मिलन होगा। जहां अन्य साधु समुदाय विराजमान रहेंगे, उसके पश्चात उनका रा...

संयम के लिए खाना साधना

रूपांतरण शिल्पशाला कार्यशाला का हुआ आयोजन      तेरापंथ महिला मण्डल की आयोजना चेन्नई : – अखिल भारतीय तेरापंथ महिला मंडल के तत्वावधान में तेरापंथ महिला मंडल चेन्नई की आयोजना में रूपांतरण शिल्पशाला आहार विषय पर वर्चुअल के माध्यम से कार्यशाला आयोजित की गयी। कार्यशाला की शुरुआत कार्यसमिति सदस्य मन्जु चिप्पड़ के द्वारा नमस्कार महामंत्र से हुई। प्रेरणा गीत का संगान संगीता आच्छा ने किया। तत्पश्चात अध्यक्ष पुष्पा हिरण ने वर्चुअल कार्यशाला में उपस्थित सभी का स्वागत करते हुए सभी को मकर संक्रांति (पोंगल) की अग्रिम शुभकामनाएँ दी एवं खानपान सम्बन्धी जैन दर्शन के अनुसार तीन तरह के ओज, रोम और कवल आहार संबंधी जानकारी दी। श्रावक निष्ठा पत्र का वाचन संरक्षिका श्रीमती कमला गेलडा ने किया। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता श्रीमती साधना परमार ने आहार विषय पर प्रकाश डालते हुए कहा की जैन धर्म के अनुसार एवं वैज्ञानिक ...

शांत सहवास के लिए जरूरी समन्वय : साध्वी प्रमुखा कनकप्रभा

_‘‘लेखिका तेरापंथ धर्म संघ की अष्टम् असाधारण साध्वी प्रमुखा हैं जो गत पचास वर्षों से नारी चेतना को जागृत करने का अद्भुत कार्य कर रही हैं। उनकी प्रेरणा और प्रोत्साहन भरे मार्गदर्शन में तेरापंथ महिला समाज ने अभूतपूर्व प्रगति की है। महिला समाज अपने संस्कारों और संस्कृति को अक्षुण्ण रखते हुए विकास पथ पर अग्रसर हो इसके लिए वे अहर्निश प्रयासरत हैं।’’_   परिवार समाज की एक ईकाई है। उसके दो रूप हैं- एकल परिवार और संयुक्त परिवार। भारतीय समाज व्यवस्था में संयुक्त परिवार की व्यवस्था मान्य रही है। आधुनिकता का प्रभाव अथवा शिक्षा, व्यवसाय आदि अपेक्षाओं के उद्भाव से आज संयुक्त परिवार की प्रथा चरमरा गई और एकल परिवार व्यवस्था प्रतिष्ठित होती जा रही है। एकल परिवार हों या संयुक्त परिवार, शांत सहवास की अपेक्षा दोनों को है। परिवार एक पाठशाला है। वहां सहयोग, सामंजस्य, सेवा, सद्भावना आदि गुणों की सीख सहज रूप...

मानव में मानवता नहीं तो मानव भी दानव – मुनि श्री अर्हत् कुमार

भगवान महावीर ने सभी जीवो के लिए चार बातों की दुर्लभता बताई। चार दुर्लभ बातों मे एक दुर्लभ बात है- मनुष्य जीवन। आज मनुष्य तो बहुत है, पर मनुष्यता नहीं है। इंसान तो है, पर इंसानियत नहीं है। नारकी घोर दु:खों से आक्लांत है, देवता विलास प्रिय होते हैं, तीर्यंच गति विवेक से शुन्य है। एक मात्र मनुष्य ही ऐसा प्राणी है, जो अपना आत्म चिंतन कर सकता है। उपरोक्त विचार चंचल (छल्लाणी) निवास में धर्मपरिषद् को सम्बोधित करते हुए मुनिश्री अर्हत् कुमार ने कहें। मुनिश्री ने आगे कहा कि चार गति, चौरासी लाख जीव योनि में भटकते भटकते बहुत मुश्किल से यह मनुष्य भव मिला। अगर हमने इसकी सार्थकता नहीं समझी, तो यह भव मिला, ना मिला, हमारे लिए एक समान है। मनुष्य गति प्राप्त करने के लिए देवता भी लालायित रहते हैं। पर आज हमने इसका महत्व भूला दिया है। हम केवल बाहर के आकर्षणों मे उलझ कर रहे गए हैं। हमे इसको व्यर्थ ना गंवा कर, इस...

टीपीएफ एवं आरसीसी मैग्नम द्वारा टैली कोर्स बैच 8 और 9 के विद्यार्थियों को प्रमाण पत्र वितरण

पट्टालम, चेन्नई :-  तेरापंथ प्रोफेशनल फोरम (टीपीएफ) लगभग पिछले 3 वर्षों से, करोना महामारी के अंतर्गत भी, ऑनलाइन- ऑफलाइन प्रशिक्षण द्वारा दो मासी अकाउंट्स एंड टैली कोर्स, हुनर प्रोजेक्ट के तहत स्किल डेवलपमेंट सेंटर में निरंतर चलाते हुए गतिमान है।  इस कोर्स की फीस कम रखते हुए जन जन तक यह सुविधा पहुंचाने में टीपीएफ चेन्नई का भरसक प्रयत्न रहा है। इस हुनर प्रोजेक्ट का उद्देश्य औद्योगिकरण पूर्ण समय में सही ट्रेनिंग के साथ कैरियर बनाना रहा है। दिनांक 5 जनवरी 2022 शाम 8.00 बजे तेरापंथ जैन विद्यालय पट्टालम के प्रांगण में आठवें एवं नवमें बैच के विद्यार्थियों को प्रमाण पत्र वितरण का कार्यक्रम रखा गया। इस अवसर पर टीपीएफ साउथ जोन अध्यक्ष श्री दिनेशजी धोखा ने आगंतुकों का स्वागत किया आरसीसी मैग्नम फाउंडेशन के अध्यक्ष श्री वरुणजी कांकरिया द्वारा स्वागत स्वर दिया गया। चेन्नई के हुनर इंचार्ज विवेक बोथरा द्व...

अभातेयुप ने देशभर में अभिनव सामायिक फेस्टिवल का आयोजन कर दिया विश्व मैत्री का संदेश

नेपाल सहित देश के 350 शहरों – कस्बों में हुआ आयोजन, जैन समाज का मिला समर्थन चेन्नई : विश्व मे अनेकों पर्व व त्योहार मनाए जाते हैं, इसमें से अधिकांश पर्व आमोद-प्रमोद तथा लोक व्यवहार से ओतप्रोत रहते हैं। वैसे तो प्रत्येक पर्व का अपना एक महत्व रहता है लेकिन धर्म-अध्यात्म से जुड़े पर्वों व आयोजनों का जीवन पर सकारात्मक असर व प्रभाव पड़ता है। वहीं अगर बात समता की साधना के पर्व सामायिक की हो तो आत्म कल्याण के साथ साथ अनैतिकता, हिंसा, आतंकवाद जैसी विषमताओं को दूर कर देश और दुनिया मे मैत्री की राह भी प्रशस्त की जा सकती है। इसी उद्देश्य से समाज एवं मानव कल्याण के क्षेत्र में देशभर में अपनी विशिष्ट पहचान बना चुके पचास हजार से अधिक युवाओं के संगठन अखिल भारतीय तेरापंथ युवक परिषद् द्वारा अपनी सैंकड़ो शाखा परिषदों के माध्यम से आचार्यश्री महाश्रमणजी के आशीर्वाद के साथ अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री पंकज ड...

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