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नेत्र जांच शिविर में 256 व्यक्तियों की की गई जांच

तेरापंथ एजुकेशनल एंड मेडिकल ट्रस्ट द्वारा आयोजित     तेरापंथ एजुकेशनल एवं मेडिकल ट्रस्ट के तत्वावधान में तेरापंथ जैन क्लिनिक,पट्टालम में निःशुल्क नेत्र जांच शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में कुल 265 व्यक्तियों की नेत्र जांच की गई, जिनमें से 106 व्यक्तियों को चश्मे वितरित किये गए। चिकिसकों द्वारा 12 व्यक्तियों को ऑपरेशन की सलाह दी गई जो कि जनवरी माह में निःशुल्क करवाये जाएंगे। यह शिविर उधी ऑइ हॉस्पिटल के सहयोग से लगाया गया। तेरापंथ एजुकेशनल एवम मेडिकल ट्रस्ट से श्री संपतराज चोरडिया ने सबका स्वागत किया। इस अवसर पर पट्टालम स्कूल कमिटी चेयरमैन श्री विनोद धोका, साहूकारपेट स्कूल कमिटी चेयरमैन श्री गौतम धारीवाल आदि उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन मेडिकल कमिटी सचिव श्री संजय भंसाली ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन मेडिकल कमिटी चेयरमैन श्री गजेन्द्र बोहरा ने किया। कार्यक्रम के सफल आयोजन में श्री रमेश बा...

श्रमण संघ के उपाध्याय प्रवीण ऋषि का छत्तीसगढ़ प्रवेश

छत्तीसगढ़ प्रवर्तक रतन मुनि से होगा मंगल मिलन दुर्ग श्रमण संघ के उपाध्याय प्रवर श्री प्रवीण ऋषि जी महाराज इंदौर का चातुर्मास संपन्न कर उनका एक माह के यह लिए छत्तीसगढ़ प्रवास हो रहा है। सकल सर्व समाज के बैनर तले बालाघाट में आयोजित कार्यक्रम में ‌श्रमण संघ परिवार का प्रतिनिधि मंडल बालाघाट में गुरुदेव श्री का दर्शन वंदन कर छत्तीसगढ़ पधारने की विनती रखी जिसे सहज रुप से गुरुदेव श्री प्रवीण ऋषि ने स्वीकार किया। छत्तीसगढ़ श्रमण संघ के प्रचार प्रसार प्रमुख नवीन संचेती ने जानकारी देते हुए बताया बालाघाट के रास्ते से विहार करते वे उनके कदम छत्तीसगढ़ की पुण्य भूमि में आज पड़े। छत्तीसगढ़ प्रवास लगभग एक माह का होगा उसकी पश्चात वह जोधपुर राजस्थान के लिए आगे बढ़ेंगे जहां उनका चातुर्मास होना है।   6 जनवरी को गुरुदेव श्री डोगरगढ़ से छत्तीसगढ़ प्रवेश किया जहां छत्तीसगढ़ श्रमण संघ परिवार ने आज उनकी आगवान...

हम कैलेंडर को ही नहीं, जीवन व्यवहार को भी बदलें – मुनि श्री अर्हत् कुमार

नया साल नई खुशियां नई उम्मीदें नव वर्ष नये सपने लेकर आता है। इस साल आप कुछ ऐसा करें, ताकि आपका हर दिन नव वर्ष के सौगातों को लेकर आये। हम कैलेण्डर को ही नहीं अपने जीवन को भी बदलें। पॉजिटीविटी रखें। अपनी सोच को सकारात्मक व कार्यशैली को रचनात्मक बनाएं। उपरोक्त विचार कुम्भकोणम में धर्मपरिषद् को सम्बोधित करते हुए मुनिश्री अर्हत् कुमार ने कहें। मुनिश्री ने आगे कहां कि सभ्यता व संस्कृति को नव वर्ष की घुरी बनाएं। धर्म की उमंग में रंग भरते रहे। हमारे जीवन का हर क्षण, हर कण, पुलकन भरा हो। पूरे वर्ष का बायोडाटा बनाएं कि मैंने क्या खोया, क्या पाया। इस वर्ष स्वयं का उत्कर्ष करना है। कदमों को गतिशील रखें। यह वर्ष शान्ति का पैगाम लेकर आया है। हमारे भीतर अध्यात्म का अवतरण हो। आत्मा पल्लवित व पुष्पित बने। नव वर्ष का प्रारंभ पवित्र और विनायक संकल्पों से करना चाहिए। इस वर्ष आपके अन्दर शान्ति का सागर लहराए और...

अभातेयुप द्वारा पूरे देश में मनाया गया ‘उत्सव विश्व मैत्री का’

आध्यात्मिक संस्कारों के सम्पोषण में सहयोगी सामायिक   तेयुप चेन्नई ने शहर के 11 क्षेत्रों में मनाया अभिनव सामायिक फेस्टिवल   अखिल भारतीय तेरापंथ युवक परिषद् के द्वारा ‘उत्सव विश्व मैत्री का’ के अन्तर्गत नये वर्ष के प्रथम रविवार को पुरे देश में एक साथ एक समय प्रातः 9 से 10 बजे अभिनव सामायिक फेस्टिवल का आयोजन किया गया। आध्यात्मिक संस्कारों के सम्पोषण के लिए आयोजित इस फेस्टिवल में तेरापंथ युवक परिषद् चेन्नई द्वारा शहर के ग्यारह विभिन्न क्षेत्रों में अभिनव सामायिक का आयोजन किया गया। साहूकारपेट, तेरापंथ सभा भवन सेन्टर में उपासक, अभातेयुप जैन संस्कारक श्री स्वरूप चन्द दाँती ने नमस्कार महामंत्र के समुच्चारण के बाद त्रिपदी वन्दना के साथ अभिनव सामायिक की शुरुआत की। सामायिक प्रतिज्ञा, लोगस्स का कायोत्सर्ग के बाद अ सि आ उ सा का जाप, प्रेक्षाध्यान में दीर्घ श्वास प्रेक्षा का प्रयोग करवाया। ...

भौतिकता की चकाचौंध में दिग्भ्रांत मानव – मुनि अर्हत् कुमार

नववर्ष की प्रभात वेला में होगी मंगल मंत्रोच्चार की वर्षा भारत को आजाद हुए 75 वर्ष हो गये पर आज भारत स्वतंत्र होने के बाद भी परतंत्रता के घेरे में है और वह घेरा है – भ्रष्टाचार, अनैतिकता। आज हर व्यक्ति आगे बढ़ना चाहता है और आगे बढ़ने के लिए वह अप्रमाणिक तौर तरीकों को अपना लेता है। छल कपट का सहारा लेकर वह सबसे पहले लक्ष्य प्राप्त करना चाहता है। उपरोक्त विचार ब्रह्मऋषि जैन भवन में धर्मसभा को संबोधित करते हुए मुनिश्री अर्हत् कुमार ने कहे। मुनिश्री ने आगे कहा कि भगवान महावीर ने कहा – *’माया मित्ताणि नासेई’* अर्थात् माया सद्गुणों की मित्रता का नाश कराती है। महान वही होता है जो कठिन परिस्थिति में भी अपने ईमान को नहीं बेचता। जो ईमान का सम्मान करता है, उसका जग सम्मान करता है। अगर हम दूसरों के लिए खाई खोदेंगें तो एक दिन हम ही उसमें गिरेंगें। दूसरों को दुखी कर कोई भी सुख चैन स...

दो पीढ़ियों का मिलन : संस्कारों का हो वपन

अखिल भारतीय तेरापंथ महिला मंडल के तत्वावधान में तेरापंथ महिला मंडल चेन्नई की आयोजना में कन्या मंडल के द्वारा तेरापंथ सभा भवन, साहूकारपेट में दादी-पोती का शानदार सेमिनार आयोजित किया गया। प्रथम बार ऐसा कार्यक्रम कन्याओं के द्वारा किया गया। दादी पोती की उपस्थिति से कार्यक्रम की शोभा सतगुणित हो गयी।   सेमिनार की शुरूआत सामूहिक नमस्कार महामंत्र के द्वारा हुई। तिलक लगाकर अनोखे अंदाज में सभी का भावभरा स्वागत किया कन्या मंडल संयोजिका सुश्री भवि बाफना एवं अक्षी बोहरा ने।    कन्या मंडल से सुश्री भवि बाफना, अक्षी, निवृत्ति, खुशी, योगिता ने मंगल संगान किया। तत्पश्चात प्रभु पार्श्वनाथ जयंती के अवसर पर पार्श्वनाथ भगवान की स्तुति का संगान कन्या मंडल के द्वारा किया गया। तेरापंथ महिला मंडल चेन्नई की अध्यक्षा पुष्पा हिरण ने सभी का स्वागत करते हुए अपने अनोखे अंदाज में दादी-पोती एवं नानी-दोहित्री के नवीन एवं ...

तुलसी सिलाई प्रशिक्षण केंद्र में सिलाई मशीन भेट

अखिल भारतीय तेरापंथ महिला मंडल के तत्वावधान में तेरापंथ महिला मंडल के द्वारा संचालित तुलसी सिलाई प्रशिक्षण केंद्र में एक ओवरलॉक सिलाई मशीन एवं दो कुर्सी प्रदान की गयी। सिलाई मशीन के प्रायोजक उषा जी बोहरा एवं चेयर के प्रायोजक लता पारख रहे। इस प्रशिक्षण केंद्र में अनेक बहने सिलाई का प्रशिक्षण प्राप्त कर अपना व्यक्तिगत रोजगार प्रारंभ करने के लिए तैयार हो रही है। इस तुलसी सिलाई केंद्र में अभी तक 30 बहनों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया है। 20 बहनें सर्टिफिकेट प्राप्त कर चुकी हैं। इसी केंद्र में रोजगार के क्षेत्र में बेकिंग क्लास चलाई जा रही है और अनेक बहने इससे लाभान्वित हो रही है। इस अवसर पर अध्यक्ष पुष्पा हिरण, मंत्री रीमा सिंघवी, कोषाध्यक्ष हेमलता नाहर, सहमंत्री कंचन भंडारी, कार्यसमिति सदस्य उषा धोका उपस्थित थे। संयोजिका निर्मला छल्लानी की देखरेख में तुलसी  सिलाई केंद्र का सुचारू रूप से संचालन हो...

पुरुषादानी पुरुषोत्तम पार्श्वनाथ -मुनि श्री अर्हतकुमार

पार्श्वनाथ जन्मकल्याणक पर जप-तप से की स्तुति   जैन धर्म की तीर्थंकर परम्परा में 23वें तीर्थंकर भगवान पार्श्वनाथ जन्मकल्याणक का आयोजन मुनिश्री अर्हतकुमारजी के सान्निध्य में एमपी रेजिडेंसी कुम्भकोणम में मनाया गया।    आराध्य देव की स्तुति करते हुए मुनिश्री अर्हतकुमार ने धर्मसभा को सम्बोधित करते हुए कहा कि भगवान पार्श्वनाथ का पावन नाम चिंतामणि रत्न समान कामित फलदाता है, कल्पवृक्ष के समान सुख -संपत्ति का विस्तार करने वाला है और तीर्थ के समान आत्मा को शुद्ध-बुद्ध बना जन्म -मरण का संताप मिटाने वाला है। मुनिश्री ने आगे कहा कि महाराज अश्वसेन की महारानी वामादेवी को 14 महास्वप्न द्वारा सुचित कर पौष वदी दशम को भगवान पार्श्वनाथ धरती पर छाये अज्ञान के अंधकार का हरण करने प्रकाश किरण के रूप में अवतरित हुए। जन्म से ही तीन ज्ञान के धारक भगवान पार्श्व ने बाल्यवस्था पार कर योवनावस्था मे माता-पिता की इच्छा का ...

जैन संस्कार विधि : प्रगतिमान प्रयोग

सामूहिक जन्मोत्सव और किशोर फिएस्टा का शुभारम्भ अखिल भारतीय तेरापंथ युवक परिषद् के तत्वावधान में तेरापंथ युवक परिषद् , चेन्नई द्वारा जैन संस्कार विधि से सामूहिक जन्मोत्सव और किशोर फिएस्टा का आयोजन के एल पी अभिनन्दन अपार्टमेंट में आयोजित किया गया। नमस्कार महामंत्र के सामूहिक स्मरण के साथ कार्यक्रम प्रारम्भ किया गया। अभातेयुप जैन ह्री संस्कारक श्री स्वरूप चन्द दाँती ने मंगल मंत्रोच्चार के साथ संस्कार विधि परिसम्पन्न करवाई, अभातेयुप धी संस्कारक श्री पुखराज पारख ने सहयोगी संस्कारक की भूमिका निभाई। दिसम्बर एवं जनवरी माह में आने वाले किशोरों एवं युवाओं का जन्मोत्सव जैन संस्कार विधि द्वारा मनाया गया। सभी ने त्याग प्रत्याख्यान किये। अखिल भारतीय तेरापंथ युवक परिषद् के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री रमेश डागा ने जन्मोत्सव वालों को अभातेयुप के तरफ से शुभकामनाएँ सम्प्रेषित की एवं तेरापंथ युवक परिषद् के तत्वा...

तेरापंथ दर्शन तत्वज्ञान परीक्षा का हुआ आयोजन

साहूकारपेट चेन्नई : – अखिल भारतीय तेरापंथ महिला मंडल के तत्वावधान में तेरापंथ महिला मंडल चेन्नई की आयोजना में तेरापंथ दर्शन तत्वज्ञान परीक्षा का आयोजन 18 एवं 21 दिसंबर 2021 को चेन्नई साहूकारपेट सभा भवन में हुआ। परीक्षा का शुभारम्भ सामूहिक नमस्कार महामंत्र से हुआ। अध्यक्ष पुष्पा हिरण ने सभी का स्वागत करते हुए सभी परीक्षार्थियों को शुभकामनाएं दी। संचालन संयोजिका प्रीति डूंगरवाल ने किया। सभी परीक्षार्थियों एवं संयोजिका का धन्यवाद मंत्री रीमा सिंघवी ने किया। परीक्षा की आयोजना में संयोजिका प्रीति डूंगरवाल एवं मंजू दक का  विशेष श्रम रहा। कुल 28 बहनों ने परीक्षा दी। परीक्षार्थी बहनों ने बड़े उत्साह के साथ परीक्षा दी और सुंदर व्यवस्था के लिए महिला मंडल को धन्यवाद संप्रेषित किया। केंद्र द्वारा नियुक्त प्रशिक्षिका दीपालीजी सेठिया का परीक्षा के दौरान दोनों दिन विशेष सराहनीय सहयोग रहा। इस दो दिव...

साध्वी श्री मंगल प्रभा जी का साध्वी समुदाय के साथ जयआनंद मधुकर रतन भवन में मंगल प्रवेश

साध्वी श्री मंगल प्रभा जी का अपने अपने साध्वी समुदाय के साथ नगपुरा जैन मंदिर से जय आनंद मधुकर रतन भवन दुर्गा आगमन हुआ। बड़ी संख्या में श्रमण संघ परिवार के सदस्य विहार यात्रा में शामिल रहे, जिनमें प्रमुख रुप से प्रकाश रतन बोहरा अमित बाधमार सोनू बाफना, अनिकेत संचेती, विनय देश लहरा, संदीप बाफना वर्धमान, छतीसाबोहरा, अतुल चौरड़िया बिहार यात्रा में शामिल रहे। साध्वी श्री जय आनंद मधुकर रतन भवन बांधा तलाब दुर्ग में विराजमान है। श्रमण संघ दुर्ग के अध्यक्ष निर्मल बाफना मंत्री टीकम छाजेड़ ने सभी जन समुदाय से दर्शन वंदन का लाभ लेंने की अपील की है। जय आनंद मधुकर रतन भवन मे प्रवचन प्रातः 8:45 से 9:45 रहेगा।

व्यक्तित्व विकास और मानसिक संतुलन के लिए धैर्य जरूरी: साध्वी प्रमुखा कनकप्रभा

 ‘व्यक्तित्व विकास के लिए जिन गुणों को अपेक्षित माना जाता है, उनमें एक विशिष्ट गुण है- धैर्य। मन पर अनुशासन करने वाली अथवा मन को संतुलित करने वाली बुद्धि का नाम है- धैर्य। धैर्य संपन्न व्यक्ति छोटी-बड़ी किसी भी स्थिति से प्रभावित हुए बिना अपने कर्तव्यपथ पर अग्रसर रहता है। लक्ष्य की प्राप्ति में विलम्ब होने पर भी वह विचलित नहीं होता, शांत भाव से आगे बढ़ता रहता है।’ ये बातें तेरापंथ धर्म संघ की अष्टम असाधारण साध्वी प्रमुखा कनकप्रभा ने कही। अखिल भारतीय तेरापंथ महिला मंडल की ओर से असाधारण साध्वी प्रमुखाश्री के अमृत महोत्सव के उपलक्ष्य में आयोजित ऑनलाइन समागम के दौरान उन्होंने ये बातें कहीं।   सफल जीवन के गुर सिखाते हुए साध्वी प्रमुखा ने कहा कि धैर्य का संबंध न ज्ञान के साथ है, न आचरण के साथ। कछ व्यक्ति विशिष्ट ज्ञान सम्पन्न होने पर भी साधारण-सी प्रतिकलता की स्थिति में अधीर हो जाते हैं। कुछ व्यक्...

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