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जैन संस्कार विधि : निरंतर गतिशील चरण

वानाग्राम, चेन्नई स्थित श्री धरमचन्द रणजीतकुमार लूंकड़ पूर्वाध्यक्ष तेरापंथ सभा और केवलचन्द रोहित माण्डोत (उपाध्यक्ष श्री जैन श्वेतांबर तेरापंथी सभा) के जॉइंट वेंचर महावीर सिरेमिक वर्ल्ड कजारिया प्राइम प्लस .. तमिलनाडु के एकमात्र शो रूम में नवीन 4 ब्लॉक का शुभारम्भ संस्कार जैन संस्कार विधि द्वारा सम्पादित हुआ।    नमस्कार महामंत्र के सामूहिक स्मरण एवं मंगल भावना पत्रक की स्थापना के साथ अभातेयुप ह्री संस्कारक श्री स्वरूप चन्द दाँती एवं अभातेयुप धी संस्कार श्री माँगीलाल पितलिया ने सम्पूर्ण मंगल मंत्रोच्चार के साथ शुभारंभ संस्कार विधि सम्पादित करवाई। जैन संस्कार विधि के बारे में जानकारी देने के साथ अभातेयुप उपाध्यक्ष श्री रमेश डागा ने बधाई संप्रेषित की। तेयुप सहमंत्री संदीप मुथा ने आभार व्यक्त किया।  संस्कारक द्वारा वृहद मंगलपाठ से संस्कार विधि परिसम्पन्नता के साथ मंगल भावना पत्रक प्रदान किया।...

रूपांतरण एक्सप्रेस कार्यशाला का हुआ आयोजन

तेरापंथ महिला मंडल की आयोजना में  साहूकारपेट चेन्नै : – अखिल भारतीय तेरापंथ महिला मंडल के तत्वावधान में तेरापंथ महिला मंडल चेन्नई की आयोजना में रूपांतरण एक्सप्रेस शक्ति संपन्न कार्यशाला विषय कषाय पर आयोजित की गयी। कार्यशाला की शुरुआत सामूहिक नमस्कार महामंत्र से हुई। प्रेरणा गीत का संगान संगीता आच्छा, उषा धोका, लता पारख, कंचन भंडारी एवं सुभद्रा लुणावत ने किया। तत्पश्चात अध्यक्ष पुष्पा हिरण ने कार्यशाला में उपस्थित सभी का स्वागत किया। श्रावक निष्ठा पत्र का वाचन श्रीमती उषा धोका ने किया।  कार्यक्रम के मुख्य वक्ता श्रीमती दीपाली सेठिया ने कषाय विषय पर प्रकाश डालते हुए कहा कि कषाय शब्द सुनने में छोटा लगता है, लेकिन बहुत हानि पहुंचाता है, कषाय आत्मा के द्वारा ग्रहण किया हुआ है। उसे विशेष पुरुषार्थ से अलग कर सकते हैं। उन्होंने क्रोध, मान, माया, लोभ के उदाहरण के माध्यम से सुंदर विश्लेषण किया...

तेरापंथ सभा प्रतिनिधि मंडल ने साध्वी उज्ज्वलप्रभा के किये दर्शन

आचार्य श्री महाश्रमणजी की प्रबुद्ध शिष्या साध्वीश्री उज्जवलप्रभाजी ठाणा 4 के दर्शन सेवा हेतु चेन्नई तेरापंथ सभा के पदाधिकारी अध्यक्ष श्रीमान प्यारेलाल पितलिया, श्रीमान तनसुख नाहर, तेरापंथ ट्रस्ट बोर्ड, साहूकारपेट के प्रधानन्यासी श्रीमान विमल चिप्पड़, तेरापंथ सभा के मंत्री गजेंद्र खांटेड, श्री उगमराज सांड, श्री विनोद डांगरा आदि गणमान्य व्यक्तियों ने साध्वीश्रीजी के पांडिचेरी से 10 किमी की दूरी पर कडलूर मार्ग के बीच में दर्शन सेवा उपासना कर, सुखसाता पुछ चेन्नई चातुर्मास में संपादित आध्यात्मिक गतिविधियों को बताते हुए जानकारी दी। अभी साध्वीश्रीजी सुखसाता पूर्वक कडलूर विराज रहे हैं। चेन्नई से समागत सभा पदाधिकारीयो ने साध्वीश्रीजी से चेन्नई पधारने हेतु अर्ज की। साध्वीश्री ने फरमाया की गुरु कृपा सर्वोपरि हैं। गुरु का जहां आदेश होगा, वहां पर हम गुरुकृपा से पहुंच जायेंगे।             स्वरुप चन्द दा...

जैन संस्कार विधि : निरन्तर प्रवृद्धमान

नूतन प्रतिष्ठान शुभारम्भ चिरपटिया निवासी, चेन्नई प्रवासी श्रीमान् जी माणकचन्द, चेतन, रोनक बोथरा मुथा के नव प्रतिष्ठित RCB Consultancy का शुभारम्भ जैन संस्कार विधि से हुआ। अभातेयुप के त्रिआयामों में संस्कार के अन्तर्गत जैन संस्कार विधि द्वारा अभातेयुप ह्रीं संस्कारक श्री पदमचन्द आंचलिया, अभातेयुप ह्रीं संस्कारक श्री स्वरूप चन्द दाँती ने नमस्कार महामंत्र के सामुहिक समुच्चारण से प्रारम्भ शुभारम्भ संस्कार विधि में अभातेयुप ह्रीं संस्कारक श्री स्वरूप चन्द दाँती ने सभी के तिलक लगा मौली बांधी। श्री माणकचन्दजी एवं परिजनों ने मंगल भावना पत्रक की स्थापना की। संस्कारकों ने विविध मंगल मंत्रोच्चार के साथ विधिवत विधि सम्पादित करवाई। अभातेयुप एवं तेयुप चेन्नई के साथ संस्कारकों ने इस विधि को अपनाने के लिए साधुवाद सम्प्रेषित किया। श्री माणकचन्दजी बोथरा मुथा ने शानदार, सात्विक, अल्पारम्भी जैन संस्कार विधि क...

संयम को प्राप्त करना बहुत बड़ी पुण्याई से प्राप्त होता है

दुर्ग जय आनंद मधुकर रतन भवन में आज धर्म सभा में नव दिक्षित साध्वी श्री चंद्रयशा जी की गुणानुवाद सभा संत श्री शुक्ल मुनि श्री गौरव मुनि के सानिध्य में रखी गई थी। साध्वी चंद्रयशा के व्यक्तित्व के बारे में अपने उद्बोधन में कहां की वे बचपन से ही माता पिता से धर्म के संस्कार मिले थे। लोग लोगस सूत्र प्रति अटूट आस्था रखने वाली श्रीमती चंदू देवी संचेती प्रतिदिन नियम से सामायिक, प्रतिक्रमण, लोगोंस सूत्र की माला निमित्त रुप से उनके जीवन का हिस्सा थी। संत श्री ने कहा जीवन के अंतिम समय में संयम को प्राप्त करना बहुत बड़ी पुण्याई से प्राप्त होता है और यह पुण्याई चंदू देवी संचेती ने प्राप्त की। जैनोलाजी की परीक्षा में गौरव मुनि प्रथम श्रमण संघीय संत श्री गौरव मुनि जी म.सा ने श्री आदिनाथ जैन ट्रस्ट चेन्नई की धार्मिक परीक्षा डिप्लोमा इन जैनोलॉजी में सभी विषय पर विशेष योग्यता के उपलब्धि हासिल की। उन्होंने 6...

साध्वी श्री चंद्रयशा जी म.सा का देवलोक गमन हो गया

दुर्ग संथारा साधिका नव दीक्षित साध्वी श्री चंद्रयशा जी म.सा का आज प्रातः 10:00 बजे ऋषभ नगर दुर्ग में देवलोक गमन हो गया। उनकी बैकुंठी यात्रा में जैन समाज के हजारों श्रावक श्राविका उन्हें अंतिम विदाई देने बैकुंठी यात्रा में सम्मिलित रहे। ऋषभ नगर दुर्ग से निकली बैकुंठी यात्रा हरना बांधा मुक्तिधाम में उन्हें अंतिम विदाई दी गई। आज प्रातः 7:30 बजे जैन संत श्री गौरव मुनि ने छत्तीसगढ़ प्रवर्तक लोकमान्य संत श्री रतन मुनि जी की प्रेरणा से श्रीमती चंदा संचेती को जैन विधि विधान एवं जैन सूत्रों के पठन कर साध्वी दीक्षा प्रदान की और उन्हें संथारा का पचखाण दिलाया दिलाया गया। आज ऋषभ कॉलोनी स्थित नवकार भवन के पास साध्वी चंद्रयशा जी के दर्शन वंदन करने के लिए दिन भर तांता लगा रहा। नवकार महामंत्र का जाप अनुष्ठान भी दोपहर 3:00 बजे तक लगातार चलता रहा। दोपहर 3:00 बजे जैन समाज के श्रावक श्रविकाओ की उपस्थिति में ऋष...

गुरुदेव श्री स्वस्थ एवं दीर्घायु रहें इसके लिए जय आनंद मधुकर रतन भवन में नवकार महामंत्र का जाप अनुष्ठान रखा गया

दुर्ग / आज प्रातः ऋषभदेव परिसर के प्रांगण में मास खमण के तपस्वी श्रीमती मीना देवी ओस्तवाल ने आज 32 उपवास का संकल्प लिया गुरुदेव गौरव मुनि की प्रेरणा से वे 33 उपवास के पश्चात पारणा करेंगी। वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रमण संघ के बैनर तले श्रीमती मीना देवी ओस्तवाल का अभिनंदन किया गया इसके पूर्व भी श्रीमती ओस्तवाल ने तेरा तेला, अठाई 11 की तपस्या। आयबिल के कई मास खमण आपने पूर्ण किए हैं परम पूज्य रतन मुनि के प्रति आस्था रखने वाली श्रीमती मीना देवी ओसवाल ओस्तवाल ने इस तप आराधना में प्रेरणा एवं आशीर्वाद के लिए के लिए गुरु भगवंतो का आभार व्यक्त किया है। श्री रूपचंद संतोष कुमार ओस्तवाल परिवार ने साधु संतों की सेवा में 32000/-रुपए देने की घोषणा की। ऋषभदेव परिसर में आयोजित समारोह में प्रथम युवाचार्य श्री मधुकर मुनि एवं मिश्रीमल जी महाराज का पुण्य स्मृति दिवस को गुणानुवाद सभा के रूप में मनाया गया। संत श्र...

सबका साथ, सबका विकास रहेगा जैन कॉन्फ्रेंस का केंद्र बिंदु : आनंदमल छल्लानी

जैन कॉन्फ्रेंस के राष्ट्रीय शपथ ग्रहण समारोह में आनंदमल छल्लानी ने ली अध्यक्ष पद की शपथ   सबका साथ सबका विकास रहेगा जैन कॉन्फ्रेंस का केंद्र बिंदु, जैन कांफ्रेंस का चहूमुखी विकास करना होगा होगा हमारा मुख्य उद्देश्य। यह मौका था जैन कॉन्फ्रेंस के राष्ट्रीय शपत ग्रहण समारोह का। इस अवसर पर जैन कॉन्फ्रेंस के नव निर्वाचित राष्ट्रीय अध्यक्ष आनंद मल छल्लाणी ने कहा कि मेरा प्रथम लक्ष्य, साधु साध्वी म सा की आहार विहार, वेयावच सेवा महिला एवं युवा शाखा को मजबूत करना है। जैन कांफ्रेंस की सभी योजनाओं के माध्यम से हर वर्ग को लाभान्वित करना तथा समस्त टीम के सहयोग से जैन कांफ्रेंस के धार्मिक, सामाजिक कार्यक्रमो को बढ़ावा एवम प्रचार प्रसार कर जागृति प्रदान करना है। मरुधर केसरी जैन सभागार पुरानी धोबी पेट में श्री ऑल इंडिया श्वेतांबर स्थानाक्वासी जैन कॉन्फ्रेंस नई दिल्ली के नव निर्वाचित राष्ट्रीय अध्यक्ष...

आचार्य श्री महाश्रमण जी विहार करते हुए राजकीय प्राथमिक विद्यालय करौंदी से शम्भूपुरा पधारेंगे

लोकेशन जानने के लिए नीचे दिए लिंक पर क्लिक करें। https://maps.app.goo.gl/2bjXs68Gnu6NNVwA8 राजस्थान प्रान्त◆ शासनश्री मुनिश्री सुरेश जी हरनावा आदि ठाणा 2 प्रज्ञा भारती महावीर कॉलोनी भीलवाड़ा विराज रहे है।◆ मुनिश्री कुलदीप मुनि एवं◆ मुनिश्री राजकुमार जी स्वामी तेरापंथ सभा भवन नागौरी गार्डन भीलवाड़ा में विराज रहे है।◆ मुनिश्री संजय कुमार जी आदि ठाणा -3 तेरापंथ सभा भवन, नया बाजार, कांकरोली बिराज रहे है।◆ मुनिश्री स्वस्तिक कुमार जी आदि (ठाणा 2) बालोतरा से विहार कर जसोल विराजेंगे।◆ मुनिश्री रमेश कुमार जी आदि ठाणा 3 विहार कर देराठू ( नसीराबाद से पहले) पधारेंगे।संपर्क 7000790899◆ शासनश्री साध्वीश्री जसवती जी, रांका निवास, काशीपुरी से विहार कर साधना स्कूल शास्त्रीनगर भीलवाडा पधारेंगे।◆ साध्वीश्री सत्यप्रभाजी आदि ठाणा 4 आबूरोड़ तलहटी से विहार करके भुजेला विजय विहार धाम पधारेंगे।◆ शासनश्री साध्वीश्री ...

विमलशिष्य वीरेन्द्रमुनि मंगल विहार यात्रा सूचना

जैन दिवाकर रत्न तरुण तपस्वी पुज्य श्री विमलमुनिजी म सा के सुशिष्य स्वर्ण संयम आराधक सरसवाणी भूषण सेवा शिरोमणी सेवा चक्रवर्ती परम पूज्य गुरुदेव श्री वीरेन्द्र मुनिजी महाराज। विरुगंपाक्कम पगारिया भवन में आध्यात्मिक ऐतिहासिक चातुर्मास सम्पन करके आज मुनिश्री प्रथम विहार करेंगे दिनांक :- 29 नवंबर 2021 – सोमवार मुनिश्री आज दोपहरः 2.30 बजे【 विरुगंपाक्कम】पगारिया जैन भवन से मंगल विहार यात्रा करके 【 विरुगमपाक्कम 】सुभाषचंदजी कोठारी के निवास स्थान पर सुख साता पूर्वक पधार गए हैं। नवकार महामंत्र जाप : 3.05 बजे से 3.20 महामांगलिक: 3.20. बजे से 3.30 पता :- 19/2 , Rajeswari colony , virugampakkam Back – Giriyas Electronics

करें स्वयं का रूपांतर अनेकांत के द्वारा: मुनि श्री अर्हंत कुमार जी

शांतिदूत आचार्य श्री महाश्रमण जी के सुशिष्य मुनि श्री अर्हंत कुमार जी ठाना के सानिध्य में महिला मंडल के अंतर्गत कन्या मंडल की कार्यशाला – अनेकांतवाद रखी गई दिनांक : 28/11/2021 ।। मुनि श्री जयदीप कुमार जी ने सुमधुर गीतिका की प्रस्तुति दी। आगे कार्यक्रम की शुरुवात कन्या मंडल के संकल्प गीत द्वारा हुई । मुनि भारत कुमार ने कहा जिसने अपने जीवन में अपनाया अनेकांत उसका जीवन होजाएगा शांति का वास, जीवन में कभी नही होगा दुख दुविधाओं का दास अनेकांतवादी बन जायेगा शांत। सभी ने आपने विचार व्यक्त किए सबसे पहले सभा अध्यक्ष जयंतीलालजी जीरावाला ने समाज को संबोधित किया और फिर ज्ञानचंद जी आंचलिया ( पूर्व महा सभा उपाध्यक्ष एवं युवक रत्न ), ओम जी कोठरी, चंदा कोठरी, डिनील कोठरी, नेमी चंद जी बाफना (स्थानकवासी अध्यक्ष) ने अपने अपने विचार प्रकट किए। ज्ञानशाला की लड़कियों ने भी सुंदर प्रस्तुति दी ट्विंकल ट्विंक...

विदाई दे अपने अवगुणों को- मुनि अर्हत कुमार

जहां स्वागत होता है अभिनंदन होता है वहां एक दिन विदाई भी होती है स्वागत और विदाई का यह क्रम सदियों पुराना है। गुरुदेव ने महती कृपा कर मदुरई में चातुर्मास फरमाया, मदुरई में 4 महीने निरंतर धर्म की गंगा प्रवाहित हुई, मदुरई वासियों ने बड़े उत्साह से तप त्याग सेवा, दर्शन एवम् हर कार्यक्रम में भाग लिया। भगवान महावीर ने फरमाया -“विहार चर्या इसीणं पसत्था ” साधुओं के लिए विहार चर्या प्रशस्त हैं। पानी के बहते रहने से वो कभी गंदा नहीं होता वैसे ही साधु के चलते रहने से उसका चरित्र बेदाग होता है। यस सुविचार मुनि श्री अर्हत कुमार जी ने मंगल भावना समारोह में व्यक्त किए, उन्होंने आगे कहा विदाई हमको नहीं अपने अवगुणों को देनी है, बुरी आदतों को देनी है। हमारे विहार के बाद भी धर्म की उमंग में रंग भरते रहे, उत्साह का दीया निरंतर जलता रहे, गुरु इंगित की आराधना करते रहे, सम्यक्तव पुष्ट रहे जिस प्रकार...

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