*☀️ प्रवचन वैभव☀️* 🌧️ 4️⃣0️⃣ *💧पर्युषण तत्त्वधारा-5💧* 196) अन्य का अंत देखकर खुद के अंत का चिंतन करे वही समझदार हैं.! 197) हिंसा ही दुख है जो हम दूसरों को देते है वो हमे बदले में मिलता हैं.! 198) जब तक हिंसा के पाप का प्रायश्चित नही होता तब तक उसका गुणांक बढ़ता रहता है.! 199) दुकान गए मार्केट में किसी भी दुकान पर ग्राहक नही है, फिर भी हम दुकान बंध करके धंधा छोड़कर घर पर नही बैठते.. ग्राहक के आने की आश रखते है, व्यापार के लिए पुरुषार्थ करते है, तो भले अधिकांश दुनिया हिंसा में लिप्त हो फिर भी हमें अहिंसा की साधना करनी है क्योंकि यही सुख है..! 200) आज्ञानुसारी आराधना करने से हमारे अंतर में परमात्मा अवतरित होते हैं.! 🌧️ *प्रवचन प्रवाहक:* *युग प्रभावक वीर गुरुदेव* *सूरि जयन्तसेन चरण रज* मुनि श्रीवैभवरत्नविजयजी म.सा. *🦚श्रुतार्थ वर्षावास 2024🦚* श्रीमुनिसुव्रतस्वामी नवग्रह जैनसंघ @ कोंडीतोप, चेन्...
मंडी डबवाली जैन स्थानक में चल रहे चातुर्मास के अंतर्गत उपप्रवर्तनी माहसाध्वी श्री वीरकांता जी, वीणा जी,अर्पिता व आर्या जी के प्रवचन सुनने के लिए आज जेजेपी के प्रधान महासचिव दिग्विजय चौटाला जैन स्थानक पधारे। साध्वी अर्पिता ने आज आपसी नम्रता और भाईचारे पर संदेश दिया। और राजा का अच्छा आदेश और संत का अच्छा उपदेश हमेशा आमजन के लिए कल्याणकारी होता है। एक अच्छे नेता को। हमेशा अपनी प्रजा और अपने साथियों के सम्मान के साथ साथ अच्छे विचारों को देश दुनिया में फेलाना चाहिए। जानकारी देते हुए समाज के महामंत्री राजेश जैन काला ने बताया कि इसके बाद जैन समाज डबवाली की और से दिग्विजय चौटाला का अभिनंदन करते हुए प्रधान उन्हें स्मृति चिन्ह भी भेंट किया गया जिसमे प्रधान सुभाष जैन पप्पी, सरपरस्त इंद्र जैन, लाभ चंद जैन अभिनंदन जैन, संजय जैन, मुकेश जैन, शम्मी जैन व संघ के गणमान्य सदस्य मौजूद रहे। इसके बाद दिग्विजय च...
Sagevaani.com /चेन्नई : तेरापंथ जैन विद्यालय साहुकारपेट का 33वॉ वार्षिक खेल दिवस नेहरू स्टेडियम में मुख्य अतिथि श्रीमती प्रियंका देवानंद- राष्ट्रीय बास्केटबाल खिलाड़ी द्वारा उद्घोषणा के साथ शुभारंभ हुआ। मंगलाचरण के पश्चात प्रिंसिपल महोदया श्रीमती जेसिन्ता मर्सी ने स्वागत भाषण प्रस्तुत किया। स्कूल बैंड की सुंदर मार्च पास्ट की प्रस्तुति के पश्चात मुख्य अतिथि द्वारा राष्ट्रीय ध्वज एवं अध्यक्ष श्री गौतमचंद बोहरा द्वारा स्कूल ध्वज के झंडारोहण के साथ खेल प्रतियोगिताए प्रारंभ हुई। मुख्य अतिथि के कर कमलों से टार्च प्रज्वलित कर स्कूल खेल सचिव को हस्तांतरित की गयी। चारों ग्रुप के कप्तानों ने मैदान का चक्कर लगाते हुए अभिभावकों की उपस्थिति में प्रज्वलित मशाल को यथा स्थान स्थापित किया। विद्यार्थियों द्वारा अनेक खेल प्रतियोगिताएं बड़े ही रोमांचक ढंग से पूर्ण हुई। सभी विजेताओं को मुख्य अतिथि, पदाधिकारीय...
*☀️ प्रवचन वैभव☀️* 🌧️ 3️⃣9️⃣ *💧पर्युषण तत्त्वधारा-4💧* 191) श्रीसंघ शिवमार्ग का सथवारा है… उससे दूर होना अर्थात सन्मार्ग से दूर होना.! 192) संघ से हम है, हम से संघ नही है.! 193) प्रभु आज्ञा का साकार रूप है श्री संघ.! 194) श्री संघ के आधीन रहना ही संघपूजा कर्तव्य है.! 195) परमात्मा की आज्ञा अनुसार हो तो ही सुकृत तारक बनता हैं.! 🌧️ *प्रवचन प्रवाहक:* *युग प्रभावक वीर गुरुदेव* *सूरि जयन्तसेन चरण रज* मुनि श्रीवैभवरत्नविजयजी म.सा. *🦚श्रुतार्थ वर्षावास 2024🦚* श्रीमुनिसुव्रतस्वामी नवग्रह जैनसंघ @ कोंडीतोप, चेन्नई महानगर
मेजर यॉर लाइफ कार्यशाला का आयोजन गुरुवार को Sagevaani.com /चेन्नई: आचार्य श्री महाश्रमणजी के सुशिष्य मुनि श्री हिमांशुकुमारजी ने तेरापंथ सभा भवन में मुक्ति का राजपथ प्रवचनमाला के अन्तर्गत धर्मपरिषद् को सम्बोधित करते हुए कहा कि व्यक्ति को 24 घण्टे सामायिक में रहना चाहिए। उसके लिए उसे मन से प्रतिकार, वचन से प्रतिवाद और काया से प्रतिक्रिया से बचने का प्रयास करना चाहिए। विकट परिस्थितियों में भी सामने वाले की स्थिति के कारणों की खोज करके ही जवाब देना चाहिए। सामने वाला गुस्सा करे, अपमान करे या शरीर में भी दु:ख-पीड़ा उत्पन्न हो तो यह चिन्तन करें कि मेरे ही पूर्वकृत अशुभ कर्म फल दे रहे है, मेरा बंधा हुआ एक अशुभ कर्म कम हो रहा है। प्रसन्न भाव से प्रतिक्रिया विरत रहते हुए शुभ भावों में रमण करें। मुनिप्रवर ने अनुप्रेक्षा के प्रयोग की जानकारी देते हुए हर क्षण सामायिक में रहने की प्रेरणा दी। मुनि श्री...
वीरपत्ता की पावन भूमि पर आमेट के जैन स्थानक मे साध्वी विनीत रूप प्रज्ञा ने कहा देह का राग छोड़ना बहुत कठिन संसार में वही जीव वंदनीय, पूजनीय हैं, जिन्होंने देह से ममत्व छोड़ दिया। घर, देश और संसार से मोह छोड़ना सरल है। जगत का राग छोड़ना सरल है, लेकिन देह का राग छोड़ना बहुत कठिन है। देह के ममत्व में जीव डूबा रहता है। इसे सजाने संवारने में व्यस्त रहता है। बालक से किशोर, युवा, अधेड़ और बुजुर्ग होने तक देह के महत्व में डूबा रहता है।आप बैल को खूंटे से बंधा देखते हो, लेकिन यह क्यों नहीं देखते कि रस्सी से न बंधा होता तो खूंटे से नहीं बंध पाता। रस्सी खोल दो खूंटा अपने आप छूट जाएगा। ऐसे ही देह के राग से छूट जाओ तो इस दुनिया से छूट जाओगे। साध्वी आनन्द प्रभा ने कहा जिसने शरीर को परवस्तु जान लिया तो फिर दूसरे के शरीर में ममत्व नहीं करेगा। यही ब्रह्मचर्य, अचौर्य, सत्य, अहिंसा और अपरिग्रह है। देह के भोग के लिए...
बड़े आनंद एवं उत्साह पूर्वक गुरुणी मैय्या महासाध्वी श्री वीरकांता जी महाराज आदि ठाणा – 4 का चतुर्मास चल रहा है । आज महासाध्वी डॉ. अर्पित जी ने फरमाया है -पर परिवाद पर परिवाद अर्थात इधर-उधर की बातें, बुराई करना, व्यर्थ की बातें करके स्वयं का दिमाग और दूसरों का दिमाग भी खराब करना और वातावरण को दूषित करना पर परिवाद का पाप कहलाता है । निंदा करना भी इसी श्रेणी में आता है निंदा करने से निंदा करने वाला व्यक्ति खुद बुराइयों का शिकार हो जाता है। दूसरों की जिन बुराइयों का वो बखान करता है एक दिन वो सभी बुराइयां उसके स्वयं के भीतर भी आ ही जाती है । अब हमने यह सोचना है कि दूसरों की बुराईयां देख-देख कर हम कहीं अपनी अच्छाइयां तो नहीं छोड़ रहे और अपने देश, समाज के लोगों की बुराइयां अपने भीतर तो नहीं ला रहे हैं। ये बुराइयों को छोड़ना है और गुणगान करने की एवं प्रशंसा करने की आदत डाले। प्रशंसा करने से ...
!जय आत्मानन्द-देवेन्द्र-शिव-महेन्द्र!! 🙏 जयगुरू अम्बेश-जय गुरु इंद्र-जय गुरु मगन-जय गुरु सौभाग्य-जय गुरु मदन के पठ्धर सुशिष्य *मेवाड़ भास्कर उप प्रवर्तक युवामनीषी परम् पुज्य गुरुदेव श्री कोमल मुनि जी म.सा. करुणाकर* नवदीक्षित श्री हर्षित मुनि जी मा.सा आदि ठाना -2 चातुर्मास मंगलवाड की पावन पुण्य धरा धाम पर पोषद शाला मंगलवाड चौराहा 🙏🙏 *आज दिनांक 28 अगस्त 2024 का चातुर्मास मंगलवाड चौराहे * कई क्षेत्रों से श्रावक श्राविकाओं ने आकर *मेवाड़ भास्कर उपप्रवर्तक युवामनीषी परम् पूज्य गुरुदेव श्री कोमल मुनि जी मा.सा आदि ठाना 2* के दर्शन लाभ लिए व जिनवाणी स्मरण करने का शौभाग्य उठाया व नाथद्वारा से भी संघ सदस्य श्रावक श्रविकाओं ने आकार जिणवाणी का लाभ उठाया 🙏
*अर्हम की प्रभावकता* 🌞🌞🌞🌞🌞🌞🌞 चैतन्यवंत चेन्नई नगर में बिराजमान 🙏🏻 *अर्हम साधक श्रुतप्रभावक मुनिराजश्री वैभवरत्न विजयजी म.सा.* की पावन प्रेरणा से गंभीर समस्या से परेशान एक बालक ने अरिहंत मंत्र की साधना की। 😳 डॉक्टरों ने भी इस बिमारी से मुक्त होने की बात को जिनशासन का प्रभाव मान लिया, यह सम्पूर्ण बाते आप वीडियो में स्वयं बालक के पिता के मुख से सुन सकते है। 👌🏻 *दादा गुरुदेव आचार्य श्री राजेन्द्र सूरीश्वरजी महाराजा ने भी अर्हम मन्त्र की उत्कृष्ट साधना की थी। गुरुदेव के प्रभाव से अनेक आत्मा इस साधना मार्ग से जुड़कर आत्मकल्याण कर रहे है।* ✅ जिनशासन किसी चमत्कार या अंधश्रद्धा में विश्वास नहीं रखता। सम्पूर्ण सामर्थ्यवान श्री अरिहंत परमात्मा में दृढ श्रद्धा रखना यानि स्वयं के आत्म स्वरुप पर श्रद्धा रखना। 🌹 शासन यही मार्ग बताता है कि, तुम स्वयं पर श्रद्धा रखो। तभी तुम्हारे कर्म नष्ट होंगे एवं तुम भी ...
*🌧️विंशत्यधिकं शतम्* *📚📚📚श्रुतप्रसादम्🌧️* 🌧️ 3️⃣8️⃣ 💫 विधिपूर्वक आशयशुद्धि के साथ धर्म अनुष्ठान करने से मोक्षमार्ग में प्रगति होती है.! 🛑 अपनी अनुकूलता ईच्छा अनुसार, अशुद्ध आशय से, धर्म प्रवृत्ति करने से विपरित फल की प्राप्ति होती हैं अर्थात संसार भ्रमण की वृद्धि होती है.! 🟢 निकटभव मोक्षगामी सरल भद्र प्रकृत्ति संपन्न, लघुकर्मी जीवो को ही शुद्ध विधिपूर्वक धर्म करणी करने के परिणाम होते है..! 🙏 धन्य धन्य है… विधि पालन करनेवाले, विधि के प्रति सम्मान वाले, विधि को मलिन न करनेवाले भाविको को विधि से जोड़नेवाले।। 💐 भावपूर्वक आनंद पूर्वक उल्लास पूर्वक रोमांचित ह्रदय से त्रैलोक्य पूजित वीतराग देव के भक्ति अनुष्ठान करें.! *📙श्रीदर्शनशुद्धि प्रकरण📙* 🌷 *तत्त्वचिंतन:* *मार्गस्थ कृपानिधि* *सूरि जयन्तसेन चरण रज* मुनि श्रीवैभवरत्नविजयजी म.सा. *🦚श्रुतार्थ वर्षावास 2024🦚* श्रीमुनिसुव्रतस्वामी नवग्रह जै...
हमें कमजोर नही , शुरवीर बनना चाहिए! लक्ष्य अभयदान या जीवदया का रखो, जीवदयासे सुख की प्राप्ति हो सकती है! – डॉ. मेघाश्री जी। करलो अच्छा करम, जीवनमे अपनाने चाहिए पॉंच नियम! – साध्वी जिनआज्ञा श्री जी। आकुर्डी- निगडी- प्राधिकरण श्री संघ के प्रांगण मे उपाध्याय श्री पुष्करमुनीजी म.सा. की अज्ञानुवर्ती सुशिष्या डॉ राज श्री जी म.सा.आदि ठाणा 4 चातुर्मासार्थ विराजीत है! हर रोज़ जिनवाणी के माध्यमसे धर्म अनुरागीयोंका प्रबोधन कर धर्म जागरण का कार्य बहुत ही सुचारु रुपसे एवं श्रध्दा भावसे जारी है! मनमें भक्ति, वचन में शक्ति आवश्यक है! तन मन की मधुरता का संगम विनयपुर्वक की गयी वंदना है और वह ही सही वंदना कहलाती है! I card, Invitation card, SIM card, ATM card आदि का उल्लेख कर श्रध्दा, प्रेम, परमार्थ, आदि का ज़िक्र कर छोटे छोटे द्रष्टांत सामने रखे! अहिंसा, सत्यशील जीवन, चोरी से मुक्ति, शिलवान एवं...
जय महावीर जय अंबेश सौभाग्य मदन कोमल श्रैष्ठीवर्य समारोह अध्यक्ष श्री पारस जी बाफना भीमगढ एक अद्भुत व्यक्तित्व के धनी है। आप व आपका पूरा परिवार गुरुवर अंबेश सौभाग्य मदन कोमल प्रेम उगम राज विजय के प्रति अनन्य आस्थावान है। श्री बाफना जी भीमगढ मुंबई का व्यक्तित्व असाधारण है।मृदुभाषी बाफना जी का जीवन सरल, सादगीपूर्ण और निराभिमानी है। आप जैसे दानवीर, कर्मवीर, धर्मवीर व्यक्ति को समारोह अध्यक्ष बनाने का सही कदम उठाया है। हम बाफना जी के यशस्वी, स्वस्थ एवं दीघार्यु जीवन के लिए मंगल कामना करते हैं कि वे इसी तरह राष्ट, धर्म और समाज की सेवा करते रहें। शशि मारु नि राष्ट्रीय अध्यक्ष वनिता लोढा अध्यक्ष राजस्थान मोनिका सहलोत मंत्री योजना ज्ञान प्रकाश योजना जैन क्राफेंस नई दिल्ली