जयगुरू अम्बेश-जय गुरु इंद्र-जय गुरु मगन-जय गुरु सौभाग्य-जय गुरु मदन के पठ्धर सुशिष्य मेवाड़ भास्कर उप प्रवर्तक युवामनीषी परम् पुज्य गुरुदेव श्री कोमल मुनि जी म.सा. करुणाकर नवदीक्षित श्री हर्षित मुनि जी मा.सा आदि ठाना -2 चातुर्मास मंगलवाड की पावन पुण्य धरा धाम पर पोषद शाला मंगलवाड चौराहा आज दिनांक 01 सितम्बर रविवार 2024 पर्युषण पर्व का प्रथम दिवस का प्रवचन चातुर्मास मंगलवाड चौराहे कई क्षेत्रों से श्रावक श्राविकाओं ने आकर मेवाड़ भास्कर उपप्रवर्तक युवामनीषी परम् पूज्य गुरुदेव श्री कोमल मुनि जी मा.सा आदि ठाना 2 के दर्शन लाभ लिए व जिनवाणी स्मरण करने का शौभाग्य उठाया व धर्म ध्यान तप तपस्या करके अपने जैनत्व को दर्शाया व अन्य कई श्रावक ने दया के पख्यान लिए और पोषध के पचखान लिए और गुरुदेव के सांनिध्य मे रह कर पूर्ण दिवस धर्म मे लिन रहेl 🙏🙏
परम श्रद्धेय उप प्रवर्तक पूज्य गुरुदेव श्री पीयूष मुनि जी महाराज आदि ठाणा एवं प्रतिभा पुंज गुरूणी श्री अनीता जी महाराज आदि ठाणा के पावन सान्निध्य में महापर्व पर्यूषण के प्रथम दिन धर्म सभा का आयोजन जैन स्थानक गुड़ मंडी जालंधर में किया गया। सर्वप्रथम मंगलाचरण से सभा का शुभारंभ सेवाभावी श्री अभिनव मुनि जी महाराज ने किया। तदोपरांत ओजस्वी वक्ता श्री संयमेश मुनि जी महाराज ने अंतकृतदसांग सूत्र वाचनी का शुभारंभ किया। मधुर व्याख्यानी श्री पूजा जी महाराज ने भजन प्रस्तुत किया। उप प्रवर्तक श्री पीयूष मुनि जी महाराज ने राष्ट्र संत वरिष्ठ उपाध्याय वाचना आचार्य भगवन श्री मनोहर मुनि जी महाराज की 97 जन्म जयंती पर उनके जीवन पर प्रकाश डाला। मंच संचालन जैन सभा मंत्री मुस्कान जैन ने किया।कृष्ण चौदस के उपलक्ष्य में विशेष पाठ फ़रमाया। सभी को प्रसाद स्वरूप प्रभावना भी वितरित की गई।इस अवसर पर रमन जैन भोलू शाह परिव...
आमेट में 66 यूनिट रक्तदान श्री गुरु अम्बेश सौभाग्य युवा मंडल के तत्वाधान में मेवाड़ भास्कर उपप्रवर्तक मेवाड़ युवा शिरोमणि पूज्य गुरूदेव श्री कोमल मुनिजी म.सा. ‘करूणाकर’ के 44वें अवतरण दिवस के शुभ अवसर पर श्री गुरु अम्बेश सौभाग्य युवा मंडल आमेट द्वारा रक्तदान शिविर का आयोजन किया गयाl गुरुमाता श्री जयमाला जी म.सा. “जीजी” साध्वी रत्ना श्री आनंद प्रभा जी म. सा. साध्वी श्री चंदन बालाजी म.सा. साध्वी रत्ना श्री डॉक्टर चंद्रप्रभा जी म.सा. साध्वी श्री विनीत रुपप्रज्ञा जी म.सा. साध्वी रत्ना श्री सुरभि जी म. सा. आदि ठाणा 6 के सानिध्य में श्रीमान स्वर्गीय सोहनलाल जी वह श्रीमती स्वर्गीय कंचन देवी जी सूर्या व सुपुत्र स्वर्गीय श्री सम्पत कुमार जी सूर्या की पुण्य स्मृति दिवस पर श्रीमान सुरेंद्र कुमार जी सुशील कुमार जी सूर्या परिवार आमेट के आर्थिक सौजन्य से अम्बेश नवयुवक मंडल आमेट क...
*🌧️विंशत्यधिकं शतम्* *📚📚📚श्रुतप्रसादम्🌧️* 🌧️ 4️⃣2️⃣ 🪔 ⚡ अहंकार अज्ञानता का लक्षण है, क्योंकि ज्ञानी तो जानता है की पदार्थ परिवर्तनशील है फिर पदार्थ प्राप्ति पर क्या घमंड करना.? 🔴 स्वयं को ही गुणसंपन्न मानना अहंकारी का लक्षण है.! 🟥 जो वास्तविकता जानने में, समझने में, उसका स्वीकार करने में असमर्थ हो उसे मूर्ख कहते है अभिमानी भी ऐसे ही होते है.! ⚡ अभिमानी के गुण प्रगट नही होते क्योंकि खुद के अतिरिक्त अन्यों के गुणों पर उसकी दृष्टि नही पड़ती, कहीं पर गुण दिखते नही, गुणानुराग के अभाव में गुणप्राप्ति नही होती.! ⚡ अभिमानी न दिखना तो आसान है, लेकिन अभिमानी न बनना दुष्कर अति दुष्कर साधना है.! 🪔 अभिमानी अहंकार के नशे में दूसरों को तुच्छ गिनता है, जो सिद्धात्मा की आशातना है.! *श्री सूत्रकृतांगजी आगम📚* 🌷 *तत्त्वचिंतन:* *मार्गस्थ कृपानिधि* *सूरि जयन्तसेन चरण रज* मुनि श्रीवैभवरत्नविजयजी म.सा. *🦚श्रुतार्...
आत्मा के अंदर 18 पापो का प्रवेश न हो इसलिए प्रत्याख्यान का ताला आवश्यक है! आत्मा की सुरक्षा प्रत्याख्यान के माध्यम से करनी है – साध्वी डॉ. राजश्री जी म.सा. गुण धारण करना याने प्रत्याख्यान! ईच्छाओं पर नियंत्रण याने प्रत्याख्यान! शांती त्यागके अंदर है , भोगके अंदर नही! आज बस बारस है! बस याने गाय का पुजन! पशुधन से मिलने वाला खाद शुध्द होता है! “जीवन चार दिन का मेला, हो जायेंगा खत्म झमेला! नसीब को सुधारना हमारे हाथ मे नही, लेकीन व्यवहार सुधारना हमारे हाथ में है! व्यवहार मे शालीनता, विनम्रता है वह आदमी जीत सकता हैl विनय एवं विनम्रता से आदमी महान बन सकता है ! अपने स्वयं के घरके प्रति आदर्श बनना चाहिए! अहंकार हटाओ विनम्रता लाओ! कडवावट हटाईये, जुबान मे मीठास लाईये! व्यवहारमें प्रणाम के भाव आना चाहिए! उदारता का व्यवहार होना चाहिए! यह उद् बोधन किया साध्वी जिनाज्ञा श्री जी ने! आज मॉं पद्मावती क...
राजस्थान पत्रिका और एक्ष्नोरा इंटरनेशनल के संयुक्त तत्वाधान में चलाए जा रहे हरित प्रदेश अभियान के तहत आज चिल्ड्रंस पार्क गिंडी मैं एसकेपीडी बॉयज हायर सेकेण्डरी स्कूल के 100 विद्यार्थियों ने पर्यावरण के गुणों की जानकारी हासिल करने के लिए पार्क का भ्रमण किया। इस मौके पर मुख्य अतिथि डॉक्टर के मुथू कुमार प्रोग्राम ऑफिसर डिपार्टमेंट ऑफ एनवायरमेंट एंड क्लाइमेट चेंज गवेनमेंट ऑफ तमिलनाडु ने पर्यावरण के विशेष गुणों की जानकारी विस्तार से दी एवं विद्यार्थियो को पौधे वितरण किए। इस मौके पर एक्ष्नोरा उतरी चेन्नई के सचिव फतेहराज जैन ने कहा कि पर्यावरण के बिना धरती मां का श्रंगार अधूरा है, हम कितने भी विकसित हो गये लेकिन मानसिक शांति आज भी प्रकृति की गोद में ही मिलती है, पर्यावरण का संतुलन रहना हमारे जीवन में अति आवश्यक है पर्यावरण का मिजाज लगातार बिगड़ रहा है, इसकी भरपाई किसी न किसी आपदा के रूप में हो रह...
‘सिद्धपुरुष के सिद्धमंत्रों का’ हुआ महानुष्ठान मासखमण एवं अठाई तपस्वी का हुआ तपोभिनन्दन Sagevaani.com /माधावरम्: श्री जैन श्वेताम्बर तेरापंथ माधावरम् ट्रस्ट, चेन्नई के तत्वावधान में युगप्रधान आचार्य श्री महाश्रमणजी की सुशिष्या साध्वीश्री डॉ गवेषणाश्रीजी के सान्निध्य में ‘सिद्धपुरुष के सिद्धमंत्रों का’ महानुष्ठान हुआ। साध्वी श्री डॉ गवेषणाश्रीजी ने कहा, जैन धर्म में अनेक आचार्य सिद्धपुरुष के रूप में हुए है। उन्हीं में से तेरापंथ धर्मसंघ के एक सिद्धसाधक, सिद्धयोगी और सिद्धपुरुष आचार्य थे- आचार्य जीतमलजी। जो मंत्र विद्या के विशेषज्ञ, प्रयोग धर्मा, तेरापंथ इतिहास के पुरौधा, सबको साथ लेकर चलने वाले नीति विशारद के नेता, गंभीर निर्णायक और भविष्य के दिशा बोधक थे। साध्वी श्री मयंकप्रभाजी ने कहा- जयाचार्य ने अपने जीवन के साधनाकाल में अनेक मंत्रों की साधना एवं रचना की। आज ...
हीरा बाग में विराजित प पू आगमश्रीजी म सा प पू धैर्याश्रीजी म सा के सानिध्य में पवित्र आगम अंतगडसूत्र, कल्पसूत्र, 68 दिवस का महामंत्र का अनुष्ठान किया गया। इस अवसर पर कलश रैली भी निकाली गई। आगम वाचना का लाभ छाजेड परिवार ने लिया। मंगल कलश का लाभ कोठारी परिवार ने लिया। इस मौके पर संघ के सभी पदाधिकारी उपस्थित थे। सात्विक धैर्योश्री जी ने प्रवचन देकर सब को संबोधित किया आगम श्री जी ने पुण्य के बारे में बताया। पुण्य कैसे कमाया जाता है अथवा कमाया पुण्य कैसे नष्ट होता है इसके बारे में विस्तार से जानकारी दी। इस दौरान सारे संघ में उत्साह का वातावरण छाया रहा। मंच का संचालन अशोक जी भटियाणी ने किया।
युगप्रधान आचार्य श्री महाश्रमणजी की सुशिष्या साध्वी श्री डॉ गवेषणाश्री जी के सान्निध्य में “सिद्धपुरुष के सिद्धमंत्रों का “महानुष्ठान हुआ। साध्वी श्री डॉ गवेषणाश्रीजी ने कहा, जैन धर्म में अनेक आचार्य सिद्धपुरुष के रूप में हुए है उन्हीं में से तेरापंथ के एक सिद्धसाधक, सिद्धयोगी और सिद्धपुरुष आचार्य थे- आचार्य जीतमलजी । जो मंत्र विद्या के विशेषज्ञ, प्रयोग धर्मा, तेरापंथ इतिहास के पुरौधा, सबको साथ लेकर चलने वाले नीति विशारद के नेता गंभीर निर्णायक और भविष्य के दिशा बोधक थे। साध्वी श्री मयंकप्रभाजी ने कहा- जयाचार्य ने अपने जीवन के साधनाकाल में अनेक मंत्रों की साधना एवं रचना की। आज भी तेरापंथ धर्मसंध में उन मंत्रों का प्रभाव देखने को मिलता है। साध्वी श्री दक्षप्रभाजी के मंगलाचरण से कार्यक्रम की शुरुआत हुईं । साध्वी श्री मेरुप्रभाजी ने तपस्वी की अनुमोदना में सुमधुर गीतका प्रस्तुत की। ...
वीरपत्ता की पावन भूमि आमेट के जैन स्थानक मे विराजित साध्वी चन्दन बाला ने कहा कि जैन धर्म के उपवासों में किसी भी तरह का फल या फलारस भी निषेध होता है। विशेष परिस्थितियों में सिर्फ उबाल कर थारा हुआ या धोवन पानी सूर्योदय के बाद से सूर्यास्त पूर्व तक लिया जा सकता है। इस प्रकार का उपवास तिविहार उपवास कहलाता है। चौविहार उपवास में तो पानी का भी निषेध होता है। उपवास वाले दिन से पहले वाली रात्रि से ही भोजन का त्याग शुरू हो जाता है जो अगले दिन भर और रात भर जारी रहता है। अठई आठ दिनों के लिए रखा जाने वाला उपवास है। प्रोषधोपवास में पर्व के दिनों चारों प्रकार के आहार का त्याग कर करके धर्म ध्यान में दिन व्यतीत करना होता है। इसमें हिंसा त्याग शामिल है। एक बार भोजन प्रोषध और सर्वथा भोजन त्याग उपवास कहलाता है। इसे श्रावकों के चार शिक्षाव्रतों में से एक माना गया है। साध्वी आनन्द प्रभा ने कहा कि जैन धर्म के अन...
*🌧️विंशत्यधिकं शतम्* *📚📚📚श्रुतप्रसादम्🌧️* 🌧️ 4️⃣0️⃣ 🛑 जो मार्गानुसारी क्रिया का निषेध, अपलाप, त्याग करके मात्र ज्ञान का अहंकार करते हैं वह ज्ञान एवं क्रिया दोनों से भ्रष्ट नास्तिक है..! 🪔 ज्ञान एवं क्रिया उभय का आलंबन करनेवाला, विनय बहुमान करनेवाला साधक भावविशुद्ध बनकर शीघ्र ही मोक्ष प्राप्ति करता हैं..! ✅ भूमिका अनुसार, ज्ञान सहित धर्मप्रवृत्ति ही सन्मार्ग को प्रशस्त करती हैं.! 💫 बिना क्रिया के सिर्फ शुष्कज्ञान से जो मोक्ष की खोखली बातें करते है वह अन्न ग्रहण किये बिना ही क्षुधा तृप्ति की चाहना रखते हैं.! ⚪ बिना ज्ञान के सिर्फ कायकष्ट रूप क्रिया में लगे है ऐसे लोग मार्ग के ज्ञान के अभाव में पथभ्रष्ट होकर संसार में दीर्घकाल तक भटकते है..! ⚡ जो व्यक्ति मार्ग जानता है वह भी बिना चले गंतव्य तक नहीं पहुंच सकता.. ⚪ मार्ग जाने बिना सिर्फ चलते रहने से भी मंजिल मिलना असंभव हैं.. 🌧️ सार यह है की ||...
मेवाड उपप्रवर्तक गुरूदेव श्री कोमल मुनीजी म सा के 44 वे जन्मदिवस पर श्री अंबेश सौभाग्य नवयुवक मंडल संयुक्त मेवाड़ के आह्वान पर सभी जगह विशाल रक्तदान शिविरो का आयोजन किया जा रहा है l इसी के तहत भीलवाड़ा में रक्तदान शिविर 2 दिन का आयोजन रखा गया है प्रथम दिन मानवाधिकार संघर्ष समिति के तहत स्वैच्छिक रक्तदान का आज आयोजन रखा गया है और 31 तारीख को गुरुदेव की जन्म जयंती के दिन जैन युवा सेवा संस्थान द्वारा विशाल रक्तदान शिविर का आयोजन रखा गयाl दोनों शिविर अरिहंत चिकित्सालय शास्त्री नगर भीलवाड़ा में हो रहे हैl