*🌧️विंशत्यधिकं शतम्*
*📚📚📚श्रुतप्रसादम्🌧️*
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3️⃣8️⃣
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विधिपूर्वक
आशयशुद्धि के साथ
धर्म अनुष्ठान करने से
मोक्षमार्ग में प्रगति होती है.!
🛑
अपनी
अनुकूलता
ईच्छा अनुसार,
अशुद्ध आशय से,
धर्म प्रवृत्ति करने से
विपरित फल की
प्राप्ति होती हैं अर्थात
संसार भ्रमण की वृद्धि होती है.!
🟢
निकटभव मोक्षगामी
सरल भद्र प्रकृत्ति संपन्न,
लघुकर्मी जीवो को ही शुद्ध
विधिपूर्वक धर्म करणी
करने के परिणाम होते है..!
🙏
धन्य धन्य है…
विधि पालन करनेवाले,
विधि के प्रति सम्मान वाले,
विधि को मलिन न करनेवाले
भाविको को विधि से जोड़नेवाले।।
💐
भावपूर्वक
आनंद पूर्वक
उल्लास पूर्वक
रोमांचित ह्रदय से
त्रैलोक्य पूजित वीतराग
देव के भक्ति अनुष्ठान करें.!
*📙श्रीदर्शनशुद्धि प्रकरण📙*
🌷
*तत्त्वचिंतन:*
*मार्गस्थ कृपानिधि*
*सूरि जयन्तसेन चरण रज*
मुनि श्रीवैभवरत्नविजयजी म.सा.
*🦚श्रुतार्थ वर्षावास 2024🦚*
श्रीमुनिसुव्रतस्वामी नवग्रह जैनसंघ
@ कोंडीतोप, चेन्नई महानगर