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दुखसे मुक्ति, सुख की प्राप्ति धर्म बिना संभव नही- डॉ. राज श्री जी म.सा.

हमें कमजोर नही , शुरवीर बनना चाहिए! लक्ष्य अभयदान या जीवदया का रखो, जीवदयासे सुख की प्राप्ति हो सकती है! – डॉ. मेघाश्री जी। करलो अच्छा करम, जीवनमे अपनाने चाहिए पॉंच नियम! – साध्वी जिनआज्ञा श्री जी। आकुर्डी- निगडी- प्राधिकरण श्री संघ के प्रांगण मे उपाध्याय श्री पुष्करमुनीजी म.सा. की अज्ञानुवर्ती सुशिष्या डॉ राज श्री जी म.सा.आदि ठाणा 4 चातुर्मासार्थ विराजीत है! हर रोज़ जिनवाणी के माध्यमसे धर्म अनुरागीयोंका प्रबोधन कर धर्म जागरण का कार्य बहुत ही सुचारु रुपसे एवं श्रध्दा भावसे जारी है! मनमें भक्ति, वचन में शक्ति आवश्यक है! तन मन की मधुरता का संगम विनयपुर्वक की गयी वंदना है और वह ही सही वंदना कहलाती है! I card, Invitation card, SIM card, ATM card आदि का उल्लेख कर श्रध्दा, प्रेम, परमार्थ, आदि का ज़िक्र कर छोटे छोटे द्रष्टांत सामने रखे! अहिंसा, सत्यशील जीवन, चोरी से मुक्ति, शिलवान एवं...

ऊर्जावानों की उड़ान की सफलता पर बधाई और शुभकामनाये

जय महावीर जय अंबेश सौभाग्य मदन कोमल श्रैष्ठीवर्य समारोह अध्यक्ष  श्री पारस जी बाफना भीमगढ एक अद्भुत व्यक्तित्व के धनी है। आप व आपका पूरा परिवार गुरुवर अंबेश सौभाग्य मदन कोमल प्रेम उगम राज विजय के प्रति अनन्य आस्थावान है। श्री बाफना जी भीमगढ मुंबई का व्यक्तित्व असाधारण है।मृदुभाषी बाफना जी का जीवन सरल, सादगीपूर्ण और निराभिमानी है। आप जैसे दानवीर, कर्मवीर, धर्मवीर व्यक्ति को समारोह अध्यक्ष बनाने का सही कदम उठाया है। हम बाफना जी के यशस्वी, स्वस्थ एवं दीघार्यु जीवन के लिए मंगल कामना करते हैं कि वे इसी तरह राष्ट, धर्म और समाज की सेवा करते रहें।  शशि मारु नि राष्ट्रीय अध्यक्ष वनिता लोढा अध्यक्ष राजस्थान मोनिका सहलोत मंत्री योजना ज्ञान प्रकाश योजना जैन क्राफेंस नई दिल्ली

गुरू कोमल 44 वें अवतरण दिवस की कड़ी में रक्तदान शिविर कार्यक्रम

श्री अम्बेश सौभाग्य नवयुवक मंडल संयुक्त मेवाड़ द्वारा आयोज्य 31 अगस्त 2024 पूज्य मेवाड़ भास्कर गुरू कोमल 44 वें अवतरण दिवस की कड़ी में रक्तदान शिविर कार्यक्रमl मेवाड़ भास्कर उपप्रवर्तक युवा मनीषी पूज्य गुरूदेव श्री कोमलमुनिजी करूणाकर के 44 वें अवतरण दिवस का अवसर 31 अगस्त 2024 को उपस्थित हो रहा है! जैसा कि हम जानते हैं कि गुरूदेव अपना जन्म दिवस नहीं मनाते पर दान पुण्य त्याग सेवा कार्यों के लिए स्वीकृति है! रक्तदान शिविर अर्थात् किसी मरते हुए को नव जीवन देना…कितना बड़ा पुण्य कार्य… संयुक्त मेवाड़ नवयुवक मंडल की सकल कार्यकारिणी की भावना है कि पूज्य कोमल गुरू के अवतरण दिवस पर देश भर में जहां भी गुरू अम्बेश सौभाग्य मदन कोमल, गुरूणी प्रेम उगम के प्रति निष्ठावान नवयुवक मंडल संचालित हैं, उनसे निवेदन है कि आप पूज्य कोमल गुरू के 44 वें अवतरण दिवस पर 31 अगस्त 2024 को अपने यहाँ रक्तदान शिव...

इच्छाएं ही हमारे दु:ख का मुख्य कारण हैं: डॉ वरुणमुनि

श्री वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ राजाजीनगर बैंगलोर के तत्वावधान में उप प्रवर्तक पंकजमुनि के सानिध्य में डॉ वरुणमुनि ने कहा कि आकाश की तरह मानव की इच्छाएं भी असीम और अनंत होती हैं। हमारी अपूर्ण और अनुचित इच्छाएं ही हमारे दु:ख का मुख्य कारण हैं। कामनाओं के वशीभूत मानव सारा जीवन दु:खी रहता है । हमारी इच्छायें असीमित है। एक इच्छा पूर्ण होती है तो दूसरी जाग जाती है। इच्छाओ की यह डोर निरंतर चलती रहती है। मनुष्य ज्यों-ज्यों पाता है त्यों-त्यों परेशान होता है। जितना लाभ उतना लोभ। यह क्रम जीवन भर चलता है। बछड़ा ज्यो ज्यो बड़ा होता है उसके सींग भी बढते जाते है उसी प्रकार इंसान की इच्छायें भी बढ़ती जाती है। इंसान स्वयं मिट्टी का बना है लेकिन चाह ,इच्छायें सोने के वस्तुओं की रखता है। जो आत्मधन को प्राप्त कर लेते है वें इच्छाओ पर जीत हासिल कर लेते है। जब तक तृष्णा इच्छाओ के पीछे पीछे भागते रहोगे ...

अखण्ड आनन्द पाने का रास्ता है सामायिक : मुनि हिमांशुकुमार

 दीक्षा धोका ने स्वीकार किया नव की तपस्या का प्रत्याख्यान  तेयुप चेन्नई संस्कार में विशिष्ट परिषद् से हुई सम्मानित Sagevaani.com /चेन्नई: साधना का सबसे सरल साधन है- समत्व की साधना, समता की साधना। उपरोक्त विचार मुनिश्री हिमांशुकुमारजी ने ‘मुक्ति का राजपथ’ प्रवचनमाला के अन्तर्गत तेरापंथ भवन, साहुकारपेट, चेन्नई में कहें।  मुनिप्रवर ने फरमाया कि भगवान महावीर ने मुक्ति को सरलता से पाने के उपाय के रूप में श्रावक को समत्व की साधना करने की प्रेरणा दी। उसके लिए सामायिक करने का विधान दिया। सामायिक यानि 1. जीवन में समभाव, संतुलन, बैलेंस रखना। 2. अपनी आत्मा में रहना, बाह्य वातावरण में रहते हुए भी भीतर में रमण करना। 3. मन, वचन, काया रुपी पाप के दरवाजों को बन्द करना। 4. सब जीवों के प्रति मैत्री, करुणा, आत्मोपम्य, समानुभूति के भागों में रहना।  मुनिश्री ने सामायिक की विशेषताएँ बताते हुए कहा कि...

कर्मयोगी कृष्ण की गीता जीवन के लिए मैन्युअल : साध्वी डॉ गवेषणाश्री

Sagevaani.com /चेन्नई: डॉ साध्वी गवेषणाश्री ने कहा कृष्ण का अर्थ है- आकर्षित करना। अपने ज्ञान से, लीलाओं से, वीरता से, सौन्दर्य से, प्रेम और वात्सल्य से आकर्षित करता है। आप कोई भी उपकरण खरीदते है जैसे- वाशिंग मशीन, एयर कंडीशनर इत्यादि लेते है, तो उसके साथ एक मैन्युअल मिलता है, जो आपको उसकी उपयोगिता बताता है। वैसे ही कर्मयोगी कृष्ण की गीता जीवन के लिए मैन्युअल है। जैनधर्म में कृष्णजी को वासुदेव के रूप माना है, जो तीन खंड के राजा थे और भविष्य में 12वें अमम नाम के तीर्थकर बनेंगे।  साध्वी मयंकप्रभा ने कहा कि वासुदेवजी को दो चीजें बहुत प्रिय थी- मक्खन और बांसुरी। इन दोनों से प्रेरणा मिलती है- हमारा जीवन मक्खन की तरह कोमल हो और बांसुरी के 3 गुण- बिना बुलाये न बोले, मधुर स्वर से बोले एवं कोई गांठ न रखकर सीधा सपाट रहे। साध्वी मेरुप्रभाजी ने सुमधुर गितिका प्रस्तुत की। साध्वी दक्षप्रभाजी ने भावपूर्ण...

खुद को हिंसा से बचाना सबसे बड़ी जीवदया है

*☀️ प्रवचन वैभव☀️* 🌧️ 3️⃣8️⃣ *💧पर्युषण तत्त्वधारा-3💧* 186) खुद को हिंसा से बचाना सबसे बड़ी जीवदया है.! 187) प्रतिकार संसार है, क्षमा ही अध्यात्म है.! 188) शासन हिलना को रोकना सबसे बड़ी शासन प्रभावना है.! 189) सन्मति की प्राप्ति सन्मति की स्थिरता के लिए समत्व की साधना अति जरूरी हैं, समत्व की सिद्धि के लिए क्षमा का अभ्यास जरूरी हैं.! 190) आवश्यक सूत्रों में सबसे अधिक सूत्रों का विषय पापों का प्रायश्चित हैं.. ये बताता है की वह कितना आवश्यक हैं.! 🌧️ *प्रवचन प्रवाहक:* *युग प्रभावक वीर गुरुदेव* *सूरि जयन्तसेन चरण रज* मुनि श्रीवैभवरत्नविजयजी म.सा. *🦚श्रुतार्थ वर्षावास 2024🦚* श्रीमुनिसुव्रतस्वामी नवग्रह जैनसंघ @ कोंडीतोप, चेन्नई महानगर

कर्मबंध में अध्यवसायों की भूमिका

*क्रमांक — 466*   . *कर्म-दर्शन*   🚥🔹🚥🔹🚥🔹🚥 🔹🚥🔹🚥🔹🚥   *🔹कर्मबंध में अध्यवसायों की भूमिका*   *👉 अध्यवसाय अत्यन्त सूक्ष्म एवं आंतरिक होते हैं। हम इन्हें चेतना की प्रारंभिक हलचल की पर्याय कह सकते हैं। जबकि योग चेतना की स्थूल हलचल है। अध्यवसाय का अर्थ ही है- सूक्ष्म चैतन्य का स्पन्दन। कषाय या अतिसूक्ष्म शरीर में केवल स्पन्दन और तरंगें होती हैं, भाव नहीं। चेतना एवं कषाय के स्पन्दन एवं तरंगें जब बाहर आते हैं तब वे तरंगें अध्यवसाय तक पहुँचती हैं। अध्यवसाय को अतिसूक्ष्म इसलिए कहा गया है क्योंकि शरीर में उसका कोई केन्द्र विशेष नहीं है।*   *अध्यवसाय इतने सूक्ष्म होते हैं कि इनमें क्रोध की तरंगें तो होती हैं लेकिन क्रोध का भाव नहीं होता है। जब ये तरंगें सघन होकर भाव का रूप ले लेती हैं तब वे लेश्या बन जाती हैं। इस प्रकार वह शक्ति, ऊर्जा- पदार्थ में बदल जाती है। तरंग का सघन...

गुरुदेव श्री कोमल मुनि जी वर्षावास के आगामि प्रोग्राम

!जय आत्मानन्द-देवेन्द्र-शिव-महेन्द्र!! जयगुरू अम्बेश-सौभाग्य -मदन के पठ्धर सुशिष्य *मेवाड़ भास्कर उप प्रवर्तक युवामनीषी परम् पुज्य गुरुदेव श्री कोमल मुनि जी म.सा. करुणाकर* नवदीक्षित श्री हर्षित मुनि जी मा.सा आदि ठाना -2 चातुर्मास मंगलवाड की पावन पुण्य धरा धाम पर पोषद शाला मंगलवाड चौराहा सुखःशाता पूर्वक गतिमान है 🙏🙏 *वर्षावास के आगामि प्रोग्राम* (1) 25 अगस्त 2024 रविवार श्री अम्बेश सौभाग्य नवयुवक मंडल संयुक्त मेवाड़ अधिवेशन 🙏 (2) 01 सितम्बर 2024 रविवार पर्युषण पर्व प्रारम्भ ! 🙏🙏🙏🙏 (3) 08 सितम्बर 2024 रविवार संवत्सरी महापर्व ! 🙏🙏🙏🙏 (4) 18 सितम्बर 2024 बुधवार श्रमण संघीय, चतुर्थ पट्टधर, आचार्य सम्राट डाँ. शिवमुनि जी म.सा की जयंती ! 🙏🙏🙏🙏 (5) 04 अक्टूबर 2024 शुक्रवार चन्दनबाला महिला मण्डल अधिवेशन! 🙏🙏🙏🙏 (6) 07 अक्टूबर 2024 सोमवार पूज्या श्री राजमतीजी म.सा का निर्वाण दिवस ! 🙏🙏🙏🙏 (7) 15 अक्टूबर 20...

1008 एकासना दिवस का आयोजन किया गया

आज परम श्रद्धेय उप प्रवर्तक पूज्य गुरुदेव श्री पीयूष मुनि जी महाराज आदि ठाणा एवं प्रतिभा पुंज गुरूणी श्री अनीता जी महाराज आदि ठाणा के पावन सान्निध्य में सरलमना तपोनिधि मौनसाधिका अनथक पराक्रमी श्री सुलक्षणा जी महाराज की जन्म जयंती के उपलक्ष्य में फोर एस परिवार द्वारा सामूहिक भव्य 1008 एकासना दिवस का आयोजन जैन स्थानक गुड़ मंडी जालंधर में किया गया। सभी तपस्वियों का हार्दिक सुख साता पूछते हुए उनके तप का अनुमोदन करते हैं। इस 1008 भव्य आयोजन पर फोर एस परिवार की सेवाएं प्रशंसनीय एवं अनुमोदनीय रही हार्दिक आभार एवं धन्यवाद।

मेवाड़ संघ शिरोमणि में ही मेरा सम्मान समर्पित- मुनि कोमल

कल मंगलवाड़ में आयोजित प्रथम युवा अधिवेशन में संयुक्त मेवाड़ नवयुवक मंडल के उत्साही कार्यकर्ताओं ने मुझे *मेवाड़ युवा* *शिरोमणि* की आदर की चादर समर्पित की, चातुर्मास में साधु मर्यादा से चादर कल्पती भी नहीं, मैं आपके सम्मान का सम्मान करते हुए यह अलंकरण पूज्य गुरू अम्बेश को समर्पित करता हूँ, क्योंकि हमारे एक ही मेवाड़ संघ शिरोमणि हुए और हमेशा रहेंगे ! मेरा हार्दिक निवेदन…मेवाड़ संघ शिरोमणि गुरू अम्बेश बोलेंगे तो उसीमें मेरा सम्मान समझूंगा! कोमलमुनि करूणाकर मेवाड़ भास्कर उपप्रवर्तक

राजस्थानी ओलंपियाड 2024 का समापन समारोह हर्षोल्लास के साथ सम्पन्न

राजस्थानी एसोसिएशन तमिलनाडु द्वारा द्वितीय राजस्थानी ओलंपियाड 2024 का भव्य समापन 25 अगस्त, रविवार को जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम पेरियमेट के मैदान में सफलता के साथ सम्पन्न हुआl राजस्थानी एसोसिएशन तमिलनाडु द्वारा राजस्थान रत्न के सुभाषचंद रांका प्रस्तुति “राजस्थानी ओलिम्पयाड” तथा पावर्ड बाय राजस्थान रत्न मोहन गोयंका फाउंडेशन के अंतर्गत ज्ञानचंद आंचलिया ट्रेक एंड फील्ड इवेंट्स के तहत एथलेटिक प्रतियोगिता, ओलंपियाड समापन एवं पुरस्कार वितरण समारोह का आयोजन में मुख्य अतिथि श्री मंगत राम शर्मा, आई.ए.एस. (अतिरिक्त मुख्य सचिव, लोक निर्माण विभाग एवं विशिष्ट अतिथि) श्री जे. मेघनाथ रेड्डी, आई.ए.एस. (सदस्य सचिव, खेल विकास प्राधिकरण) ने समापन समारोह में पधार कर कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। मुख्य अतिथि ने राष्ट्रीय ध्वज व ओलम्पियाड ध्वजारोहण किया एवं शपथ ग्रहण करवा कर एथलीट शुरुआत करने की घोषणा की। इस अवसर पर आक...

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