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जिनको आगे बढ़ना हो उनके लिये श्रेष्ठ आदर्श है 

*☀️ प्रवचन वैभव☀️* 🌧️ 3️⃣7️⃣ *💧पर्युषण तत्त्वधारा💧* 181) जिनको आगे बढ़ना हो उनके लिये श्रेष्ठ आदर्श है पर्वाधिराज पर्युषण महापर्व.! 182) संकलेश के साथ तो अनंत मृत्यु प्राप्त किए, अब समाधि मृत्यु का लक्ष्य हो उसके लिए पर्व की आराधना है.! 183) नुकसान जानकर भी उस मार्ग पर जाना समझदारी का निर्णय नही ये बोध कराने आ रहे है पर्युषण.! 184) अनंत तीर्थंकरों की साधना का एक ही उद्देश्य रहा है समत्व सिद्धि उपदेश का एक ही सार रहा है परदेश को छोड़ो,स्वदेश में बसों.! 185) हिंसा से त्रिकाल में कभी किसी का कल्याण नही हुआ हैं न कभी होगा.! 🌧️ *प्रवचन प्रवाहक:* *युग प्रभावक वीर गुरुदेव* *सूरि जयन्तसेन चरण रज* मुनि श्रीवैभवरत्नविजयजी म.सा. *🦚श्रुतार्थ वर्षावास 2024🦚* श्रीमुनिसुव्रतस्वामी नवग्रह जैनसंघ @ कोंडीतोप, चेन्नई महानगर

चातुर्मास मंगलवाड चौराहे

के पठ्धर सुशिष्य *मेवाड़ भास्कर उप प्रवर्तक युवामनीषी परम् पुज्य गुरुदेव श्री कोमल मुनि जी म.सा. करुणाकर* नवदीक्षित श्री हर्षित मुनि जी मा.सा आदि ठाना -2 चातुर्मास मंगलवाड की पावन पुण्य धरा धाम पर पोषद शाला मंगलवाड चौराहा  *आज दिनांक 26 अगस्त 2024 का चातुर्मास मंगलवाड चौराहे * कई क्षेत्रों से श्रावक श्राविकाओं ने आकर *मेवाड़ भास्कर उपप्रवर्तक युवामनीषी परम् पूज्य गुरुदेव श्री कोमल मुनि जी मा.सा आदि ठाना 2* के दर्शन लाभ लिए व रेली में संपूर्ण मंगलवाड संघ के श्रावक श्राविका व सांवरिया जी संघ, व आस पास के कई क्षेत्रो से लोगो ने आकर रेली में गुरुदेव के साथ चलने का सौभाग्य उठया ,

कृष्ण जन्माष्टमी भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव है

वीरपत्ता की पावन भूमि आमेट के जैन स्थानक मे मनाई गई कृष्ण जन्माष्टमी एवं परम पूज्य गुरुदेव श्री साहिल मुनि म. सा. का 52 वा जन्म दिवस पर साध्वी चन्दन बाला ने कहा कि कृष्ण जन्म के समय घनघोर वर्षा हो रही थी। चारों तरफ़ घना अंधकार छाया हुआ था। श्रीकृष्ण का अवतरण होते ही वसुदेव–देवकी की बेड़ियाँ खुल गईं, कारागार के द्वार स्वयं ही खुल गए, पहरेदार गहरी निद्रा में सो गए। वसुदेव किसी तरह श्रीकृष्ण को उफनती यमुना के पार गोकुल में अपने मित्र नन्दगोप के घर ले गए। वहाँ पर नन्द की पत्नी यशोदा को भी एक कन्या उत्पन्न हुई थी। वसुदेव श्रीकृष्ण को यशोदा के पास सुलाकर उस कन्या को ले गए। कंस ने उस कन्या को पटककर मार डालना चाहा। किन्तु वह इस कार्य में असफल ही रहा। श्रीकृष्ण का लालन–पालन यशोदा व नन्द ने किया। बाल्यकाल में ही श्रीकृष्ण ने अपने मामा के द्वारा भेजे गए अनेक राक्षसों को मार डाला और उसके सभी कुप्रयासो...

केश लोच की उत्कृष्ठ साधना : अमन मुनि

Sagevaani.com /लुधियाना: एस. एस. जैन सभा, जनता नगर, लुधियाना क्षेत्र में विराजमान पूज्य गुरुदेव श्री आलोक मुनि जी म. सा. एवं पूज्य गुरुदेव श्री अमन मुनि जी म. सा. वर्षावास 2024 हेतु विराजमान हैं। संघ के प्रधान श्री सुनील जी जैन ने बताया कि जैन साधु संतो की अपनी उच्च कोटि की उत्कृष्ट साधना होती हैं उसी के अंतर्गत श्री अमन मुनि जी महाराज साहब ने प्रवचन के माध्यम से बताया : भेद ज्ञान की उत्कृष्ट साधना हैं –  केश लोच  केश लोच की साधना सबसे कठिन होती हैं जिसके अंतर्गत साधु संत अपने बालो को हाथ से उखाड़ फेकते हैं किसी कैंची, उस्तरे, ब्लेड आदि का इस्तेमाल नहीं करते हैं। ऐसा क्यों ? भगवान से पूछा गया कि जो लॉच की परंपरा है इसका कोई आध्यात्मिक संबंध है या परंपरा मात्र हैं। भगवान ने फरमाया लोंच का संबंध अध्यात्म से जुड़ा हुआ हैं। शरीर अलग हैं आत्मा अलग है इस भेद ज्ञान की अनुभूति के साथ जो लॉच ...

जाप एवं जन्माष्टमी महोत्सव का आकुर्डी स्थानक भवन में आयोजन

“श्री उवसग्गहरं स्तोत्र” जाप एवं जन्माष्टमी महोत्सव का आकुर्डी स्थानक भवन में आयोजन! आकुर्डी-निगडी-प्राधिकरण श्री संघ के प्रांगण मे आज डॉ. राज श्री म.सा. डॉ. मेघा़श्री जी म.सा. साध्वी समिक्षा श्री जी म.सा., जिनाज्ञा श्री जी म.सा. के पावन सानिध्यमें “ श्री उवसग्गहरं स्तोत्र” जाप एवं आध्यात्मिक जन्माष्टमी बच्चोके श्रीकृष्ण भगवान एवं राधा के विविध पेहराव , नाटिका, स्तवन आदि के माध्यमसे मनाई गयी ! 25 बच्चो ने अपने विविध कला गुणों का सादरीकरण कर सभों के मनों को मोहित किया! नुपुरा मुनोत 3 साल की गुडीयॉं साध्वीका रुप धारण कर आयी और अपने मुखान्वये मंगलपाठ सुनाया! बैरागन सिध्दी जैन साध्वी बनी! जय मुथा नन्हे 6 महिने के बालक नन्हे कन्हैया बने! आज के जन्माष्टमी के कार्यक्रम की प्रस्तावना मंजु जी संचेती ने की और बच्चो के माध्यम से साकार विविध अंगो का आयोजन नियोजन सौ. पल्लवी नहार एवं सौ. सोनल सोनी ने कि...

जैन धर्म के भावी तीर्थंकर श्री कृष्ण जी का जन्मोत्सव भक्ति भाव से मनाया गया : अमन मुनि

Sagevaani.com /लुधियाना: एस. एस. जैन सभा जनता नगर ने विराजमान सेवा शिरोमणि पूज्य श्री आलोक मुनि जी महाराज साहब एवं वाणी भूषण श्री अमन मुनि जी महाराज साहब के पावन सानिध्य में श्री कृष्ण जन्माष्टमी का पर्व बड़ी ही धूम धाम से मनाया गया। प्रवचन करते हुए श्री अमन मुनि जी महाराज साहब ने बताया कि मर्यादा पुरषोत्तम राम से जहा धर्म में मर्यादा आई वही श्री कृष्ण ने उसमे रस भर दिया उन्होंने संगीत दिया नृत्यगान दिया और जब व्यक्ति नृत्य करते करते थक जाता है तो आराम करना चाहता है तब महावीर का जन्म होता है महावीर भगवान ने हमे मौन की कला सिखाई, ध्यान की कला सिखाई शांत रहना सिखाया। श्री कृष्ण भगवान ने कोई पूजा नही की, कोई पाठ नही किया, कोई जाप नही किया ना धूनी रमाई ना जटाएं रखी फिर भी वो विश्व पूजनीय हो जाता करते हैं। श्री कृष्ण ने भले ही कोई पूजा, पाठ, तपस्या नही की फिर भी पूजे जाते है क्योंकि यदि उनके जी...

सत् संस्कार सजृन की शाला है- ज्ञानशाला : साध्वी डॉ गवेषणाश्री

ज्ञानशाला दिवस पर ज्ञानार्थीयों ने दी ज्ञानवर्धक प्रस्तुतियां 13 ज्ञानशालाओं के लगभग 160 ज्ञानार्थी एवं 60 प्रशिक्षिकाएं हुई सम्मिलित Sagevaani.com /माधावरम्: आचार्य श्री महाश्रमणजी की विदुषी सुशिष्या साध्वीश्री डॉ गवेषणाश्रीजी ठाणा 4 के सान्निध्य में रविवार को “ज्ञानशाला दिवस” कार्यक्रम का आयोजन जैन तेरापंथ नगर, माधावरम्, चेन्नई स्थिति तीर्थंकर समवसरण में हुआ।  डॉ साध्वी गवेषणाश्री ने फरमाया कि ज्ञानशाला के बच्चे कच्ची मिट्टी के लोंदै होते है, कोरा कागज होते है, इन पर जैसा लिखना है, जैसा आकार देना है, दे सकते है। बच्चों का सुनहरा वर्तमान, उनका भविष्य संवार देता है। जीवन को सजाने के लिए, संवृद्धन के लिए, संस्कारों को पाने के लिए ज्ञानशाला महत्वपूर्ण माध्यम है। नचिकेता, ध्रुव, प्रल्हाद,अतिमुक्तक ने 8-10 वर्ष की आयु में ही ईश्वरत्व को उपलब्ध कर लिया था। ज्ञानशाला का तात्पर्य है- ...

जैन स्थानक में मनाया गया जन्माष्टमी पर्व

मंडी डबवाली में चल रहे चातुर्मास के अंतर्गत माहसाध्वी श्री वीरकांता जी के सानिध्य में जन्माष्टमी पर्व मनाया गया। आज साध्वी डॉ अर्पिता जी ने श्री कृष्ण के जीवन गाथा का वर्णन करते हुए बहुत ही सुंदर उदाहरण प्रस्तुत किया। जेल में जन्म लेकर जंगल में मृत्यु को प्राप्त करने के बाद भी इतिहास में आज अमर है।श्री कृष्ण ने अपनी भुजा के बल से मथुरा में पलकर द्वारिका की स्थापना की। हजारों नारियों को जरासंध और कंस के कैद से मुक्त कियाl उन सभी की रक्षा का दायित्व भी अपने ऊपर लिया। जीवन जीने की कला श्री कृष्ण ने सिखाई। अत्याचार और अन्याय को खत्म किया। गोवर्धन पर्वत को एक नन्हे से बालक ने उंगली पर उठाकर लोगों की रक्षा की। कालिया नाग के मान का मर्दन करके उसको समझाया । बचपन से ही बड़े-बड़े कारनामे करके उन्होंने अनेक निर्बल लोगों की रक्षा करते हुए इतिहास में नाम अमर किया । संघ के प्रधान सुभाष जैन पप्पी ने बताय...

राग से बचो, द्वेष से अपने आप बच जाओगे: साध्वी चन्दन बाला

वीरपत्ता की पावन भूमि आमेट के जैन स्थानक मे साध्वी चन्दन बाला ने कहा कि भगवान महावीर से उनके शिष्य गौतम के द्वारा पूछे गए प्रश्न की भगवान यह संसार कब तक चलता रहेगा के समाधान में कहा कि जब तक मनुष्य में राग-द्वेष रहेगा तब तक उसका संसार चलता रहेगा। मनुष्य में राग ज्यादा होता है और निरंतर चलता रहता है, परंतु द्वेष थोड़ा-थोड़ा होता है। उन्होंने राग और द्वेष को विस्तार से समझाया। कहा कि मनुष्य को अपनी आत्मा के कल्याण हेतु एवं मोक्ष प्राप्त करने के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए राग और द्वेष से मुक्त होने का प्रयास करना चाहिए। राग से बचो, द्वेष से अपने आप बच जाओगे। पहले राग अपने शरीर से होता है। जब कोई दुर्घटना होती है तो आदमी पहले खुद को बचाता है। ये मानसिकता हर प्राणी जगत की है । साध्वी विनीत प्रज्ञा ने कहा कि आध्यात्मिकता के लिए राग-द्वेष को जीतना ही संसार को जीतना है। राग-द्वेष के कारण आदमी अवसा...

जैन रत्न हितैषी श्रावक संघ तमिलनाडु ने किया वैज्ञानिक एम बी मोदी का सम्मान

श्री जैन रत्न हितैषी श्रावक संघ, तमिलनाडु द्वारा आज 25 अगस्त 2024 रविवार को चेन्नई में रक्षा और विकास संगठन [ डी आर डी ओ ] के सेवानिवृत्त वैज्ञानिक डा. एम बी मोदी का सम्मान किया गया। श्रावक संघ तमिलनाडु के कार्याध्यक्ष आर नरेन्द्र कांकरिया ने डा एम बी मोदी का शाल्यार्पण और रिखबचंद पुनमिया ने मालायर्पण कर सम्मान किया | इस अवसर पर उपस्थित साहित्यकार डा. दिलीप धींग ने डीआरडीओ का परिचय देते हुए कहा कि इसकी स्थापना में डॉ. दौलतसिंह कोठारी का बुनियादी योगदान रहा था, जो रक्षा मंत्रालय में प्रथम वैज्ञानिक सलाहकार थे| उन्होंने जैन दर्शन और विज्ञान की तुलना प्रामाणिक तरीके से की थी| विज्ञान के अभिमान में अहिंसा, संयम और तप की उपेक्षा नहीं होनी चाहिये |

जालंधर में गुणगान सभा का आयोजन

आज परम श्रद्धेय उप प्रवर्तक पूज्य गुरुदेव श्री पीयूष मुनि जी महाराज आदि ठाणा एवं प्रतिभा पुंज गुरूणी श्री अनीता जी महाराज आदि ठाणा के पावन सान्निध्य में सरलमना तपोनिधि मौनसाधिका अनथक पराक्रमी श्री सुलक्षणा जी महाराज के जन्म दिवस के उपलक्ष्य में जैन स्थानक गुड़ मंडी जालंधर में गुणगान सभा का आयोजन किया गया। श्रावक श्राविकाओं ने भजन और भाषण द्वारा गुरु चरणों में अपने भाव रखे। फोर एस परिवार द्वारा श्री सुलक्षणाजी महाराज के जीवन पर आधारित सुंदर नाटिका प्रस्तुत की गई। जिससे सभी सदस्य भाव विभोर हो गए।

सही दिशा में चलने का निश्चय ही मंजिल तक ले जाएगा

*☀️प्रवचन वैभव☀️* 🌧️ 3️⃣6️⃣ *💧पर्युषण तत्त्वधारा💧* 176) सही दिशा में चलने का निश्चय ही मंजिल तक ले जाएगा.! 177) आत्म पवित्रता का प्रागट्य करने के लिए महापर्व का आगमन हुआ है.! 178) लोकोत्तर पर्व मुक्ति का कारण है, क्योंकि उसके मूल में त्याग हैं.! 179) जैन दर्शन वीतराग के आत्म अनुभव से निर्मित हुआ दर्शन है, कोई कॉपी पेस्ट दर्शन नही है.! 180) 12 मैसे 4 जाए तो 8 लेकिन आत्मलाभ की दृष्टि से देखें तो 12 मैसे 4 जाए तो शून्य रहता है क्योंकि 1 वर्ष के 12 महीने हैं लेकिन विशेष आराधना हेतु वर्षावास 4 महीने यदि आराधना के 4 माह छूट गए तो बाकी माह व्यर्थ है.! 🌧️ *प्रवचन प्रवाहक:* *सूरि जयन्तसेन चरण रज* मुनि श्रीवैभवरत्नविजयजी म.सा. *🦚श्रुतार्थ वर्षावास 2024🦚* श्रीमुनिसुव्रतस्वामी नवग्रह जैनसंघ @ कोंडीतोप, चेन्नई महानगर

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