*☀️प्रवचन वैभव☀️*
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3️⃣6️⃣
*💧पर्युषण तत्त्वधारा💧*
176)
सही दिशा में
चलने का निश्चय ही
मंजिल तक ले जाएगा.!
177)
आत्म
पवित्रता का
प्रागट्य करने के लिए
महापर्व का आगमन हुआ है.!
178)
लोकोत्तर पर्व
मुक्ति का कारण है,
क्योंकि उसके मूल में त्याग हैं.!
179)
जैन दर्शन
वीतराग के
आत्म अनुभव से
निर्मित हुआ दर्शन है,
कोई कॉपी पेस्ट दर्शन नही है.!
180)
12 मैसे
4 जाए तो 8 लेकिन
आत्मलाभ की दृष्टि से
देखें तो 12 मैसे 4 जाए तो
शून्य रहता है क्योंकि
1 वर्ष के
12 महीने हैं लेकिन
विशेष आराधना हेतु
वर्षावास 4 महीने
यदि आराधना के 4 माह
छूट गए तो बाकी माह व्यर्थ है.!
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*प्रवचन प्रवाहक:*
*सूरि जयन्तसेन चरण रज*
मुनि श्रीवैभवरत्नविजयजी म.सा.
*🦚श्रुतार्थ वर्षावास 2024🦚*
श्रीमुनिसुव्रतस्वामी नवग्रह जैनसंघ
@ कोंडीतोप, चेन्नई महानगर