11अगस्त भीलवाड़ा। अंहकार और घमंड ही मनुष्य के जीवन का पतन करता है शुक्रवार को अहिंसा भवन शास्त्री नगर मे महासती प्रितीसुधा ने सेकड़ों श्रध्दालुओं को धर्म उपदेश देते हुए कहा कि धर्म और जमीन से जुड़ा व्यक्ति जीवन मे उपलब्धियो को हासिल करने के बाद भी घमंड और अंहकार को अपने उपर हावी नहीं होने देता है। परन्तु आज मनुष्य चंद उपलब्धियाओ और धन को पाकर स्वयं को भगवान समझ रहा है । वो सोचता कि दुनिया मेरे ही भरोसे पर चल रही है। जबकि संसार में किसी के होने नहीं होने पर किसी को कौई फर्क नहीं पड़ने वाला,दुनिया कल पर चल रही थी आज भी चल रही है और आगे भी इसी तरह चलती रहेगी। जबकि सूर्य, चंद्रमा,धरती,आकाश और वायु जिनके बल बूते पर मनुष्य का जीवन गतिमान है मगर उन्हें कभी न इस बात को जताया ना ही कभी गुमान किया है, तो मनुष्य के पास ऐसा है, क्या जो वो दौलत, शोहरत, सोंदर्य ज्ञान, बुध्दि, बल या एक जमीन के छोटे स...