पू.आचार्य श्री विजयराज जी म.सा. ने फरमाया कि.., एक बार भजन करते, मुक्ति का जतन कर ले, कट जायेगी चौरासी, तु प्रभु का भजन कर ले ।। एक बार गुरु और शिष्य का संवाद चल रहा था शिस्य ने पुछा श्रावक की पहचान क्या है? पहचान से पता चलता है कौन कैसा होता है! श्रावक की क्या पहचान है? लोगों की भीड़ में कौन आपकी पहचान कर सके। पहचान के दो रुप है… 🔻एक पहचान पहनावे (वेशभुषा ) से होती है। बाह्य पहचान होती है। ...
पू.आचार्य श्री विजयराज जी म.सा. ने फरमाया कि.., एक बार भजन करते, मुक्ति का जतन कर ले, कट जायेगी चौरासी, तु प्रभु का भजन कर ले ।। एक बार गुरु और शिष्य का संवाद चल रहा था शिस्य ने पुछा श्रावक की पहचान क्या है? पहचान से पता चलता है कौन कैसा होता है! श्रावक की क्या पहचान है? लोगों की भीड़ में कौन आपकी पहचान कर सके। पहचान के दो रुप है… 🔻एक पहचान पहनावे (वेशभुषा ) से होती है। बाह्य पहचान होती है। य...
श्री जैन महासंघ की त्रिवर्षीय टीम का हुआ मनोनयन Sagevaani.com /चेन्नई : श्री जैन महासंघ, चेन्नई की वार्षिक साधारण सभा का आयोजन तेरापंथ सभा भवन, साहुकारपेट में हुआ। नमस्कार महामंत्र सामुहिक स्मरण के बाद राजेन्द्र भण्डारी के मंगलाचरण के साथ कार्यवाही प्रारम्भ हुई। अध्यक्ष श्री राजकुमार बडजात्या ने स्वागत स्वर प्रस्तुत करते हुए, गत तीन वर्षों में पदाधिकारियों, समिति सदस्यों के साथ समस्त जैन समाज के ...
Sagevaani.com /Chennai: शांतिवल्लभ लुम्बिनी जैन संघ में आचार्य श्री देवेंद्रसागरसूरिजी ने प्रवचन देते हुए कहा कि असफलता किसी भी योद्धा का एक पंख होती है। गिरने के अनुभव के बिना उड़ने वाला व्यक्ति स्वयं को उड़ने वाला नहीं कह सकता। हममें से हर कोई पहले से ही किसी न किसी चीज़ में विफल रहा है, चाहे वह स्कूल के संगीत नाटक के दौरान एक उच्च नोट हिट करने में विफलता के रूप में सरल हो, या किसी व्यावसायिक सौ...
भावुक माहौल में जैन साध्वियों ने शिवपुरी से ली विदा, पद बिहार कर पहुंचेंगी इंदौर Sagevaani.com /शिवपुरी। शिवपुरी में सफल और सार्थक चार्तुमास संपन्न करने के बाद प्रसिद्ध जैन साध्वी रमणीक कुंवर जी ठाणा पंाच सतियों ने आज भावुक माहौल में शिवपुरी से विदाई ली। इस अवसर पर वहां मौजूद बहुत से स्त्री पुरूषों की आंखों में विदाई बेला के अवसर पर आंसु आ गए। साध्वी रमणीक कुंवर जी ने कहा कि हम शिवपुरी में मिले अप...
शिवपुरी चार्तुमास के अंतिम उपदेश में जैन साध्वियों ने किया भावविभोर, मांगी अपनी गुरू दक्षिणा Sagevaani.com /शिवपुरी ब्यूरो। पांच माह तक चार्तुमास में शिवपुरी में धर्म की गंगा प्रवाहित करने वाली प्रसिद्ध जैन साध्वी रमणीक कुंवर जी ठाणा पांच सतियों ने आज अपने अंतिम धर्मोपदेश में धर्म प्रेमियों को भावविभोर कर दिया। आदर्श नगर में यशवंत सांड के निवास स्थान पर आयोजित धर्मसभा में साध्वी रमणीक कुंवर जी ने ...
आचार्य श्री वर्धमानसागरसूरिजी एवं आचार्य श्री देवेंद्रसागरसूरिजी महाराज शुक्रवार को बिन्नी नोर्थटाउन से विहार करते हुए टीविएच लुम्बिनी पधारे, लुम्बिनी जैन संघ में प्रवचन देते हुए आचार्य श्री देवेंद्रसागरसूरिजी ने कहा कि भविष्य के लिए संग्रह ही दुख का कारण है। अगर पशु-पक्षी की तरह मनुष्य भी वर्तमान में जीने लगे तो वह भी दुखी नहीं होगा। ऐसा इसलिए, क्योंकि दुख कल की चिंता में है, कल के लिए जो संग्रह ...
Sagevaani.com /चेन्नई : तेरापंथ जैन विद्यालय, साहुकारपेट, चेन्नई के प्रांगण में विद्यालय द्वारा गत शनिवार को पारितोषित दिवस का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विद्यालय महासचिव श्री रेख धोका, संयुक्त सचिव डॉ. कमलेश नाहर, महासंवाददाता श्री महावीरचंद गेलड़ा, स्कूल कमेटी संयोजक श्री महेंद्रकुमार आंचलिया, अखिल भारतीय तेरापंथ युवक परिषद् के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री रमेश डागा व श्री नवीन कुमार दरला भूतपूर्व प्र...
Sagevaani.com /चेन्नई : चक्रवाती तूफान मिचौंग के कारण प्रभावित लोगों की सहायता के लिए अनेकों हाथ आगे आ रहे हैं। प्राकृतिक आपदा से कोई भी अछुता नहीं रह सकता, यह किसी के बस की बात भी नहीं है। तो उनको बचाने के लिए भी सरकार के साथ स्वयं सेवी समाजिक संस्थान अपने अपने स्तर पर लोगों की सहायता के लिए आगे आते है। इसी कड़ी में ए एम जैन ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन, मिनम्बाक्कम, चेन्नई द्वारा शुक्रवार दोपहर से लगभग ...
Sagevaani.com /चेन्नई :- आज शनिवार 9 दिसम्बर 2023 को रत्नवंश के पंचम पट्टधर आचार्य पूज्यश्री विनयचंद्रजी म.सा की पुण्यतिथि स्वाध्याय भवन, साहूकारपेट, चेन्नई में स्वाध्याय दिवस के रुप में मनाई गयी | स्वाध्यायी बन्धुवरों लीलमचन्द बागमार व गौतमचंद मुणोत ने गौतम गणधर की स्तुति की | उपस्थित श्रद्धालुओं ने तीर्थंकर महावीर चालीसा की सामूहिक रुप से स्तुति की | श्रावक संघ तमिलनाडु के कार्याध्यक्ष आर नरेन्द...
🔶 चातुर्मास प्रारंभ में ही लगभग 200 श्रावक- श्राविकाओं द्वारा चातुर्मास काल के दरम्यान लगभग 50000 (पचास हजार) से अधिक सामयिक करने के, साथ ही जमीकंद/होटल/सिनेमा/ मौज मस्ती के उद्देश्य से घूमने/अब्रह्म सेवन व रात्रि भोजन त्याग/दैनिक 14 नियम चित्तारना/प्रतिदिन नवकारसी/अंगूठी के पच्छक्खाण आदि 27 नियमों का संकल्प पत्र भरा गया। 🔷लगभग 125 से भी ज्यादा श्रावक- श्राविकाओं द्वारा श्रावक के व्रत (जघन्य 1 एक ...
साध्वी जी ने बताया कि भक्ति जब साकार होती है तब भगवान मिलते हैं Sagevaani.com /शिवपुरी ब्यूरो। भक्त होना आसान नहीं है। भक्ति को जीवन में वहीं उतार सकता है जो अपने भगवान के लिए सब कुछ न्यौछाबर करने को तैयार रहता है। सच्चा भक्त वहीं है जो भगवान के लिए नरक जाने तक को तैयार हो जाए। उक्त उदगार प्रसिद्ध जैन साध्वी नूतन प्रभाश्री जी ने बल्लभचंद जी, शैलेष कुमार जी कोचेटा के निवास स्थान पर आयोजित धर्मसभा ...