स्वाध्याय भवन,साहूकारपेट,चेन्नई में ज्येष्ठ पूर्णिमा पर्व साधना पूर्वक मनाया |
चेन्नई में साहूकारपेट के बेसिन वाटर वर्क्स स्ट्रीट पर स्थित स्वाध्याय भवन में ज्येष्ठ शुक्ल पूर्णिमा पर्व साधना पूर्वक मनाया गया | पक्खी पाक्षिक पर्व के प्रसंग पर ‘एक कदम धर्म की ओर’ प्रवचन माला के अन्तर्गत प्रभु का पत्र- “मैं हूं ना” पर वरिष्ठ स्वाध्यायी आर वीरेन्द्रजी कांकरिया ने प्रभु के पत्र के अंशों का वांचन किया | स्वाध्यायी बन्धुवर ने विवेचन करते हुए कहा कि प्रभु के प्रति पूर्ण समर्पण करने वाले तनाव रहित हो जाते हैं | जीवन प्रभु व प्रभु के मार्ग पर चलने वाले गुरु को सौंप दिया तो उत्थान ही होगा | अपने जीवन की पतंग रुपी डोर को गुरु के हाथों में सौंप दिया तो कोई चिन्ता नहीं रहेगी | गुरु ही डोर खींचेंगे,ढील देंगे और गुरु ही ऊंचाई तक पहुंचाएंगे | स्वयं को शून्य मान कर गुरु को समर्पित कर देंगे तो गुरु हमारे जीवन मे निखार लाकर बेड़ा पार कर देंगे | उपस्थित स्वाध्यायीगण ने श्रवण किये सूत्रों को अपने शब्दों में उच्चरित किया व जिज्ञासाओं का समाधान हुआ |
श्री जैन रत्न हितैषी श्रावक संघ तमिलनाडु की ओर से पूर्व कार्याध्यक्ष आर नरेन्द्रजी कांकरिया ने आलोयणा का पाठ करते हुए श्रुत सेवा देने हेतु स्वाध्यायी वीरेन्द्रजी कांकरिया व स्वाध्यायी बन्धुवरों को साधुवाद ज्ञापित किया |
स्वाध्यायी श्री गौतमचन्दजी मुणोत,इंदरचंदजीयू कर्णावट रुपराजजी सेठिया, पदमचन्दजी श्रीश्रीमाल दीपकजी श्रीश्रीमाल, हितेनजी कोठारी, महावीरचन्दजी बागमार निखिलजी कांकरिया, लीलमचन्दजी बागमार, जे कमलजी चोरडिया, कान्तिलालजी तातेड़ महावीरचन्दजी कर्णावट, उच्छबराजजी गांग,प्रेमजी बागमार आदि सामायिक परिवेश में उपस्थित थे | दीपकजी श्रीश्रीमाल ने चिन्तन सूत्र हितेनजी कोठारी ने तीन मनोरथ चिन्तन सूत्र व महावीरचन्दजी बागमार ने प्रत्याख्यान कराये | रुपराजजी सेठिया ने मंगल पाठ किया | गुरु सुखसाता पाठ गौतमचन्दजी मुणोत ने करवाया | पूर्णिमा पक्खी पर्व पर प्रतिक्रमण बादलचन्दजी बागमार ने करवाया | कान्तिलालजी तातेड़ ने संकल्प सूत्र करवाया | स्वाध्यायीगण ने तीर्थंकरों की सामूहिक रुप से चोवीसी स्तुति करते हुए सर्व जीव राशि से क्षमायाचना की | तीर्थंकरों, गुरु भगवन्तों की जयजयकार सहित प्रवचन माला कार्यक्रम संपन्न हुआ |
प्रेषक : स्वाध्याय भवन’ 24/25 – बेसिन वाटर स्ट्रीट साहूकारपेट चेन्नई तमिलनाडु