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हमारा मोह संसार में है: प.पूज्य डॉ श्री संयमलताजी म.सा.

हमारा मोह संसार में है। मोहनीय कर्म की स्थिती में 70 क्रोडा क्रोडी सागरोपम भोगना पडेगा। बडे बडे घरों मे कुत्ते बड़ी बड़ी गाडी में घूमते है है एसी घर मे रहते है मा...

अच्छे कार्यकी अनुमोदना करते रहो!- साध्वी स्नेहाश्री जी म.सा.

आकुर्डी निगडी प्राधिकरण जैन श्रावक संघ के प्रांगण में महाराष्ट्र सौरभ पु. चंद्रकलाश्री जी आदि ठाणा 3 का चातुर्मास अग्रेसर है! जिनवाणीका रसपान धर्म अनुरागी कर रह...

संधीचं सोनं करा-प.पू.रमणीकमुनीजी म.सा.

जालना : मोहनिय कर्मातून बाहेर कसे पडावे. आपलं भाग्य आहे की, आपल्याला या दरबारात प्रभू महावीरांची गाथा आपल्याला श्रवण करण्याची संधी प्राप्त झाली आहे. या संधीचं आ...

योगी बनू शकत नाही पण सहयोगी तर बना!-प.पू.रमणीकमुनीजी म.सा.

जालना : योगी बनू शकत नाही पण सहयोगी तर बना. असा हितोपदेश देतांनाच ते म्हणाले की, आपलं घर आहे ना, ते सुमेधापरवत असलं तरी प्रभू महावीरांना कधीच विसरु नका, असे वाण...

प्रभु की भक्ति निष्काम भाव से करें: डॉ वरुण मुनि जी।

श्री गुजराती जैन संघ गांधीनगर में चातुर्मास विराजित दक्षिण सूर्य ओजस्वी प्रवचनकार डॉ श्री वरुण मुनि जी ने बुधवार को धर्म सभा में उपस्थित श्रद्धालुओं को संबोधित ...

अनित्य भावना – धनप्राप्तीचा मार्ग आणि मनाचा बदल

प्रवचन – 13.08.2025 – प पू श्री मुकेश मुनीजी म सा – (बिबवेवाडी जैन स्थानक) भगवंत महावीर स्वामींनी सांगितलेल्या 12 भावनांपैकी पहिली भावना म्हणजे अनित...

आध्यात्मिक प्रक्रिया है प्रतिक्रमण : मुनि डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार

आचार्य महाश्रमण के प्रबुद्ध सुशिष्य मुनि डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार जी, मुनि रमेश कुमार जी , मुनि पद्म कुमार एवं मुनि रत्न कुमार के पावन सान्निध्य में तेरापंथ धर्मस्थ...

संसार मे जन्म मरण का कारण आयुष्य कर्म: साध्वी संबोधि 

आयुष्य कर्म के अस्तित्व से प्राणी जीवित रहता है और इसका क्षय होने पर मृत्यु को प्राप्त करता है। इस कर्म का स्वभाव कारागृह के समान बताया है। यह कर्म आत्मा के अवि...

हरी को पाने के लिये हीरे का त्याग करना ही पड़ेगा-पूज्याश्री कमलप्रज्ञा मसा

परिग्रह करोगे तो या तो खाएगा परिवार, या ले जाएगी सरकार-पूज्याश्री डॉ संयमलताजी मसा मालव केसरी श्री सौभाग्यमल जी मसा के सुशिष्य, श्रमण संघीय प्रवर्तक श्री प्रकाश...

थॅंक्स गिव्हींग की भावना रहनी चाहिए! – साध्वी स्नेहाश्री जी म.सा.

जन्मदेनेवाले माता पिता , शिक्षा देनेवाले गुरुजन, धर्मआराधना सिखानेवाले धर्मगुरु, अन्नदाता, समाज, परिवार, एवं अपने हर कार्य मे सहाय्यभुत होने वाली व्यक्ति के प्र...

थॅंक्स गिव्हींग की भावना रहनी चाहिए! – साध्वी स्नेहाश्री जी म.सा.

जन्मदेनेवाले माता पिता , शिक्षा देनेवाले गुरुजन, धर्मआराधना सिखानेवाले धर्मगुरु, अन्नदाता, समाज, परिवार, एवं अपने हर कार्य मे सहाय्यभुत होने वाली व्यक्ति के प्र...

प्रतिक्रमण से विशुद्ध होती है आत्मा : मुनि डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार

तपस्वी गौरव कुंडलिया का तपोभिनंदन आचार्य महाश्रमण के प्रबुद्ध सुशिष्य मुनि डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार जी , मुनि रमेश कुमार जी , मुनि पद्म कुमार जी एवं मुनि रत्न कुमार...

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