नूतन गृह प्रवेश संस्कार पट्टालम, चेन्नई 11.07.2022 ; श्रीडूंगरगढ़ निवासी, चेन्नई प्रवासी श्रीमती कनकदेवी श्री जतनलालजी पुगलिया के सुपुत्र श्री बिकास – श्रीमती ज्योति पुगलिया तेयुप चेन्नई के कार्यसमिति सदस्य (अनुराग-खुश्बू पुगलिया के भाई) का केएलपी अभिनन्दन अपार्टमेंट के नूतन गृह का प्रवेश जैन संस्कार विधि से सम्पादित हुआ। अभातेयुप जैन संस्कारक श्री पदमचन्द आंचलिया, श्री स्वरूप चन्द दाँती, श्री हनुमान सुखलेचा, श्री पुखराज पारख, श्री संतोष सेठिया ने सम्पूर्ण मंगल मंत्रोच्चार के साथ गृह प्रवेश को जैन संस्कार विधि से परिसम्पन्न करवाया। तेयुप मंत्री संदीप मुथा ने पुगलिया परिवार को बधाई सम्प्रेषण के साथ, जैन संस्कार विधि से नूतन गृह प्रवेश के कार्यक्रम को विधि पुर्वक करवाने के तेयुप और संस्कारकों को आमंत्रित करने के लिए साधुवाद दिया। श्री जतनलालजी पुगलिया, श्री कन्हैयालाल पुगलिया ने ...
आचार्य भिक्षु के जीवन से चरित्र निर्माण की दी प्रेरणा माधावरम्, चेन्नई 12.07.2022 : मुनि श्री सुधाकर के सान्निध्य में जय समवसरण, जैन तेरापंथ नगर, माधावरम् में आचार्य भिक्षु के 297वें जन्मोत्सव, बोधी दिवस और चातुर्मासिक चतुर्दशी के कार्यक्रम का आयोजन किया गया। अपने आराध्य, तेरापंथ के आध्यप्रवर्तक को श्रद्धा से स्मरण करते हुए मुनि सुधाकर ने कहा कि आचार्य श्री भिक्षु का जीवन आदर्श परायण था। वे अहिंसा, संयम और तपस्या की त्रिवेणी में हर समय, पूर्ण जागरूकता से स्नान करते थे। आत्मबल और पुरुषार्थ के सजीव उदाहरण थे। हमें आचार्य श्री भिक्षु जैसे महापुरुषों के आदर्शों का श्रद्धा से अनुसरण करना चाहिये। तभी हम उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजली अर्पित कर सकते है। आचार्य श्री भिक्षु आत्मार्थी और सत्य शोधक थे। वे परम्परा से अधिक सत्य के उपासक थे। वे आध्यात्मिक दार्शनिक थे। उनका अध्यात्म-दर्शन वीतरागता की साध...
प्रसिद्ध वक्ता जगत वल्लभ जैन दिवाकर पूज्य गुरुदेव चौथमल जी महाराज साहब एवं जावरा के गौरव उपाध्याय कस्तुरचंद जी महाराज साहब की अनुकंपा से एवं राष्ट्रसंत आचार्य सम्राट पूज्य गुरुदेव श्रीआनंदऋषि जी महाराज साहब एवं मालव सिंहनी, प्रवर्तनी पूज्य श्री रत्नकंवर जी महाराज साहब की प्रशिष्याए मालवज्योति गुरुवर्या पूज्य श्री वल्लभ कुंवर जी महाराज साहब की सुशिष्याए वर्तमान आचार्य पूज्य श्री डॉ. शिवमुनि जी महाराज साहब एवं महाराष्ट्र प्रवर्तक श्री कुंदनऋषि जी महाराज साहब,प्रवर्तक श्री विजयमुनि जी म.सा. की आज्ञानुवर्तनी जिनशासन चंद्रिका, मधुर वक्ता, मालव गौरव,पूज्य श्री प्रियदर्शना जी महाराज साहब तत्व चिंतिका पूज्य श्री कल्पदर्शना जी महाराज साहब आदि ठाणा-2 का भव्य चातुर्मास मंगल प्रवेश आज प्रात: 9 बजे रंगुजी महिला स्थानक भ. महावीर स्वामी मार्ग से प्रारम्भ हुआ जो नगर के प्रमुख मार्ग से होता हुआ जैन दिवाकर ...
साधुमार्गी संघ के वरिष्ठ श्रावक रत्न, आचार्य भगवन्त एवं चारित्रिक आत्माओं के प्रति पुर्ण समर्पित श्ररदानिष्ठ श्री ज्ञान चंद जी सा कोठारी का स्वर्गवास साधुमार्गी संघ के लिए अपुरणीय क्षति है आपके प्रयास से ही मई महीने में वेलचेरी संघ के सानिध्य में शासन दीपिका समिहा श्री जी महाराज सा के सानिध्य में 14साल से ऊपर की लड़कियों का पांच दिवसीय (25 may to 30may) सफल शिविर का आयोजन हुआ था। बच्चियों में संस्कारों का आरोपण एवं धर्म आराधना हुईं थीं,आप संघ सेवा के लिए सदैव तत्पर रहते थे, धर्म आराधना एवं नित्य नया ज्ञान सीखने की आप में सदैव रूचि रहती थी, आप गुरूदेव के अनन्य भक्त थे, आपका नाम साधुमार्गी संघ एवं वेलचेरी संघ के अग्रणी श्रावक के रूप में, इतिहास में सदैव अमर रहेगा। अरिहंत देव से यहीं मंगल कामना करता हूं कि आप की आत्मा अपने सम्पूर्ण कर्मों की निर्जरा करके अतिशीघ्र अपने अन्तिम लक्ष्य मोक्ष को प...
मुनिश्री ने घर को ही मन्दिर बनाने के दिये सूत्र माधावरम्, चेन्नई 10.07.2022 ; घर ही इंसान का पहला मन्दिर है, तीर्थ है, गंगा है, पाठशाला है। जहां शान्ति, सहजता, सह्दयता, आनन्द का अनुभव होता है, वह घर मन्दिर होता है। उपरोक्त विचार जय समवसरण, जैन तेरापंथ नगर, माधावरम्, चेन्नई में “घर को बनाएं मन्दिर” व्याख्यानमाला में मुनि सुधाकर ने कहें। चातुर्मास्य प्रवेश के बाद प्रथम, रविवारीय प्रवचन में उपस्थित विशाल जनमेदनी को सम्बोधित करते हुए मुनिश्री ने कहा कि धर्म की शुरुआत किसी मन्दिर, मस्जिद, गुरुद्वारा, धर्म स्थान की जगह, अपने स्वयं के घर से हो। आगे स्वर्ग या नरक है, उसके चिन्तन की अपेक्षा भाई-भाई, सास-बहू, देरानी-जेठानी इत्यादि परिवार के सदस्यों के बीच आपसी सौहार्द है, अपनत्व है, मैत्रीपूर्ण व्यवहार है, वह घर ही स्वर्ग के समान है। जहां दूराव, टकराव, मन-मुटाव हो, वह घर नरक के समान ...
🙏 *।।श्री महावीराय नमः।।*🙏 🙏श्री एस.एस.जैन संघ माम्बलम🙏 *रविवारीय कार्यक्रम:* *10.07.2022* 😷😷सामूहिक प्रार्थना-धर्म आराधना– *सामायिक साधना के साथ* *सामुहिक प्रार्थना* : प्रातः 7.45 बजे से 8.45 बजे तक😷😷 *बच्चों के लिए धार्मिक पाठशाला*: सुबह 8.00 बजे से 9.00 बजे तक ( *वर्द्धमान संस्कार वाटिका: माम्बलम-टी.नगर*) *अल्पाहार* : सुबह 9.00 बजे से ☕🫖 *सामूहिक जाप*: दोपहर 2बजे से 3 बजे तक _*(नवकार समूह द्वारा)*_ *प्रतिक्रमण*: सायंकाल 6.35 बजे से 🏛️ *स्थल* : श्री एस एस जैन स्थानक 46,बर्किट रोड़, टी.नगर-चेन्नई-17 कर्म निर्जरा हेतु सभी धर्मानुरागी *श्रावक श्राविकाएं सपरिवार सादर आमंत्रित है।*👨👩👦👦👨👨👦 🙏🙏 *निवेदक*🙏🙏 *Sri S S Jain Sangh Mambalam*
माउंट रोड़, चेन्नई 06.07.2022 ; श्रीडूंगरगढ़ निवासी, चेन्नई प्रवासी तेयुप कार्य समिति सदस्य श्री सुरेन्द्र मालू सुपुत्र स्वर्गीय नरेंद्रजी मालू के नव प्रतिष्ठित मणिभद्रा मोबाइल का शुभारम्भ जैन संस्कार विधि से हुआ। अभातेयुप के त्रिआयामों में संस्कार के अन्तर्गत जैन संस्कार विधि द्वारा अभातेयुप ह्रीं संस्कारक श्री स्वरूप चन्द दाँती एवं अभातेयुप ह्रीं संस्कारक श्री हनुमान सुखलेचा ने नमस्कार महामंत्र के सामुहिक समुच्चारण से प्रारम्भ “शुभारम्भ संस्कार विधि” में अभातेयुप ह्रीं संस्कारक, तेयुप उपाध्यक्ष श्री संतोष सेठीया ने सभी के तिलक लगा, मौली बांधी एवं अपनी भावनाओं के साथ परिवार को बधाई दी। श्री सुरेन्द्र मालू एवं परिजनों ने मंगल भावना पत्रक की स्थापना की। संस्कारकों ने विविध मंगल मंत्रोच्चार के साथ विधिवत विधि सम्पादित करवाई। अभातेयुप एवं तेयुप चेन्नई के साथ संस्कारकों ने इस विधि ...
बाजार के जैन मंदिर में शोभायात्रा के साथ गुरुजनों और साध्वी जी भगवंत का हुआ धूमधाम से मंगल प्रवेश। 10 जुलाई को रायपुर में होगा ऐतिहासिक मंगल प्रवेश, आउटडोर स्टेडियम में होगा सत्संग का महाकुंभ। भिलाई, 7 जुलाई। राष्ट्र-संत श्री ललितप्रभ सागर जी महाराज ने कहा कि नकारात्मक सोच तोड़ती है, सकारात्मक सोच जोड़ती है। साधारण किस्म के लोग गिलास आधा खाली देखते हैं, समझदार लोग गिलास आधा भरा देखते हैं। ऊँचाई छूने वाले लोग गिलास पूरा भरा देखते हैं।ताड़ासन करके भी हम अपनी हाईट 2इंच से ज्यादा नहीं बढ़ा सकते, पर सोच को ऊँची उठाकर एवरेस्ट से भी ज्यादा ऊँचे हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि ईश्वर के घर से हम में से हर इंसान को एक बहुत बड़ी ताकत मिली है, वह है – सोचने-समझने की क्षमता। अपनी इस एक क्षमता के बलबूते इंसान संसार के समस्त प्राणियों में सबसे ऊपर है। हम सोच सकते हैं इसीलिए हम इंसान हैं। यदि हमारे...
तेरापंथ महिला मण्डल की महत्वाकांक्षी योजना अभातेममं राष्ट्रीय अध्यक्षा की गरिमामय उपस्थिति ओसवाल गार्डन, चेन्नई ; अखिल भारतीय तेरापंथ महिला मंडल के तत्वावधान में तेरापंथ महिला मंडल चेन्नई द्वारा कन्या सुरक्षा योजना के अंतर्गत निर्मित बेंचों के लोकार्पण का कार्यक्रम अभातेममं राष्ट्रीय अध्यक्षा श्रीमती नीलम सेठिया की उपस्थिति में आयोजित हुआ। कार्यक्रम के शुभारंभ से पूर्व महिला मंडल ने साध्वी श्री डॉ मंगलप्रज्ञा से मंगल पाठ श्रवण किया। राष्ट्रीय अध्यक्षा ने नमस्कार महामंत्र करने के बाद बेंच का लोकार्पण रीबन खोलकर किया। महिला मंडल द्वारा ओसवाल गार्डन, कुरुकपेट, चेन्नई में 4 बेंचों का निर्माण किया गया। मंगलाचरण, प्रेरणा गीत संगान से हुआ। राष्ट्रीय अध्यक्षा बनने के प्रथम बार चेन्नई पदार्पण पर एक कार्यक्रम समायोजित हुआ। महिला मंडल द्वारा राष्ट्रीय अध्यक्षा का स्वागत गीत द्वारा अभिनन्दन किय...
मेवाड़ सिंहनी पुज्या यशकंवर जी म.सा.की सुशिष्या आध्यात्म साधिका श्री सिद्धकंवर जी म. सा की सु शिष्या श्री संयमप्रभा जी, श्री किरणप्रभा जी, श्री शशि प्रभा जी म.सा.आदि ठाणा 3 का व्यारा के अम्बेश भवन मे मंगल प्रवेश बड़ी ही धूमधाम से हुआ बहार से पधारे हुए सभी मेहमान सभी पधाधिकारी बड़े हर्ष के साथ मंगल प्रवेश मे अपनी हाजरी दरसाई उसके लिए व्यारा श्री संघ आपका हार्दिक अभिनंदन करता है सूरत, उधना, गोड़ाधरा, चलथाण, कडोदरा, बारडोली, मढी, मांडवी, कड़ोद, बाजीपुरा, वालोड, बुहारी, चिखली सभी संघ से मेहमान इस पावन पर्व पर पधारे विशेष तोर से गोडाधरा श्री संघ से और बारडोली श्री संघ से 2 बस लेकर आये आप सभी का व्यारा श्री संघ आभार व्यक्त करता है साथ आपको सूचित किया जाता है की पुरे चातुर्मास दरमियान आप सभी संघ पधारे और सेवा का अवसर देवे | प्रवेश की कुछ जलकिया |
समर्पण चौके के समर्पित संघसेनानीयों को मिला साध्वीश्री का मंगल पाथेय कुरुकपेट, चेन्नई 05.07.2022 ; समर्पण चौके के समर्पित श्रावकों ने ओसवाल गार्डन, कुरुकपेट, चेन्नई में साध्वी डॉ मंगलप्रज्ञा के दर्शन किये। साध्वीश्री ने विशेष कृपा करते हुए कहा कि सात्विक गौरव की बात है कि एक विशेष लक्ष्य के साथ चेन्नई के समर्पित कुछ श्रावकों द्वारा लगभग 2 वर्ष पूर्व समुहबद्ध गुरुकूल वास के रास्ते की सेवा का लक्ष्य संजोया। जहां एक जगह पर रह कर सेवा करने को सरल सेवा कहा जाता है, परंतु 4 दिन के रास्ते की सेवा को चौमासे की सेवा कहा जा सकता है। वह भी दुरुह समय, कोरोना जैसे समय में सेवा करना, मुझे लगता है हमारे संघ भक्तों का यह विशेष सेवा कार्य है। साध्वीश्री ने आगे कहा कि जैसा अभी धरमचन्दजी ने बताया कि यह सेवा मात्र आहार सेवा तक ही सीमित नहीं है, अपितु इसके साथ में रास्ते की सेवा में आगे के स्थान को देखना, अन...
सभी श्रद्धालुओं ने पांडाल में किया माता-पिता को पंचांग प्रणाम, हजारों लोगों ने रोज परोपकार करने का लिया संकल्प दुर्ग, 5 जुलाई। राष्ट्र-संत श्री ललितप्रभ सागर जी महाराज ने कहा कि अगर हम पेंसिल बनकर किसी के लिए सुख नहीं लिख सकते तो कम-से-कम रबर बनकर उनके दुख तो मिटा ही सकते हैं। घर में खाना बनाते समय एक मुट्ठी आटा अतिरिक्त भिगोएँ और सुबह पूजा करते समय 10 रुपए दूसरों की मदद के लिए गुल्लक में डालें। एक मुट्ठी आटे की रोटियाँ तो दुकान जाते समय गाय-कुत्तों को डाल दें और नगद राशि को इकट्ठा होने पर किसी बीमार या अपाहिज की मदद में लगा दें। मात्र नौ महिने में आपके सारे ग्रह-गोचर अनुकूल हो जाएँगे। संत प्रवर मंगलवार को सकल जैन समाज द्वारा जिला कचहरी के पीछे स्थित ऋषभ नगर मैदान में आयोजित चार दिवसीय जीने की कला प्रवचन माला के समापन पर हजारों सत्संग प्रेमी भाई बहनों को घर को कैसे बनाएं जीवन को माल...