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मुनि सुधाकरजी का हुआ चातुर्मास्य प्रवेश

साधना से जीवन को उन्नत बनाने के दिये सूत्र    तेरापंथ धर्म संघ की संघीय संस्थाओं की रही उपस्थिती माधावरम्, चेन्नई 04.07.2022 ; आचार्य श्री महाश्रमणजी के शिष्य मुनि सुधाकरजी एवं मुनि नरेशकुमारजी का प्रातः शुभ बेला में जैन तेरापंथ नगर, माधावरम्, चेन्नई में चातुर्मासिक मंगल प्रवेश हुआ। मुनिश्री सुधाकर ने स्वागत समारोह में समागम जनमेदनी को सम्बोधित करते हुए कहा कि चतुर्मास आत्म आराधना का समय है, तपो: साधना का समय हैं, जीवन को उद्धर्वगामी बनाने का समय हैं। आज हम गुरुदेव आचार्य श्री महाश्रमणजी के आदेशानुसार, 2018 में आपके ही तपो:तेज से आप्लावित, सघन ऊर्जा से सम्पन्न वातावरण, पवित्र भूमि बनी इस माधावरम् में चातुर्मास्य प्रवास के लिए प्रवेश किया। मुनिश्री ने धर्मसभा को मंगलमय पाथेय प्रदान करते हुए कहा कि चातुर्मास के अवसर को सफल बनाने के लिए प्रत्याख्यान – मन, वचन, काया की त्रिगुप्ती साधना म...

जिस घर में प्रेम का वास है, वहां धन और यश दौड़े दौड़े आते हैं : राष्ट्रसंत श्री ललितप्रभ जी

प्रवचन से प्रभावित होकर अनेक सगे भाइयों ने एक-दूसरे को लगाया गले, माहौल हुआ भावपूर्ण दुर्ग 4 जुलाई। राष्ट्र-संत श्री ललितप्रभ सागर जी महाराज ने कहा कि किसी भी घर की ताकत दौलत और शौहरत नहीं, प्रेम और मोहब्बत हुआ करती है। प्रेम के बिना धन और यश व्यर्थ है। जिस घर में प्रेम है वहाँ धन और यश अपने आप आ जाता है। उन्होंने कहा कि जहां सास-बहू प्रेम से रहते हैं, भाई-भाई सुबह उठकर आपस में गले लगते हैं और बेटे बड़े-बुजुर्गों को प्रणाम कर आशीर्वाद लेते हैं, वह घर धरती का जीता-जागता स्वर्ग होता है। उन्होंने कहा कि अगर भाई-भाई साथ है तो इससे बढ़कर माँ-बाप का कोई पुण्य नहीं है, और माँ-बाप के जीते जी अगर भाई-भाई अलग हो गए तो इससे बढ़कर उस घर का कोई दोष नहीं है। संतप्रवर सोमवार को सकल जैन समाज द्वारा जिला कचहरी के पीछे स्थित ऋषभ नगर मैदान में आयोजित चार दिवसीय जीने की कला प्रवचन माला के तीसरे दिन हजारों सत्संग...

बाद में खरीदें कार, पहले लाएं जीवन में संस्कार – राष्ट्रसंत श्री ललितप्रभ जी

जैसा रखोगे अपना स्वभाव वैसा ही पड़ेगा दूसरों पर प्रभाव राष्ट्रसंत: ललित प्रभ जी प्रवचन से प्रभावित होकर अनेक लोगों ने मंच पर आकर किया नशे का त्याग दुर्ग 3 जुलाई। जीवन में अपने मस्त स्वभाव के मालिक बने पाठ ऑफ लाइफ भले ही हमारे हाथ में नहीं है पर आट ऑफ लाइफ तो हमारे हाथ में जीवन का इंजॉय करते हुए हमें जीवन जीना चाहिए। पाना और बटोरना मनुष्य के जीवन का एक अभिन्न हिस्सा बन गया है पाना और बटोरने की चाह में मनुष्य आज सर्वाधिक दुखी हो रहा है। पत्नी अपने पति को धर्म मार्ग पर चलने का मार्ग दिखाती है इसीलिए पत्नी धर्म पत्नी कहलाती है। उक्त उदगार ऋषभ कालोनी ग्राउंड में आयोजित प्रवचन श्रृंखला के द्वितीय दिवस राष्ट्रसंत ललित प्रभ जी महाराज ने व्यक्त किए। राष्ट्र-संत श्री ललितप्रभ सागर जी महाराज ने कहा कि जो माता-पिता बच्चों को केवल जन्म देते हैं वे सामान्य हैं, जो बच्चों को जन्म के साथ सुविधाएं-संपत्ति ...

मासिक सामूहिक सामायिक व व्याख्यान माला जुलाई माह के प्रथम रविवार दिनांक : 3 जुलाई 2022 को

*आदरणीय धर्मप्रेमी बन्धुवर*, *सादर सविनय जयजिनेंद्र | देव गुरु एवं धर्म की कृपा से आप स्वस्थ व प्रसन्नचित्त होंगे | आपकी धार्मिक,आध्यात्मिक गतिविधियां सुचारु रुप से चल रही होगी | परमाराध्य आचार्य भगवन्त 1008 पूज्यश्री हस्तीमलजी म.सा परमाराध्य आचार्य भगवन्त 1008 पूज्यश्री हीराचंद्रजी म.सा की मुख्य प्रेरणा हैं कि दैनिक रुप से सामायिक-स्वाध्याय अवश्य करना चाहिए |  श्री जैन रत्न हितैषी श्रावक संघ-तमिलनाडु के तत्वावधान में हर माह के प्रथम रविवार को पारीवारिक सामूहिक सामायिक आयोजन के अंतर्गत जुलाई माह में प्रथम रविवार को सामूहिक सामायिक का आयोजन स्वाध्याय भवन,साहूकारपेट,चेन्नई में रविवार 3 जुलाई 2022 को रखा गया हैं | आपसे निवेदन हैं कि आचार्य हस्ती -आचार्य हीरा की प्रेरणा को शिरोधार्य करते हुए सामूहिक सामायिक करने हेतु सहपरिवार अवश्य पधारें | ★सामूहिक सामायिक कार्यक्रम★ *दिनांक : 3 जुलाई 2022,रव...

मुनि सुधाकरजी का जैन तेरापंथ नगर, माधावरम् में चातुर्मास प्रवेश सोमवार को

चेन्नई 02.07.2022 ; आचार्यश्री महाश्रमणजी के सुशिष्य मुनि सुधाकर एवं मुनि नरेशकुमार का मंगल चातुर्मासिक प्रवेश प्रमिला टिम्बर, जीएनटी रोड़ से सुबह 9:15 बजे अंहिसा रैली के रूप में प्रारम्भ होकर लगभग 10:05 पर जैन तेरापंथ नगर माधावरम् में मंगल प्रवेश करेंगे।  श्री जैन तेरापंथ ट्रस्ट बोर्ड, माधावरम् के प्रबंधन्यासी घीसूलाल बोहरा ने बताया कि आचार्यश्री महाश्रमणजी ने महत्ती कृपा कर 2022 का चातुर्मास मुनिवृंद का प्रदान किया है। मुनिश्री के चातुर्मास प्रवेश के समय भव्य स्वागत समारोह का आयोजन किया जाएगा। जिसमें मुख्य अतिथि अखिल भारतीय तेरापंथ महिला मंडल की राष्ट्रीय अध्यक्षा श्रीमती नीलम सेठिया, अध्यक्षता अखिल भारतीय तेरापंथ युवक परिषद् के अध्यक्ष पंकज डागा करेंगे। विशिष्ट अतिथि के रूप में तमिलनाडु सरकार अल्पसंख्यक आयोग के सदस्य प्यारेलाल पितलिया एवं तेरापंथ सभा कोयम्बटूर के अध्यक्ष प्रेमचंद सुराणा ...

तेरापंथ ट्रस्ट बोर्ड, साहूकारपेट द्वारा सभा भवन में चातुर्मास्य प्रवेश हेतु किया निवेदन

ओसवाल गार्डन, चेन्नई 02.07.2022 ; श्री जैन श्वेताम्बर तेरापंथी सभा ट्रस्ट बोर्ड साहूकारपेट के पदाधिकारी गण ने साध्वी श्री डॉ मंगलप्रज्ञाजी ठाणा 6 के सान्निध्य में दर्शन कर साहूकारपेट तेरापंथ भवन में चातुर्मास्य प्रवेश हेतु निवेदनार्थ उपस्थित हुए और प्रबंध न्यासी श्री विमल चिप्पड ने ट्रस्ट बोर्ड की ओर से चातुर्मासिक प्रवेश हेतु सभी की ओर से करबद्ध निवेदन किया।   साध्वीश्रीजी ने मंगल पाथेय प्रदान करते हुए चातुर्मास में सभी को तप, जप एवं आध्यात्म की ओर बढ़ने की प्रेरणा प्रदान की। इस अवसर पर ट्रस्ट बोर्ड के संरक्षक श्री प्यारेलाल पितलिया, श्री धनराज धारीवाल, श्री इंदरचंद डुंगरवाल, तेरापंथ सभा अध्यक्ष श्री उगमराज सांड, मंत्री श्री अशोक खतंग, परामर्शक श्री धर्मचंद लुंकड, श्री रमेश बोहरा, निवर्तमान प्रबंधन्यासी श्री सुरेश नाहर, मंत्री श्री राजेंद्र भंडारी, सहमंत्री श्री गौतम धारीवाल, भवन व्यवस्था...

तेरापंथ किशोर मण्डल का शपथग्रहण

साध्वी डॉ मंगलप्रज्ञा ने दिये सफलता के गूर ओसवाल गार्डन, चेन्नई 02.07.2022 ; तेरापंथ युवक परिषद् के तत्वावधान में साध्वी डॉ मंगलप्रज्ञा के सान्निध्य में तेरापंथ किशोर मंडल का ओसवाल गार्डन चेन्नई में शपथ ग्रहण समारोह आयोजित हुआ।   साध्वी डॉ मंगलप्रज्ञा ने कहा हर व्यक्ति जीवन में सफलता चाहता है। मुझे हर कार्य की निष्पत्ति मिले। ऐसे कौन से सूत्र है जो सफलता में सहयोगी बने। समाधान की भाषा में कहा जा सकता है, सफलता के लिए प्रथम आलम्बल सूत्र है – आत्मविश्वास। मात्र परिस्थिति और वातावरण से सफलता का वरण नहीं किया जा सकता। हर किशोर अंधेरे में भी रोशनी की तलाश करें, प्रस्थान करें और खुद पर विश्वास करें। विश्वास भी विवेकपूर्ण हो। नकारात्मक चिंतन कभी सफलता नहीं दे सकता। अति आत्मविश्वास से भी सफलता मुश्किल है। संतुलन बना रहना चाहिए। सफलता का दूसरा महत्वपूर्ण सूत्र है – लक्ष्य का निर्धारण। म...

धर्म आराधना- सामूहिक सामायिक साधना के साथ

रविवार प्रवचन सूचना धर्म आराधना- सामूहिक सामायिक साधना के सा: श्रमणसंघीय साध्वी शिरोमणि प.पू. गुरुमाता श्री यशकंवरजी म.सा. की सुशिष्या प्रज्ञा ज्योति संबोधि कुशल प.पू. गुरुवर्या *श्री सुधाकंवरजी म.सा आदि ठाणा-5 के सान्निध्य में* : *रविवारीय कार्यक्रम (दि.03/07/2022)* *सामूहिक प्रार्थना*: *प्रातः 7.30बजे से 8.00 बजे तक* _*रविवारीय प्रवचन : सुबह 8.00 बजे से 9.00बजे तक*_ *धर्म चर्चा : दोपहर में* _*प्रतिक्रमण : सायं.6.30बजे से*_  *आप सभी सपरिवार दर्शन वन्दन धर्म चर्चा प्रवचन प्रतिक्रमण एवं मांगलिक का लाभ लिरावें।* _*निवेदक : श्री एस एस जैन संघ माम्बलम*_

प्रेस समाचार राष्ट्रीय संत श्री ललित प्रभ एवं शांति प्रभ सागर जी महाराज का हर्ष एवं उल्लास के वातावरण में चार दिवसीय प्रवास पर दुर्ग आगमन हुआ आज बड़ी संख्या में सकल जैन समाज के सदस्य बड़ी संख्या में गुरुदेव श्री आगवानी करने उपस्थित थे गाजे बाजे के साथ सकल जैन समाज , मूर्ति पूजक संध, एवं खतरगक्ष युवा परिषद् के सदस्य भगवान महावीर के जय घोष और जैन धर्म की जय जयकार के जय घोष के साथ गुरुदेव श्री की आगवानी कर रहे थे नमस्कार परिसर पुलगांव चौक दुर्ग से ऋषभ कालोनी ग्राउंड तक उनका स्वागत अभिनंदन करते हुए लाया गया जहां उनकी दिव्य प्रवचन श्रृंखला प्रारंभ हुई सकल जैन समाज के बैनर तले आयोजित प्रवचन श्रृंखला में जीवन नवनिर्माण एवं जीवन जीने की कला पर चार दिवसीय प्रवचन केंद्रित रहेगा जैन धर्म गुरु संत श्री ललित प्रभ धर्म सभा को संबोधित करते कहा छत्तीसगढ़ की पावन भूमि में हमारा प्रथम बार आगमन हुआ है हम छतीसीकोम सभी धर्म मजहब के लोगों को जगाने आए हैं इस जागरण लिए आप सभी का सहयोग अपेक्षित है छत्तीसगढ़ की लोगों की भाव भक्ति देख कर हम अभीभुत है भाव विभोर हैं हमें तो छत्तीसगढ़ की भूमि पर 36 वर्ष पूर्व ही आ जाना चाहिए था संत श्री ने कहा जीवन में सुख दुख मेहमान की तरह होते जो लंबे समय तक जीवन में नहीं रहते ऐसे समय मे धैर्य का परिचय देते हुए जीवन को समता भाव में जीना चाहिए हमें अपने जीवन के अंदर इंसानियत के भाव रखना चाहिए हम संत बाद में इंसान पहले हे इंसान को इंसान समझते हुए जीवन को जिया जाना चाहिए उन्होंने प्रवचन श्रृंखला में आगे कहा पैर में पड़ी मोच और इंसान की छोटी सोच आगे बढ़ने में बाधक हे राष्ट्र-संत श्री ललितप्रभ सागर जी महाराज ने कहा कि दुनिया में अच्छाइयाँ भी हैं और बुराइयाँ भी। आपको वही नज़र आयेगा जैसा आपका नज़रिया है। अच्छी दुनिया को देखने के लिए नज़ारों को नहीं, नज़रिये को बदलिए। हम केवल अच्छे लोगों की तलाश मत करते रहें, वरन खुद अच्छे बन जाएं। ताकि हमसे मिलकर शायद किसी की तलाश पूरी हो जाए। उन्होंने कहा कि लोग कहते हैं जब कोई अपना दूर चला जाता है तो तकलीफ होती है। परंतु असली तकलीफ तब होती है जब कोई अपना पास होकर भी दूरियाँ बना लेता है। याद रखें, किसी को सजा देने से पहले दो मिनट रुकि ये। याद रखिये, अगर आप किसी की एक गलती माफ करेंगे, तो भगवान आपकी सौ गलतियाँ माफ करेगा। गलती जिंदगी का एक पेज है, पर रिश्ते जिंदगी की किताब। जरूरत पडऩे पर गलती का पेज फाड़िए, एक पेज के लिए पूरी किताब फाडऩे की भूल मत कीजिए। उन्होंने कहा कि बड़ी सोच के साथ दो भाई 40 साल तक साथ रह सकते हैं वहीं छोटी सोच उन्हीं भाइयों को 40 मिनट में अलग कर सकती है। भाई के प्रति हमेशा बड़ी सोच रखिए, क्योंकि दुख-दर्द में वही आपका सबसे सच्चा मित्र साबित होगा। याद रखें, पैर में मोच और दिमाग में छोटी सोच आदमी को कभी आगे नहीं बढऩे देती। कदम हमेशा सम्हलकर रखिए और सोच हमेशा ऊँची। संतप्रवर शनिवार को सकल जैन समाज द्वारा जिला कचहरी के पीछे स्थित ऋषभ नगर मैदान में आयोजित चार दिवसीय जीने की कला प्रवचन माला के प्रथम दिन हजारों श्रद्धालुओं को सकारात्मक सोचने की कला सिखाते हुए संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि एक मिनट में ज़िंदगी नहीं बदलती, पर एक मिनट में सोचकर लिया गया फैसला पूरी ज़िंदगी बदल देता है। केवल किस्मत के भरोसे मत बैठे रहिये। जीवन में योग्यताओं को हासिल कीजिए। किस्मत से कागज तो उड़ सकता है, पर पतंग तो काबिलियत से ही उड़ेगी। भाग्य हाथ की रेखाओं में नहीं अपितु व्यक्ति के पुरुषार्थ में छिपा है। इस दुनिया में नसीब तो उनका भी होता है जिनके हाथ नहीं होते। हार और जीत हमारी सोच पर निर्भर है। मान लिया तो हार और ठान लिया तो जीत। उन्होंने कहा कि जीवन में आगे बढऩे के लिए आत्मविश्वास जगाइये। खाली बोरी कभी खड़ी नहीं रह सकती और तकिये से कभी कील ठोकी नहीं जा सकती। जो लोग अपने हाथों का उपयोग हाथ पर हाथ रखने के लिए करते हैं, वे हमेशा खाली हाथ ही बैठे रहते हैं। भाग्य की रेखाएँ चमकाने के लिए लक्ष्य के साथ मेहनत कीजिए, आप पाएँगे आपकी किस्मत केवल चार कदम दूर थी। उन्होंने कहा कि भाग्य को हरा-भरा रखने के लिए सदा सत्कर्म का पानी डालते रहिये। आखिर हरी घास तभी तक हरी रहेगी, जब तक उसे पानी मिलता रहेगा। जीवन में केवल लाभ ही मत कीजिए कभी उसे पलट कर लोगों का भला भी कीजिए। उन्होंने ने कहा कि जीवन बांसुरी की तरह है, जिसमें बाधाओं रूपी कितने भी छेद क्यों ना हों ,लेकिन जिसको उसे बजाना आ गया, समझ लीजिए उसी जीना आ गया। उन्होंने कहा कि लोग कैसा जीवन जीते हैं उसे देख कर मत जियो, बल्कि जैसा जीवन जीना श्रेष्ठ होता है वैसा जिओ ।अच्छा जीवन तो खुद को भी अच्छा लगता है और दूसरों को भी। उन्होंने कहा कि जीवन को सुकून भरा बनाने के लिए 5 मंत्र अपने साथ जोड़ सकते हैं। पहला है विचार शैली को पॉजिटिव बनाएं ताकि आपके व्यवहार में हमेशा माधुर बना रहे।दूसरा जीवन में जो मिल रहा है उसका स्वागत कीजिए शिकायत मत कीजिए क्योंकि शिकायत आपके मन को हमेशा दुखी करती रहेगी। तीसरा जीवन में संतुष्ट रहने की आदत डालिए दुनिया में किसी को क्या मिल रहा है यह देख कर अपने मन को निराश करने की वजह एक बात हमेशा याद रखिए कि भगवान ने जो दिया है वह भाग्य से ज्यादा दिया है। चौथा सूत्र देते हुए संत श्री ने कहा कि मुस्कुराने के अवसर हमेशा तलाश थी रहिए मुस्कुराता हुआ इंसान जहां रहता है वही स्वर्ग होता है। पांचवा मंत्र देते हुए उन्होंने कहा कि जिंदगी में कभी लोग ना लें और जो प्राप्त है वह पर्याप्त है अगर यह बातें हमारे जीवन में उतर जाती हैं तो हम मानसिक रूप से तो स्वस्थ रहेंगे ही और हमारा जीवन स्वर्ग और सुकून से भर जाएगा इससे पूर्व राष्ट्रसंत श्री ललितप्रभ सागर जी और डॉ. मुनि शांतिप्रिय सागर जी महाराज के मंगल आगमन पर धर्म संघ की बहनों ने अक्षत उछाल कर गुरुजनों का स्वागत किया। कार्यक्रम में नगर विधायक अरुण वोरा, नगर महापौर धीरज बाकलीवाल, सकल जैन समाज के अध्यक्ष मदन जैन, ओसवाल पंचायत के अध्यक्ष गौतम चंद बोथरा, दिगंबर समाज के अध्यक्ष ज्ञानचंद पाटनी, केवल्य धाम ट्रस्ट अध्यक्ष धर्मचंद लुनिया, नगपुरा तीर्थ के ट्रस्टी मूलचंद लुनिया, मूर्तिपूजक संघ के अध्यक्ष महेंद्र दुगढ़, कोषाध्यक्ष गौतम चंद टाटिया, नगर सभापति राजेश यादव, जिला भाजपा अध्यक्ष जितेंद्र वर्मा, जिला भाजपा महामंत्री ललित चंद्राकर, राजनांदगांव संघ अध्यक्ष नरेश डाकलिया के साथ संघ के अनेक विशेष सदस्य विशेष रूप से उपस्थित थे। मंच संचालन और संतों का स्वागत आभार अध्यक्ष महेंद्र दुग्गढ़ ने किया। रविवार को सुबह 9:00 बजे ऋषभ नगर मैदान में होंगे विशेष प्रवचन और सत्संग – सुबह 9:00 बजे ऋषभ नगर मैदान में आओ कमाएं दुआओं की दौलत विषय पर विशेष प्रवचन और सत्संग का आयोजन होगा जिसमें युवा पीढ़ी को जीवन जीने का शानदार पाठ पढ़ाया जाएगा जो कि उनके भविष्य के लिए यादगार पल होंगे। जिंदगी ना बन जाए बला आओ सीखें जीवन जीने की कला यह मानव जीवन अनमोल जीवन है इस जीवन को सकारात्मकता के साथ जीना चाहिए सकारात्मकता के भाव हमेशा सुख प्रदान करते हैं नकारात्मकता हमें निराश करती है और दुख पहुंचाती हे मुनि श्री ने आगे कहा पुराने जमाने में लोगों के घर छोटे होते थे और रहने वालों की संख्या अधिक होती हे और उनका दिल बड़ा होता था सबको अपने दिल में बसा लेते थे आज लोगों के घर जरूर बड़े हो गए हैं लेकिन दिल में जगह का अभाव हो गया है अपनापन और अपनत्व के भाव समाप्त हो चुके हैं सकल जैन समाज के आग्रह को स्वीकार करते हुए मुनि श्री ने अपना एक दिन का और समय सकल जैन समाज को प्रदान किया 2 जुलाई से 5 जुलाई तक जीवन जीने की प्रवचन श्रृंखला अब शाम 9:00 बजे से 10:30 बजे तक ऋषभ कॉलोनी ग्राउंड में चलेगी धर्म सभा के कार्यक्रम का संचालन महेंद्र दुग्गड ने किया सकल जैन समाज के अध्यक्ष मदन जैन ने सभी धर्म संप्रदाय के लोगों से प्रवचन सभा में उपस्तिथि का निवेदन किया है नवीन संचेती प्रचार प्रसार प्रमुख सकल जैन समाज दुर्ग

राष्ट्रीय संत श्री ललित प्रभ एवं शांति प्रभ सागर जी महाराज का हर्ष एवं उल्लास के वातावरण में चार दिवसीय प्रवास पर दुर्ग आगमन हुआ आज बड़ी संख्या में सकल जैन समाज के सदस्य बड़ी संख्या में गुरुदेव श्री आगवानी करने उपस्थित थे। गाजे बाजे के साथ सकल जैन समाज , मूर्ति पूजक संध, एवं खतरगक्ष युवा परिषद् के सदस्य भगवान महावीर के जय घोष और जैन धर्म की जय जयकार के जय घोष के साथ गुरुदेव श्री की आगवानी कर रहे थे। नमस्कार परिसर पुलगांव चौक दुर्ग से ऋषभ कालोनी ग्राउंड तक उनका स्वागत अभिनंदन करते हुए लाया गया जहां उनकी दिव्य प्रवचन श्रृंखला प्रारंभ हुई। सकल जैन समाज के बैनर तले आयोजित प्रवचन श्रृंखला में जीवन नवनिर्माण एवं जीवन जीने की कला पर चार दिवसीय प्रवचन केंद्रित रहेगा। जैन धर्म गुरु संत श्री ललित प्रभ धर्म सभा को संबोधित करते कहा छत्तीसगढ़ की पावन भूमि में हमारा प्रथम बार आगमन हुआ है। हम छतीसीकोम सभ...

सामुहिक वैवाहिक वर्षगाँठ का आयोजन

जैन संस्कार विधि से सम्पादित मेलापुर, चेन्नई 30.06.2022 ; तेरापंथ युवक परिषद्, चेन्नई के सत्र 2022-2023 की वी 2 प्रिवे रेस्टोरेंट में प्रथम कार्यसमिति बैठक के पश्चात जैन संस्कार विधि से सामुहिक वैवाहिक वर्षगाँठ का समायोजन किया गया।   नमस्कार महामंत्र के प्रारम्भ वैवाहिक संस्कार विधि में अभातेयुप जैन संस्कारक स्वरूप चन्द दाँती ने मंगल मंत्रोच्चार के साथ संस्कार विधि सम्पादित की। अभातेयुप जैन संस्कार एवं वरिष्ठ उपाध्यक्ष संतोष सेठिया ने सहयोगी संस्कारक की भुमिका निभाई। विधि के अन्तर्गत अभातेयुप राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री रमेश डागा, तेयुप अध्यक्ष विकास कोठारी, निवर्तमान अध्यक्ष मुकेश नवलखा, मंत्री संदीप मुथा ने दम्पती जोड़े श्रीमती चेतना – विशाल सुराणा (तेयुप उपाध्यक्ष कनिष्ठ) एवं श्रीमती संतोष – सुनील बोहरा के साथ मंगल भावना पत्रक की स्थापना की। सहमंत्री कोमल डागा ने तिलक किया। दोनो...

राष्ट्र संत ललितप्रभ सागर का कल दुर्गमंगल प्रवेश

ऋषभ नगर मैदान में होगा 3 दिवसीय प्रवचन श्रृंखला का आयोजन दुर्ग 1 जुलाई / राष्ट्र-संत श्री ललितप्रभ सागर जी एवं डॉ. मुनिश्री शांतिप्रिय सागर जी महाराज का शनिवार को दुर्ग में भव्य नगर-प्रवेश होने जा रहा है। सकल जैन समाज के बैनर तले आयोजित ऋषभ नगर मैदान में तीन दिवसीय प्रवचन श्रृंखला का संत ललितप्रभ सागर जी आगाज करेंगे 2 जुलाई से आयोजित यह प्रवचन श्रृंखला प्रातः 9:00 बजे से 10:30 बजे तक रहेगी। दिव्य सत्संग और आध्यात्मिक प्रवचनों से संतगण इस 3 दिवसीय सत्संगमाला के जरिए जन-मानस को जीवन-निर्माण तथा व्यक्तित्व-विकास के बेहतरीन गुर सिखायेंगे। राष्ट्र-संतों की दिव्य साधना, ओजस्वी वाणी और महान चिंतन उनकी सैकड़ों किताबों और हजारों प्रवचनों के जरिए पूरे देश में फैला हुआ है। संत मंडल सकल जैन समाज के आग्रह पर ऋषभ नगर मैदान में सत्संग एवं प्रवचनमाला कर रहे हैं। अब तक देश के 21 राज्यों के लाखों लोग इन राष्...

दृष्टिहीन श्रद्धालुओं को करवायें तिरुपति बालाजी के दर्शन

चेन्नई 30.06.2022 ; लायंस क्लब मीनमबाक्कम द्वारा चेन्नई के विभिन्न अनाथाश्रम से 110 दृष्टिहीन श्रद्धालुओं को एसी बस द्वारा तिरुपति बालाजी के दर्शन कराए गए।   लायंस क्लब मीनमबाक्कम के 40 कार्यकर्ताओं की टीम के साथ 28 जून मंगलवार को सभी बसों द्वारा रवाना हुए। लायंस डिस्ट्रिक्ट गवर्नर भाग्यलक्ष्मी एवं उनकी टीम ने झंडा दिखाकर बसों को रवाना किया। तिरुपति में ब्रह्मा ऋषि आश्रम में रात को भोजन के पश्चात भक्ति का आयोजन हुआ, जिसमें सभी श्रद्धालु खूब झूमे। 29 को दोपहर 3 बजे भगवान तिरुपति बालाजी के स्पेशल दर्शन की व्यवस्था की गयी। बस द्वारा शाम को तिरुतनी होते हुए देर रात सभी श्रद्धालुओं को अपने आश्रम पहुँचाया गया। कार्यक्रम के संयोजक अशोक कोठारी ने बताया कि यात्रा में सभी नेत्रहीन भक्तों का विशेष ध्यान रखा गया एवं उन्हें समय-समय पर आहार एवं उनके मनोरंजन की व्यवस्था की गयी। सभी श्रद्धालु बहुत आनंदित ...

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