प्रसिद्ध वक्ता जगत वल्लभ जैन दिवाकर पूज्य गुरुदेव चौथमल जी महाराज साहब एवं जावरा के गौरव उपाध्याय कस्तुरचंद जी महाराज साहब की अनुकंपा से एवं राष्ट्रसंत आचार्य सम्राट पूज्य गुरुदेव श्रीआनंदऋषि जी महाराज साहब एवं मालव सिंहनी, प्रवर्तनी पूज्य श्री रत्नकंवर जी महाराज साहब की प्रशिष्याए मालवज्योति गुरुवर्या पूज्य श्री वल्लभ कुंवर जी महाराज साहब की सुशिष्याए वर्तमान आचार्य पूज्य श्री डॉ. शिवमुनि जी महाराज साहब एवं महाराष्ट्र प्रवर्तक श्री कुंदनऋषि जी महाराज साहब,प्रवर्तक श्री विजयमुनि जी म.सा. की आज्ञानुवर्तनी जिनशासन चंद्रिका, मधुर वक्ता, मालव गौरव,पूज्य श्री प्रियदर्शना जी महाराज साहब तत्व चिंतिका पूज्य श्री कल्पदर्शना जी महाराज साहब आदि ठाणा-2 का भव्य चातुर्मास मंगल प्रवेश आज प्रात: 9 बजे रंगुजी महिला स्थानक भ. महावीर स्वामी मार्ग से प्रारम्भ हुआ जो नगर के प्रमुख मार्ग से होता हुआ जैन दिवाकर भवन पर पहुँच कर धर्म सभा में परिवर्तित हुआ।
जैन दिवाकर बालिका मंडल, जैन दिवाकर बहु मंडल, जैन दिवाकर महिला मंडल, कु.भव्या श्रीमाल, श्रीमती प्रियंका जैन तथा कु. निकिता रांका ने स्वागत गीत प्रस्तुत किये. स्वागत उद्बबोधन श्रीसंघ के पुर्व अध्यक्ष पुखराज जी कोचट्टा ने दिया.इस अवसर पर इंदौर, उज्जैन,रतलाम, उंहेल, खाचरोद, पिपलोदा, कालुखेड़ा, रियावन, बेरछा मंडी, ढोढर, एवं रोजाना से अतिथि गण पधारे। अतिथियो का बहुमान श्रीसंघ अध्यक्ष इंदरमलजी टुकडिया, कार्यवाहक अध्यक्ष ओमप्रकाश जी श्रीमाल,परामर्शदाता पुखराज जी कोचट्टा, उपाध्यक्ष पवनजी संघवी, कनकमल चौरड़िया, विनोद जी ओसतवाल, सुशीलजी मेहता, कमलेश जी कटारिया, कोषाध्यक्ष विजय जी कोचट्टा, बाबूलाल जी भटेवरा, कमल जी पारख, दिलीप जी भंडारी, विजय जी भंडारी, सुभाष जी चौरड़िया वर्धमान जी मांडोत, शिखर जी ओसतवाल, प्रकाशजी श्रीश्रीमाल, अनुजजी बरड़िया, शांति लाल जी दुग्गड़, श्रेणिकजी नांदेचा, अशोक जी रांका, श्रीमती अनिता नांदेचा, श्रीमती ज्योति जी श्रीश्रीमाल, सीमाजी रांका, हेमलता जी भंडारी, ने किया।
धर्म सभा को संबोधित करते हुए पूज्य महासतिजी श्री कल्पदर्शनाजी म. सा. ने फरमाया कि जावरा एक धर्म नगरी है तथा यहाँ हमें चातुर्मास का अवसर प्राप्त हुआ है यह हमारे लिए प्रसन्नता की बात है आप ने आगे फरमाया कि आज हमारा दिवाकर भवन पर आगमन हुआ आगमन का अर्थ है कि आ: आनंद के साथ चातुर्मास सम्पन्न हो ग: गति शील बने धार्मिक कार्यो में म: ममत्व कम करे संसार को तभी धार्मिक कार्य होगा तथा न: नम्रता अपनाये तभी आगे बढ़ोगे। पूज्य महासतिजी श्री प्रिय दर्शना जी म. सा. ने फरमाया कि जिस प्रकार वर्ष के 12 महिने मे से वर्षा ऋतु के 4 माह निकल जाए तो किसान के पास कुछ नहीं बचता इसी प्रकार हम भी चातुर्मास के 4 माह में धर्म अराधना नहीं करेंगे तो हम कुछ भी नही प्राप्त कर सकते. धर्म सभा का सफल संचालन श्रीसंघ उपाध्यक्ष कनकमल चौरड़िया ने किया।
मंगल प्रवेश प्रारंभ होने के पुर्व दिगंबर मांगलिक भवन पर नवकारसी का आयोजन रखा गया नवकारसी के लाभार्थी स्व. श्री फूल चंद जी एवं श्रीमती तेजी बाईजी के दिव्य आशीष से श्रीमान प्रकाश चंद जी सौरभ कुमारजी श्री श्री माल परिवार थे। श्री संघ पदाधिकारीयो ने लाभार्थी परिवार का बहुमान किया। मंगल प्रवेश के पावन अवसर पर दिनांक 2 जुलाई को 27 भाई-बहनो ने आयम्बिल तप कर महासती जी को त्याग तप की भेंट प्रदान की.आयम्बिल करने वाले सभी महानुभावों की प्रभावना का लाभ श्रीमती दाखाबाई समीरमलजी विजय पराग कोचट्टा परिवार एवं 5 लकी ड्रा का लाभ श्रीमती सज्जनबाई कस्तूरचंद जी टुकडिया परिवार ने लिया। कार्यक्रम के पश्चात श्रीसंघ की गौतम प्रसादी का आयोजन सागर साधना भवन म. महावीर स्वामी मार्ग पर रखा गया. जिसमें मोहन लाल जी पोखरना, सुजानमल जी ओरा, अजित जी रांका, वर्धमान जी टुकड़िया, महावीर जी छाजेड़, तरुण जी खारीवाल का विशेष सहयोग रहा।
श्रीसंघ महामंत्री महावीर जी छाजेड़ ने बताया कि पूज्य महासतिजी के पावन सानिध्य में 4 जुलाई से प्रतिदिन प्रात: 8 से 9 बजे तक भक्ताम्बर स्तोत्र के चमत्कारी जाप होंगे जो 48 दिन तक चलेगें तथा 11 जुलाई से प्रतिदिन प्रातः 9 से 10 बजे तक पूज्य महासतिजी के ओजस्वी प्रवचन होगें, सभी भाई- बहनों से निवेदन है सपरिवार अधिक से अधिक की संख्या में पधारकर जाप व प्रवचन का लाभ लेवे।












