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साधु चार्तुमास के निमित्त मात्र है‌: जयतिलक मुनिजी

नार्थ टाउन के ए यम के यम स्थानक में गुरुदेव जयतिलक मुनिजी ने कहा कि साधु साध्वी श्रावक श्राविका को भगवान ने शाश्वत काल के लिए तीर्थ का निरुपण किया ‌। जिसका तीनों काल में विनाश नहीं होता। शेष द्रव्य तीर्थों का विनाश होता रहता है। परन्तु भगवान द्वारा निरुपित तीर्थ का दीपक सदैव जलता रहता है। इसमें जीव स्वयं भगवान द्वारा प्ररुपित धर्म का पालन कर तीर्थ बन जाती है। ये सदाकाल पवित्र रहता है। शुद्ध आत्मा की सफाई निरन्तर होती रहती है। सभी पापों की मलिनता साफ हो जाती है और आत्मा कंचन के समान चमचमा उठती है, चातुर्मास में अशुभ से निवृत्ति के लिए, मिथ्यात्व का विसर्जन करने के लिए धर्म का व्यापार होता है। चतुर व्यक्ति ही चार्तुमास का सम्पूर्ण लाभ उठा सकता है। भगवान के अनुसार साधु का चातुर्मास चार मास का होगा ही। साधु का चार्तुमास तो निश्चित है पर आप विनती कर चातुर्मास कराते हो तो ये आपकी कसौटी हैं कि आप...

गुरु पदम स्मृति दिवस पर होगा सामूहिक जाप

गुरु पदम स्मृति दिवस पर होगा सामूहिक जाप एवम गुरु सुमति श्रद्धांजली सभा, सुल्लूर पेठ में श्रमण संघीय उप प्रवर्तक प. पू. श्री पंकज मुनि जी म .सा., दक्षिण सूर्य डॉ. श्री वरुण मुनि म.सा., मुनि रत्न श्री रूपेश मुनि जी म. सा., मधर गायक श्री लोकेश मुनि जी म. सा. आदि ठाणा 4 गुरू गणेश- मिश्री पावन स्मृति धाम सल्लूरपेठ का चातुर्मास सानंद संपन्न कर गुरुवार प्रात:सवा 6 बजे प्रस्थान कर श्रीमान् सा. श्री सुरेश कुमार जी रांका के निवास स्थान पर पधरेंगे । उपरोक्त जानकारी देते हुए गुरू गणेश गौशाला के मैनेजिंग ट्रस्टी श्रीमान् सा. किशन लाल जी खाबिया ने बताया स्पष्ट वक्ता प. पू.श्री कांति मुनि जी म. सा. के पावन सान्निध्य में यह चातुर्मास बहुत ही जप-तप, धर्म- ध्यान पूर्वक सादगी के साथ संपन्न हुआ। समय- समय पर पूज्य गुरु भगवंतों की, महापुरुषों की जन्म जयंतियां, दीक्षा जयंतियां व स्मृति दिवस भी मनाए गए। यह चातुर...

मेगा स्वास्थ्य जाँच शिविर का आयोजन

★ तेरापंथ जैन विद्यालय पट्‌टालम में ★ टीजेवी और एटीडीसी के सयुक्त तत्वावधान में Sagevaani.com /पट्टालम, चेन्नई: तेरापंथ जैन विद्यालय पट्टालम (टीजेवी) के प्रांगण में प्रातः तेरापंथ एजूकेशनल एण्ड मेडीकल ट्रस्ट एवं तेरापंथ युवक परिषद् द्वारा संचालित आचार्य श्री तुलसी डाइग्नोसिस सेंटर (एटीडीसी) के सयुक्त तत्वावधान में विद्यालय की सिल्बर जुबली वर्ष के सुअवसर पर सघन स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया गया।  मेगा हैल्थ चैकअप कैंप का शुभारम्भ ईश वंदना से किया गया। तत्पश्चात विद्यालय चेयरमैन श्री एम जी बोहरा ने इस शिविर के फायदे छात्रों एवं शिक्षकों को समझाये। प्रधानाचार्या श्रीमती आशा क्रिस्टी ने स्वागत भाषण दिया। सिल्बर जुबली समिति के मुख्य संयोजक श्री माणकचंद डोसी ने अपने मूल्यवान शब्द अर्पित किये व शिविर में बढ़-चढ़ कर हिस्सा लेने का आग्रह किया। तेयुप अध्यक्ष श्री दिलीप गेलेडा ने भी अपने विचार व...

उतावलापन मनुष्य स्वभाव का एक दोष है

Sagevaani.com /चेन्नई. श्री सुमतिवल्लभ नोर्थटाउन श्वेतांबर मूर्तिपूजक जैन संघ में आचार्य श्री देवेंद्रसागरसूरिजी ने चातुर्मास पूर्णाहुति के सुअवसर पर श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि आतुरता और अधीरता की बुराई मनुष्य को बुरी तरह परेशान करती है। प्रायः हमें हर बात की बहुत जल्दी रहती है, जिस कार्य में जितना समय एवं श्रम लगना आवश्यक है, उतना नहीं लगाना चाहते, अभीष्ट आकांक्षा की सफलता तुरत- फुरत देखना चाहते हैं। इसके लिए कई बार अनीति का मार्ग भी अपनाते हैं। धैर्यपूर्वक सदाचरण के मार्ग पर चलते रहना और अपने में जो दुर्बलताएं हों, उन्हें एक-एक करके हटाते चलना, यही तरीका सही है। इस सुनिश्चित पद्धति को छोड़कर अधीर लोग बहुत जल्दी अत्यधिक प्राप्त करने की चेष्टा करते हैं जो कुछ उनके पास था, उसे भी गंवा बैठते हैं। उतावलापन मनुष्य स्वभाव का एक दोष है। इसीलिए एक कहावत प्रचलित है उतावला सो बावला। कोई...

आत्मनिरीक्षण इस संसार का सबसे कठिन काम है: देवेंद्रसागरसूरि

आचार्य श्री देवेंद्रसागरसूरिजी ने बिन्नी नोर्थटाउन के सुमतिवल्लभ जैन संघ में प्रवचन देते हुए कहा कि मनुष्य को किसी तरफ चैन या संतोष नहीं मिल रहा। बेचारा विक्षिप्त-सा होकर इधर-उधर भटक रहा है। उसका नैतिक स्तर गिरता जा रहा है। भ्रष्टाचार के कारण आज सभी दुःखी हैं, फिर भी नैतिक साहस किसी में नहीं आता। सभी स्वार्थ साधनों में लिप्त हैं। स्वयं कुछ न देकर, दूसरों से ऐंठ लेने की नीति के कारण न तो कहीं सहयोग रह गया है और न सहानुभूति । मुसीबतों में सच्चे हृदय से सहानुभूति दिखाने वाले भी नहीं रहे। मानवता का इतना अधःपतन शायद ही किसी युग में हुआ हो। उसी अनुपात में लोगों का कष्ट और पीड़ाओं से परेशान होना भी स्वाभाविक ही है। अपने सुखों को बरबाद कर डालने की जिम्मेदारी मनुष्य पर ही है। उचित प्रयत्नों की बात भुलाकर मनुष्य असुरता की ओर बढ़ रहा है। इसी से वह दुःखी है। छुटकारे का उपाय एक ही है कि वह इन पतनोन्मुख...

आचार्यश्री हीराचंद्रजी म.सा का 61 वां दीक्षा दिवस सामायिक दिवस के रुप मे मनाया गया 

  आचार्यश्री हीराचंद्रजी म.सा का 61 वां दीक्षा दिवस श्री जैन रत्न हितैषी श्रावक संघ, तमिलनाडु के तत्वावधान में स्वाध्याय भवन, साहूकारपेट चेन्नई में सामायिक दिवस के रुप मे मनाया गया | आचार्यश्री हीराचंद्रजी म.सा का 61 वां दीक्षा दिवस श्री जैन रत्न हितैषी श्रावक संघ, तमिलनाडु के तत्वावधान में स्वाध्याय भवन, साहूकारपेट चेन्नई में सामायिक दिवस के रुप मे मनाया गया | उपस्थित श्रद्धालुओं ने महावीर चालीसा, हस्ती चालीसा व हीरा चालीसा की सामुहिक स्तुति की |  आचार्यश्री के 61 वें दीक्षा दिवस कार्यक्रम का संचालन करते हुए श्रावक संघ के कार्याध्यक्ष आर. नरेन्द्रजी कांकरिया ने कहा कि माटी हैं पीपाड़ की चन्दन,जन्मे दो-दो रघु नन्दन | आचार्य हस्ती व आचार्य हीरा दोनों की जन्मभूमि पीपाड़ हैं | पिता मोतीलालजी माता मोहिनी देवीजी गांधी के यहां जन्म लेने वाले हीरा के बाल्यकाल, दृढमय वैराग्य व दीक्षा का विवरण क...

जो भी आपके द्वार पर आए उसे सम्मान दे: उपप्रवृत्तिनि संथारा प्रेरिका सत्य साधना ज गुरुणी मैया

हमारे भाईन्दर में विराजीत उपप्रवृत्तिनि संथारा प्रेरिका सत्य साधना ज गुरुणी मैया आदि ठाणा 7 साता पूर्वक विराजमान हैl वह रोज हमें प्रवचन के माध्यम से नित नयी वाणी सुनाते हैं, वह इस प्रकार हैंl बंधुओं जैसे कि आज हमारे यहां पर विदाई समारोह मनाया गया एवं चौथमल जी महाराज साहब के जन्म जयंती कमलावती जी महाराज साहब की पुण्यतिथि एवं लोक शा ह जयंती भी मनाई गईl 146 लकी ड्रा भी निकल गए कम से कम 1000 लोगों की उपस्थिति रहीl आज का स्वामी वात्सल्य महामंत्रीबाबूलाल जी दुगड एवं सुनील दुगड की तरफ से रखा गया था एवं 28 तारीख को गुरुणी का विहार होगा l याद रखें जीवन में मांन बनने के लिए नहीं देने के लिए होता हैl इसे औरों को देखकर खुश हो यह जीवन में समा न पाने की कोशिश करेंl जो व्यक्ति सम्मान पाने की कोई आवश्यकता है वही अपमानित होता हैl जिसके भीतर सम्मान पाने के आकांक्षा नहीं वह कभी अपमानित नहीं हो सकताl कितने भी...

स्वभाव में आवश्यक सुधार किए बिना प्रगति नहीं हो सकती है : देवेंद्रसागरसूरि

श्री सुमतिवल्लभ नोर्थटाउन श्वेतांबर मूर्तिपूजक जैन संघ में आचार्य श्री देवेंद्रसागरसूरिजी ने धर्म प्रवचन देते हुए कहा कि अपने दोषों की ओर से अनभिज्ञ रहने से बड़ा प्रमाद इस संसार में और कोई नहीं हो सकता, इसका मूल्य जीवन की असफलता का पश्चाताप करते हुए ही चुकाना पड़ता है। आरंभ छोटे-छोटे दोष- दुर्गुणों से करना चाहिए। उन्हें ढूंढ़ना और हटाना चाहिए। इस क्रम से आगे बढ़ने वाले को जो छोटी-छोटी सफलताएं मिलती हैं, उनसे उसका साहस बढ़ता चलता है। उस सुधार से जो प्रत्यक्ष लाभ मिलते हैं, उन्हें देखते हुए बड़े कदम उठाने का साहस भी होता है और उन्हें पूरा करने का मनोबल भी संचित हो चुका होता है। गुण, कर्म, स्वभाव में आवश्यक सुधार किए बिना प्रगति नहीं हो सकती है। गुण, कर्म, स्वभाव का मानवोचित परिष्कार करते हुए व्यक्तित्व को सुविकसित करने में संलग्न होना चाहिए। वे आगे बोले कि दुर्व्यवहार का कुफल दुःख और बेचैनी ...

जैन संस्कार विधि : प्रगतिशील विविध प्रयोग

★ अभातेयुप राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री रमेश डागा का जैन संस्कार विधि से मनाया जन्मदिन Sagevaani.com /चेन्नई : अखिल भारतीय तेरापंथ युवक परिषद् के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री रमेश डागा का जन्मदिन साध्वीश्री लावण्यश्रीजी ठाणा 3 के सानिध्य में तेरापंथ सभा, साहुकारपेट, चेन्नई में जैन संस्कार विधि से मनाया गया।  तेयुप सहमंत्री श्री नवीन बोहरा के नमस्कार महामंत्र गीत संगान के साथ कार्यक्रम शुभारम्भ हुआ।  जैन संस्कार श्री स्वरूप चन्द दाँती ने सम्पूर्ण मंगल मंत्रोच्चार के साथ जन्मदिवस संस्कार विधि सम्पादित करवाई। जैन संस्कार श्री अपुर्व मोदी, अहमदाबाद ने भी इस अवसर पर उपस्थित हो साथ निभाया।  अभातेयुप राष्ट्रीय अध्यक्ष के साथ तेयुप पदाधिकारियों ने मंगल भावना पत्रक की स्थापना की। तेयुप उपाध्यक्ष एव अभातेयुप समिति सदस्य श्री संदीप मुथा, तेयुप मंत्री एवं अभातेयुप नेत्रदान सहप्रभारी श्री कोमल डागा ने सभी के तिलक ...

चार्तुमास की सफलता के बाद आई साध्वी रमणीक कुंवर जी की भावुक विदाई वेला

तीन दिन तक चलेगा सम्मान समारोह, 27 को होगी उपकार सभा Sagevaani.com /शिवपुरी ब्यूरो। पांच माह तक चार्तुमास अवधि में शिवपुरी में जन-जन को जिन धर्म का संदेश देने वाली प्रसिद्ध जैन साध्वी रमणीक कुंवर जी म.सा. ठाणा 5 की विदाई बेला नजदीक आ गई है। साध्वी जी 28 नवम्बर को दोपहर 1 बजे पोषद भवन से बिहार कर अगले पड़ाव के लिए रवाना होगी। विदाई बेला से पूर्व तीन दिन तक कमला भवन में सम्मान समारोह और उपकार सभा का आयोजन होगा। 25 नवम्बर शनिवार को चार्तुमास के दौरान 3 अथवा उससे अधिक उपवास की तपस्या करने वाले साधकों का सम्मान किया जाएगा। 26 नवम्बर रविवार को साध्वी रमणीक कुंवर जी, साध्वी नूतन प्रभाश्री जी, साध्वी पूनम श्री जी, साध्वी जयश्री जी और साध्वी वंदना श्री जी के प्रवचन को जन-जन तक पहुंचाने वाले मीडियाकर्मियों का सम्मान किया जाएगा तथा 27 नवम्बर को कमला भवन में सुबह 9 बजे से उपकार सभा का आयोजन होगा। तीनो...

दोष दिखाने वाले को अपना शुभचिंतक मानकर उसका आभार मानें : देवेंद्रसागरसूरि

Sagevaani.com /Chennai: दोष, दुर्गुण, दुष्प्रवृत्तियों, दुर्भावनाओं को त्यागिए संसार में कोई किसी को उतना परेशान नहीं करता, जितना कि मनुष्य के अपने दुर्गुण और दुर्भावनाएं। दुर्गुण रूपी शत्रु हर समय मनुष्य के पीछे लगे रहते हैं, वे किसी समय उसे चैन नहीं लेने देते। कहावत है कि अपनी बुद्धि और दूसरों की संपत्ति, चतुर को चौगुनी और मूरख को सौगुनी दिखाई पड़ती रहती है। उपरोक्त बातें आचार्य श्री देवेंद्रसागरसूरिजी ने श्री सुमतिवल्लभ नोर्थटाउन जैन संघ में प्रवचन देते हुए कही, वे आगे बोले कि संसार में व्याप्त इस भ्रम को महामाया का मोहक जाल ही कहना चाहिए कि हर व्यक्ति अपने को पूर्ण निर्दोष और पूर्ण बुद्धिमान मानता है। न तो उसे अपनी त्रुटियां सूझ पड़ती हैं और न अपनी समझ में दोष दिखलाई पड़ता है। इस एक ही दुर्बलता ने मानव जाति की प्रगति में इतनी बाधा पहुंचाई है, जितनी संसार की समस्त अड़चनों ने मिलकर भी न ...

जैन दिवाकर गुरूदेव चौथमलजी म.सा. की जन्म जयन्ती रविवार को

श्रावक व्रत,14 नियम, 27 संकल्प, आगम कंठस्थ करने वाले 327 श्रावक श्राविकाएँ का होगा बहुमान Sagevaani.com /चेन्नई : श्री एस एस जैन संघ माम्बलम -टी.नगर के तत्वावधान एवं स्वर्ण संयम आराधक श्री वीरेन्द्रमुनीजी म.सा. के सान्निध्य में वर्ष 2023 का आडम्बर रहित यशश्वी एवं आदर्श चातुर्मास सम्पूर्णता की ओर अग्रसर है। रविवार दिनाँक 26 नवम्बर को सुबह 9.30 बजे से चातुर्मासार्थ विराजित मुनिश्री वीरेन्द्रमुनीजी म.सा. के प्रति कृतज्ञता ज्ञापन समारोह के साथ जैन दिवाकर चौथमलजी म.सा. की जन्म जयन्ती एवं ज्योतिषाचार्य उपाध्याय कस्तूरचन्दजी का दीक्षा जयन्ती तप त्याग एवं सामायिक दिवस के रूप में मनाई जाएगी।          संघ अध्यक्ष डॉ.एम. उत्तमचन्द गोठी ने बताया कि इस प्रसंग पर चातुर्मास काल के 5 महीने के दरम्यान विशेष धर्म आराधना जैसे श्रावक व्रत,14 नियम, 27 संकल्प, आगम, प्रतिक्रमण, पुच्चीसुणं, बड़ी साधू वन्दना, भक्त्...

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