श्री जैन महासंघ की त्रिवर्षीय टीम का हुआ मनोनयन Sagevaani.com /चेन्नई : श्री जैन महासंघ, चेन्नई की वार्षिक साधारण सभा का आयोजन तेरापंथ सभा भवन, साहुकारपेट में हुआ। नमस्कार महामंत्र सामुहिक स्मरण के बाद राजेन्द्र भण्डारी के मंगलाचरण के साथ कार्यवाही प्रारम्भ हुई। अध्यक्ष श्री राजकुमार बडजात्या ने स्वागत स्वर प्रस्तुत करते हुए, गत तीन वर्षों में पदाधिकारियों, समिति सदस्यों के साथ समस्त जैन समाज के मिले अतुलनीय सहयोग के लिए धन्यवाद दिया। तेरापंथ सभा की और से सभाध्यक्ष उगमराज सांड ने स्वागत अभिनन्दन किया। महामंत्री सुरेश कागरेचा ने वर्ष भर के कार्यों की जानकारी सदन को दी। तत्पश्चात सदन में आगामी त्रिवर्षीय टीम के लिए श्री पन्नालाल सिंघवी ने सदन में चयन प्रक्रिया प्रारम्भ की। सर्वसम्मति से श्री प्यारेलाल पितलिया को आगामी कार्यकाल के लिए अध्यक्ष मनोनीत किया गया। उसके बाद अन्य पदाधिकारी में उपा...
Sagevaani.com /Chennai: शांतिवल्लभ लुम्बिनी जैन संघ में आचार्य श्री देवेंद्रसागरसूरिजी ने प्रवचन देते हुए कहा कि असफलता किसी भी योद्धा का एक पंख होती है। गिरने के अनुभव के बिना उड़ने वाला व्यक्ति स्वयं को उड़ने वाला नहीं कह सकता। हममें से हर कोई पहले से ही किसी न किसी चीज़ में विफल रहा है, चाहे वह स्कूल के संगीत नाटक के दौरान एक उच्च नोट हिट करने में विफलता के रूप में सरल हो, या किसी व्यावसायिक सौदे को पूरा करने में विफल होने और पदोन्नति हासिल करने में विफलता के रूप में निराशाजनक हो, हम में से हर किसी ने अपने स्वयं असफलता के स्वाद का अनुभव किया है। असफलता एक सीढ़ी है। वास्तव में, जीवन के निम्न बहुत शक्तिशाली सबक हैं जिन्हें असफलता हमें सिखाने और विकसित करने में मदद करती है। जब हम किसी चीज़ से गुजरते हैं और प्रत्यक्ष अनुभव के साथ आगे बढ़ सकते हैं, तो इससे हमें जीवन के प्रति गहरी समझ विकसित ...
भावुक माहौल में जैन साध्वियों ने शिवपुरी से ली विदा, पद बिहार कर पहुंचेंगी इंदौर Sagevaani.com /शिवपुरी। शिवपुरी में सफल और सार्थक चार्तुमास संपन्न करने के बाद प्रसिद्ध जैन साध्वी रमणीक कुंवर जी ठाणा पंाच सतियों ने आज भावुक माहौल में शिवपुरी से विदाई ली। इस अवसर पर वहां मौजूद बहुत से स्त्री पुरूषों की आंखों में विदाई बेला के अवसर पर आंसु आ गए। साध्वी रमणीक कुंवर जी ने कहा कि हम शिवपुरी में मिले अपनत्व और प्रेम को कभी भूल नहीं पाऐंगे। इस नगरी ने हम पर बहुत प्यार लुटाया है और यहां के लोग धर्मप्रेमी है। देव, गुरू और धर्म के प्रति उनमें अगाध श्रृद्धा है। इसके बाद साध्वी रमणीक कुंवर जी ने वहां सैकड़ों की संख्या में उपस्थित भक्तजनों को मांगलिक का लाभ दिया और शिवपुरी से अगले पड़ाव की ओर रवानगी डाली। पहले दिन जैन साध्वी शिवपुरी से 10 कि.मी. पद बिहार कर राजकुमार जैन जड़ी बूटी बालों के फार्म हाउस पर पह...
शिवपुरी चार्तुमास के अंतिम उपदेश में जैन साध्वियों ने किया भावविभोर, मांगी अपनी गुरू दक्षिणा Sagevaani.com /शिवपुरी ब्यूरो। पांच माह तक चार्तुमास में शिवपुरी में धर्म की गंगा प्रवाहित करने वाली प्रसिद्ध जैन साध्वी रमणीक कुंवर जी ठाणा पांच सतियों ने आज अपने अंतिम धर्मोपदेश में धर्म प्रेमियों को भावविभोर कर दिया। आदर्श नगर में यशवंत सांड के निवास स्थान पर आयोजित धर्मसभा में साध्वी रमणीक कुंवर जी ने कहा कि जीवन में धर्म और धन दोनों जरूरी है, लेकिन लगता है कि हम उन दोनों का सही उपयोग भूल गए हैं। साध्वी नूतन प्रभाश्री जी ने कहा कि इस बार शिवपुरी को चार्तुमास पांच माह का मिला है। पांच माह हमने आपको जिनवाणी सुनाई है। अब परीक्षा का समय है, देखना है कि इस जिनवाणी का आप कैसे उपयोग करते हैं और कैसे अपने जीवन में उतार कर उसे सार्थक करते हैं। इस संबंध में उन्होंने एक प्रेरक कथा भी सुनाई और कहा कि कल हम...
आचार्य श्री वर्धमानसागरसूरिजी एवं आचार्य श्री देवेंद्रसागरसूरिजी महाराज शुक्रवार को बिन्नी नोर्थटाउन से विहार करते हुए टीविएच लुम्बिनी पधारे, लुम्बिनी जैन संघ में प्रवचन देते हुए आचार्य श्री देवेंद्रसागरसूरिजी ने कहा कि भविष्य के लिए संग्रह ही दुख का कारण है। अगर पशु-पक्षी की तरह मनुष्य भी वर्तमान में जीने लगे तो वह भी दुखी नहीं होगा। ऐसा इसलिए, क्योंकि दुख कल की चिंता में है, कल के लिए जो संग्रह हो रहा है, उसमें दुख है। वही दुख मन में असंतोष पैदा करता है, जिस कारण आज प्रत्येक व्यक्ति अपने सिर पर भविष्य की चिंता की गठरी लिए भागे जा रहा है। पक्षी अपने जीवन के एक-एक क्षण को भोग लेता है और मनुष्य को पूरे जीवन में एक क्षण भी जीने का सौभाग्य नहीं मिलता। कोयल आधी रात में वृक्ष की डाली पर गाती रहती है और मनुष्य उस समय चिंता की अग्नि में जलता रहता है, क्योंकि उसे और चाहिए। उसे जो भी प्राप्त हो जात...
Sagevaani.com /चेन्नई : तेरापंथ जैन विद्यालय, साहुकारपेट, चेन्नई के प्रांगण में विद्यालय द्वारा गत शनिवार को पारितोषित दिवस का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विद्यालय महासचिव श्री रेख धोका, संयुक्त सचिव डॉ. कमलेश नाहर, महासंवाददाता श्री महावीरचंद गेलड़ा, स्कूल कमेटी संयोजक श्री महेंद्रकुमार आंचलिया, अखिल भारतीय तेरापंथ युवक परिषद् के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री रमेश डागा व श्री नवीन कुमार दरला भूतपूर्व प्रसिडेन्ट युवक परिषद उपस्थित थे। विद्यालय प्रधानाचार्या श्रीमती एम शशिकला ने सभी सम्माननीय सदस्यों का हार्दिक अभिन्दन किया। सम्माननीय सदस्यों ने अपने कर-कमलों द्वारा, करुणा क्लब, प्रतिभा, साइन्स ओलम्पियाड़ व लिट फेस्ट द्वारा आयोजित प्रतियोगिताओं में विजयी रहे छात्रों व शत प्रतिशत हाजिरी प्राप्त विद्यार्थियों को मेड़ल, ट्राफी और प्रमाण पत्र प्रदान कर पुरस्कृत किया। श्री रमेश डागा ने विजेता विद्यार्थि...
Sagevaani.com /चेन्नई : चक्रवाती तूफान मिचौंग के कारण प्रभावित लोगों की सहायता के लिए अनेकों हाथ आगे आ रहे हैं। प्राकृतिक आपदा से कोई भी अछुता नहीं रह सकता, यह किसी के बस की बात भी नहीं है। तो उनको बचाने के लिए भी सरकार के साथ स्वयं सेवी समाजिक संस्थान अपने अपने स्तर पर लोगों की सहायता के लिए आगे आते है। इसी कड़ी में ए एम जैन ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन, मिनम्बाक्कम, चेन्नई द्वारा शुक्रवार दोपहर से लगभग 1000 व्यक्तियों के लिए खाना वितरित किया। सेक्रेटरी उधन चोरडिया ने बताया कि शनिवार रविवार को भी जरूरतमन्द लोगों को दोपहर का खाना खिलाया जायेगा। उसके साथ रविवार को राशन और घर के आवश्यक समानों यथा कपड़े, ब्लेंकेट इत्यादि से युक्त रविवार को 1000 कीट भी सहायार्थ परिवारों को दिये जायेंगे। अतिरिक्त सेक्रेटरी हेमंत चोरडिया ने कहा कि कमेटी सदस्य डॉ भवनेश कुमार देवड़ा के नेतृत्व में अगरचन्द मानमल जैन कॉलेज मे...
Sagevaani.com /चेन्नई :- आज शनिवार 9 दिसम्बर 2023 को रत्नवंश के पंचम पट्टधर आचार्य पूज्यश्री विनयचंद्रजी म.सा की पुण्यतिथि स्वाध्याय भवन, साहूकारपेट, चेन्नई में स्वाध्याय दिवस के रुप में मनाई गयी | स्वाध्यायी बन्धुवरों लीलमचन्द बागमार व गौतमचंद मुणोत ने गौतम गणधर की स्तुति की | उपस्थित श्रद्धालुओं ने तीर्थंकर महावीर चालीसा की सामूहिक रुप से स्तुति की | श्रावक संघ तमिलनाडु के कार्याध्यक्ष आर नरेन्द्र कांकरिया ने राजस्थान के फलौदी ग्राम में प्रतापमलजी -रम्भादेवीजी पुंगलिया के यहां जन्मे विनयचंद्र के बाल्यकाल व माता-पिता के वियोग हो जाने पर युवा अवस्था में पारिवारिक जिम्मेदारियों का निर्वहन करने व पाली में आचार्यश्री कजोडीमलजी म.सा का संयोग मिलने पर वैराग्य को प्राप्त करने के पश्चात अनुज भ्राता कस्तूरचंद के संग दीक्षित होने का उल्लेख किया | 15 वय की अवस्था में दीक्षित होने वाले विनयचंद्रजी म....
🔶 चातुर्मास प्रारंभ में ही लगभग 200 श्रावक- श्राविकाओं द्वारा चातुर्मास काल के दरम्यान लगभग 50000 (पचास हजार) से अधिक सामयिक करने के, साथ ही जमीकंद/होटल/सिनेमा/ मौज मस्ती के उद्देश्य से घूमने/अब्रह्म सेवन व रात्रि भोजन त्याग/दैनिक 14 नियम चित्तारना/प्रतिदिन नवकारसी/अंगूठी के पच्छक्खाण आदि 27 नियमों का संकल्प पत्र भरा गया। 🔷लगभग 125 से भी ज्यादा श्रावक- श्राविकाओं द्वारा श्रावक के व्रत (जघन्य 1 एक से उत्कृष्ट 12 व्रत) ग्रहण करना। 🔶 लगभग 150 से भी ज्यादा श्रावक श्राविकाओं द्वारा दैनिक 14 नियम ग्रहण ग्रहण करना। 🔷100 से भी ज्यादा भाई बहनों द्वारा पच्छक्खाण की अंगूठी धारण करना। 🔶 हर अमावस्या,पूर्णिमा महापुरुषों की जन्म जयंती एवं पुण्यतिथि प्रसंग पर 2-2 सामायिक के साथ मानव सेवा/अन्नदानं/तप-त्याग व साधर्मिक भाई बहनों को राशन किट/दवाइयाँ वितरण(गुप्त रूप से) कार्यक्रम। 🔷 चातुर्मास प्रारंभ से समापन ...
साध्वी जी ने बताया कि भक्ति जब साकार होती है तब भगवान मिलते हैं Sagevaani.com /शिवपुरी ब्यूरो। भक्त होना आसान नहीं है। भक्ति को जीवन में वहीं उतार सकता है जो अपने भगवान के लिए सब कुछ न्यौछाबर करने को तैयार रहता है। सच्चा भक्त वहीं है जो भगवान के लिए नरक जाने तक को तैयार हो जाए। उक्त उदगार प्रसिद्ध जैन साध्वी नूतन प्रभाश्री जी ने बल्लभचंद जी, शैलेष कुमार जी कोचेटा के निवास स्थान पर आयोजित धर्मसभा में व्यक्त किए। धर्मसभा में साध्वी वंदना श्री जी ने भगवान मेरा जीवन कल्याण के लिए है, भजन का सुमधुर स्वर में गायन किया। धर्मसभा में साध्वी नूतन प्रभाश्री जी ने भगवान के प्रति भक्त की भक्ति कैसी होनी चाहिए। इसे एक कथा के माध्यम से स्पष्ट किया। उन्होंने बताया कि नारद मुनि ने भगवान कृष्ण से पूछा कि आपके कितने भक्त है तो उनका जवाब था कि कोई बिरला ही मेरा भक्त है। यह जवाब सुनकर नारद मुनि आश्चर्य चकित ह...
राजस्थानी अशोसिएशन तमिलनाडु द्वारा दिनांक 3 दिसंबर रविवार को पट्टालम स्थित शांतिनाथ भवन में दंत चिकित्सा, नेत्र चिकित्सा व डायबिटीज चेक अप कैंप का आयोजन किया गया। जिसमें दंत विशेषज्ञ एवं तमिलनाडु गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज के एमिरटस प्रोफ़ेसर के. एस. नाजर व उनके डाक्टरों की टीम द्वारा 74 लोगों के दातों का इलाज किया गया। जैन मेडिकल सोशईटी द्वारा संचालित भगवान महावीर आई हॉस्पिटल, रायपुरम की टीम द्वारा 96 लोगों की आंखों की जांच की गई जिसमें से 70 लोगों को चश्मा बनाकर दिए जाएंगे साथ ही पांच लोगों का मोतियाबिंद ऑपरेशन करवाया जाएगा । सुवा देवी नाहर डायबीटिक हॉस्पिटल, कोडम्बाकम द्वारा 74 जनों की बीपी व शुगर जांच की गई। व परामर्श दिया गया। प्रार्थना उपरांत सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। अध्यक्ष मोहनलाल जी बजाज ने पधारे सभी का स्वागत किया। स्वास्थ्य समिति के चेयरमैन श्रीपाल कोठारी ने चिकित्सा शिविर...
जिसके गुण-कर्म-स्वभाव जितने सात्विक और सुरुचिपूर्ण होंगे, उसका जीवन उतना ही प्रसन्न, उतना ही सुंदर होगा। जो अविचारी, व्यभिचारी अथवा अवगुणी है, वह कितना ही धनवान, शान-शौकत वाला, सुंदर शरीर और रहन-सहन वाला क्यों न हो, सुंदर जीवन की परिधि में नहीं आ सकता। उपरोक्त बातें आचार्य श्री देवेंद्रसागरसूरिजी ने श्री सुमतिवल्लभ नोर्थटाउन श्वेतांबर मूर्तिपूजक जैन संघ में प्रवचन देते हुए कही, वे आगे बोले कि इसके विपरीत जो सामान्य स्थिति का है, गरीब है, सुंदर शरीर वाला भी नहीं है, परंतु शिष्ट, सभ्य, सुशील, संतुष्ट और शांत है तो वह अधिक सुंदर जीवन वाला कहा जाएगा। जीवन की सफलता का प्रमाण जहां किसी के कार्य और कर्तृत्व से दिया जाता है, वहां उसकी अंतिम श्वास में सन्निहित शांति एवं संतोष की मात्रा भी इसका एक सुंदर प्रमाण है। जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए प्रत्येक व्यक्ति का अपना एक लक्ष्य, एक उद्देश्य होन...