माम्बलम (टी.नगर-चेन्नई) स्थानक में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन Sagevaani.com /Chennai: श्रमणसंघीय वरिष्ठ सलाहकार आयम्बिल तप के महान आराधक राजऋषि पूज्य गुरूदेव श्री सुमतिप्रकाशजी महाराज के देवलोकगमन पर श्री एस. एस. जैन संघ के तत्वावधान एवं जिन शासन प्रभावक श्री वीरेंद्रमुनिजी महाराज के सान्निध्य में रविवार सवेरे बर्किट रोड़ स्थित जैन स्थानक में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन रखा गया। सवेरे 7.30 बजे से सामायिक साधना के साथ सामूहिक जाप का आयोजन हुआ। तदनन्तर श्री मरूधर केसरी जैन वैयावच्च सेन्टर से श्रद्धांजलि सभा में पधारे मुनिश्री वीरेंद्रमुनिजी म.सा. ने गुरूदेव श्री सुमतिप्रकासजी महाराज के व्यक्तित्व कृतित्त्व व संयम जीवन पर गुरूदेव के जन्म से लेकर महाप्रयाण तक का सारगर्भित वर्णन सभा को बताया और कहा कि मुनि श्रीसुमतिप्रकाशजी महाराज जन्म से तो जैन नहीं थे लेकिन कर्म से जैन धर्म को अपना कर भागव...
Sagevaani.com /चेन्नई. श्री सुमतिवल्लभ नोर्थटाउन मूर्तिपूजक जैन संघ में बिराजमान पूज्य आचार्य श्री देवेंद्रसागरसूरीजी ने प्रवचन के माध्यम से श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि जीवनयापन और जीवन-लक्ष्य दो भिन्न बातें हैं। प्रायः सामान्य लोगों का जीवन-लक्ष्य जीवनयापन ही रहता है। खाना-कमाना, ब्याह- शादी, लेन-देन, व्यवहार-व्यापार आदि साधारण क्रमों को पूरा करते हुए मृत्यु तक पहुंच जाना, बस इसके अतिरिक्त उनका और कोई लक्ष्य नहीं होता। एक जीविका का साधन जुटा लेना, एक परिवार बसा लेना और बच्चों का पालन-पोषण करते हुए शादी-ब्याह आदि कर देना मात्र ही साधारणतया लोगों ने जीवन-लक्ष्य मान लिया है। मीठे फल खाने की इच्छा से दो मित्र एक बगीचे में गए। माली ने कहा इस बगीचे के मालिक की आज्ञानुसार यहां एक ही दिन ठहर सकते हो, सो शाम तक जितने फल खा सकते हो, खा लो।दोनों अपनी रुचि के फल खाने चल दिए। एक ने पेट भरकर...
श्रमणसंघीय वरिष्ठ सलाहकार गुरूदेव श्री सुमतिप्रकाशजी महाराज के देवलोकगमन पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन रविवार को श्रमणसंघीय भीष्म पितामाह राजऋषि गुरूदेव पूज्य श्री सुमतिप्रकाशजी महाराज का दिनाँक 27 नवम्बर सोमवार को उत्तर प्रदेश मेरठ में संथारा सहित देवलोक गमन हो गया। गुरूदेव सुमतिप्रकाशजी महाराज स्थानकवासी जैन समाज के एक ऐसे महापुरुष थे जिन्होंने लगभग 60 से भी अधिक वर्षों तक जिन शासन की महति प्रभावना कर लाखों लोगों को जैन धर्म से जोड़ा एवं 125 भी ज्यादा भव्य आत्माओं को अपने मुखारविंद से भागवती जैन दीक्षा प्रदान की। लगभग 50 वर्षों से भी ज्यादा समय तक उन्होंने एकान्तर आयम्बिल तपश्चर्या की आराधना की एवं पूरे दिन नवकार महामंत्र की आराधना में लगे रहते थे। संघ अध्यक्ष डॉ.एम.उत्तमचन्द गोठी ने बताया कि ऐसे महापुरूष के संयम जीवन व्यक्तित्व कृतित्त्व पर प्रकाश डालने के लिए दिनाँक 3 दिसंबर रव...
आचार्य श्री देवेंद्रसागरसूरिजी ने श्री सुमतिवल्लभ नोर्थटाउन जैन संघ में धर्म प्रवचन देते हुए कहा कि यह सारा संसार गुण-दोषमय है। संसार की कोई भी वस्तु अथवा प्राणी सर्वथा गुणसंपन्न अथवा दोषमुक्त नहीं है। सभी में कुछ-न-कुछ दोष मिलेगा। परमात्मा ही अकेले पूर्ण एवं दोष रहित है। अन्य सब कुछ गुण-दोषमय एवं अपूर्ण है। सामान्यतः मनुष्यों में दोष-दर्शन का भाव रहा करता है। दोषदर्शी का वास्तव में यह बड़ा भारी दुर्भाग्य है कि वह किसी व्यक्ति अथवा वस्तु में गुण ही नहीं पाता। दूसरों के दोष देखते रहने वाले व्यक्ति स्वभावतः दोषग्राही भर होते हैं। दोष दर्शन से मनुष्य में दूसरों के ऐसे अनेक दोष भी घर कर जाते हैं, जो उसमें पहले से नहीं थे। जिस विषय में रुचि रखकर उसकी चर्चा एवं चिंतन किया जाएगा, वह मनुष्य के स्वभाव का अंग बन जाता है और धीरे-धीरे चेतना पर छा जाया करता है। दोषदर्शी व्यक्ति दूसरों की निंदा करने के ...
सत्संग से जीवन अच्छा और कुसंग से जीवन बुरा बनता है Sagevaani.com /शिवपुरी ब्यूरो। वर्षा की एक बूंद यदि सांप के मुंह में गिरती हैै तो वह जहर बन जाती है वहीं एक बूंद यदि सीप के मुंह में पड़ती है तो मोती बन जाती है। बूंद एक ही है लेकिन संगत से उसका असर अलग हो जाता है। इससे स्पष्ट है कि जीवन को दिशा देने में सत्संग का महत्वपूर्ण स्थान है। उक्त उदगार प्रसिद्ध जैन साध्वी नूतन प्रभाश्री जी ने सांखला निवास पर आयोजित धर्मसभा में व्यक्त किए। धर्मसभा में प्रारंभ में सांखला परिवार की बहिनों ने स्वागत गीत प्रस्तुत किया। वहीं प्रवचन के पूर्व भक्तांवर पाठ का गायन किया गया। धर्मसभा में सांखला परिवार ने गुरूणी मैया का आशीर्वाद लेने आए पूर्व सीएमओ रामनिवास शर्मा का स्वागत तेजमल सांखला और यशवंत सांड ने किया। साध्वी नूतन प्रभाश्री जी ने प्रसिद्ध संत गोस्वामी तुलसीदास जी के दोहे संत समागम हरि कथा तुलसी दुर्लभ ...
Sagevaani.com /चेन्नई. श्री सुमतिवल्लभ नोर्थटाउन श्वेतांबर मूर्तिपूजक जैन संघ में आचार्य श्री देवेंद्रसागरसूरिजी ने धर्म प्रवचन देते हुए कहा कि ईर्ष्या एक ऐसा शब्द है जो मानव के खुद के जीवन को तो तहस-नहस करता है औरों के जीवन में भी खलबली मचाता है। यदि आप किसी को सुख या खुशी नहीं दे सकते तो कम से कम दूसरों के सुख और खुशी देखकर जलिए मत। यदि आपको खुश नहीं होना है न सही मत होइए खुश, किन्तु किसी की खुशियों को देखकर अपने आपको ईर्ष्या की आग में ना जलाएं। ईर्ष्यालु व्यक्ति की सबसे बड़ी पहचान यह है कि वह किसी की सुख-शांति नहीं देख सकता, उन्नति सहन नहीं कर सकता। वह अकारण ही उन्नतिशील व्यक्तियों की आलोचना करता, उन पर झूठे दोषारोपण करता और उनके कार्यों का अवमूल्यन करता दिखाई देता है। ईर्ष्या का जन्म स्वयं अपनी उन कमजोरियों से होता है जो उन्नति-पथ में बाधक होती हैं। जब मनुष्य अपनी कमियों से असफलता का श...
सांखला निवास पर हुआ जैन साध्वियों का स्वागत, गुरूणी मैया ने कहा अपनी संपत्ति का करो सदुपयोग Sagevaani.com /शिवपुरी ब्यूरो। चार्तुमास संपन्न होने के बाद बिहार करते हुए जैन साध्वी रमणीक कुंवर जी ठाणा पांच सतियां सांखला परिवार की विनति को स्वीकार करते हुए उनके निवास स्थान पर पहुंची। यहां धर्मसभा को संबोधित करते हुए साध्वी नूतन प्रभाश्री जी ने बताया कि जीवन को यदि हमें स्वर्ग बनाना है तो पारिवारिक रिश्तों को जीने की कला सीखनी होगी। साध्वी रमणीक कुंवर जी ने इस अवसर पर धमोपदेश देते हुए कहा कि अपनी धन संपत्ति का सदुपयोग करना सबसे बड़ा इन्वेशमेंट हैं। सदुपयोग क्या है? इसे भी उन्होंने स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि अपनी संपत्ति को परोपकार, परमार्थ और मानवता की भलाई के लिए खर्च करो। साध्वी नूतन प्रभाश्री जी ने एक कहानी के माध्यम से अपनी बात स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि महाभारत युद्ध के पश्चात हुए नरसंहा...
वर्धमान साधार्मिक सेवा एवं जीव दया समिति की ओर से 228 वां अनाज वितरण का कार्यक्रम दिनांक 29/11/ 2023 को आदिनाध जैन सेवा ट्रस्ट सुले के प्रांगण में हुआ। प्रति माह की भांति इस माह 150 परिवारों को अनाज व खाद्य सामग्री मिठाई पेकेट, साङिया, गुङ, शक्कर, रवा, मैदा, आटा सेमिया, दाल, चावल, आटा, बाजरी, दलिया आदि सामग्रियां वितरण किया गया। संस्था की अध्यक्ष कमला एस मेहता, महामंत्री ललीता सुराणा, कोषाध्यक्ष विमला चौरङिया, उपाध्यक्ष कंचन मेहता रतन जी बाफना सरोज पगारिया एवं सदस्यों द्वारा मंगल चरण एवं पंच परमेष्ठी जाप तथा प पू मणि प्रभ सुरिश्वर जी म सा के शिष्य रत्न के द्वारा मंगल पाठ श्रवण के साथ वितरण किए गए। कमला जी मेहता ने सबका स्वागत करते हुए संस्था गतिविधियों पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर ऊषा चोरङिया, शान्ति बाई चोरङिया, संगीता पुंगलिया, रेणु सुराणा, गुलाब बोहरा, मंजु झाबक, मंजु छल्लाणी की सेवाएं सर...
Sagevaani.com /चेन्नई. बिन्नी नोर्थटाउन के श्री सुमतिवल्लभ जैन मूर्तिपूजक संघ में आचार्य श्री देवेंद्रसागरसूरिजी ने प्रवचन देते हुए कहा कि साधना में दो बातें मुख्य हैं स्वार्थ और अहंकार का त्याग। जगत के लौकिक व्यवहार चाहिए तो यह भी स्वार्थ के त्याग से मिल जाएगा। थोड़ा त्यागने से ज्यादा मिलता है। किसान इसका प्रत्यक्ष उदाहरण है। वह फसल के लिए खेत में बीज डालता है। फसल खराब हो जाए, उसे फिर से खेत में बीज बोना पड़ता है। इस प्रकार वह पहले त्याग करता है, उसके बाद ही कई गुना पाता है। किसी के साथ आप अपना स्वार्थ छोड़कर व्यवहार करेंगे तो वह उत्तम है। दुश्मन के साथ भी अगर आप स्वार्थ त्याग कर व्यवहार कर सकें तो भी आपको कुछ घाटा नहीं होगा। उसके मन में भी आपकी कीमत बढ़ जाएगी। स्वार्थ त्याग में सब तरह से लाभ ही है। त्याग से आप सबको अपना बना सकते हैं। इसी तरह से आप भी अगर पहले थोड़े सुख का त्याग करोगे तो...
श्रमण परम्परा के दिव्य नक्षत्र क्रान्तिकारी वीर लोंकाशाह की 608 वीं जन्मजयन्ति श्री जैन रत्न हितैषी श्रावक संघ तमिलनाडु के तत्वावधान में स्वाध्याय भवन, साहूकारपेट, चेन्नई में श्रद्धा भक्ति दिवस के रुप में मनाई गयी | वरिष्ठ स्वाध्यायी बन्धुवर आर. वीरेंद्रजी कांकरिया ने आठ कर्मों के बंध व उदय में आने के कारण,उनकी काल स्थिति आदि पर विस्तृत विवेचन किया | श्रावक संघ तमिलनाडु के कार्याध्यक्ष आर नरेन्द्र कांकरिया ने गुजरात के अरहटवाडा ग्राम में पिता हेमाशाह व माता गंगाबाई दफ्तरी के यहां जन्म लेने वाले श्रमण परम्परा जिनशासन के दिव्य नक्षत्र क्रांतिवीर वीर लोंकाशाह का जीवन परिचय देते हुए बताया कि जिनशासन की शुद्ध परम्परा के प्रचारक के रुप में लोंकाशाह के सही पुरुषार्थ करने हेतु उनका नाम युगों-युगों तक अमर हो गया | श्रमण वर्ग में पनप रही शिथिलता व जिन-पूजा व जिन-भक्ति के नाम पर बढ़ते हुए अनावश्यक आड...
वीर लोकाशाह व जैन दिवाकर चोथमलजी महाराज की जन्म जयन्ती भी मनायी गई Sagevaani.com /चेन्नई :– श्री एस .एस .जैन संघ माम्बलम-टी.नगर चेन्नई के तत्वावधान व चातुर्मासार्थ विराजित स्वर्ण संयम आराधक पूज्य श्री वीरेन्द्रमुनीजी म.सा. के पावन सान्निध्य में धर्म प्राण वीर लोकशाह व जैन दिवाकर चोथमलजी महाराज की जन्म जयन्ती तप-त्याग सामायिक एवं वृद्धाश्रम में अन्नदानं के रूप में समायोजित की गई। मुनिश्री वीरेंद्रमुनि महाराज ने दोनों महापुरुषों के व्यक्तित्व व कृतित्त्व पर विस्तार पूर्वक बताया। संघ मंत्री महेन्द्र कुमार गादिया ने आगंतुक सभी दर्शनार्थियों का श्री संघ की तरफ से स्वागत भाव अभिनंदन किया। संघ अध्यक्ष श्रावक डॉ. एम.उत्तमचन्द गोठी ने दोनों महापुरुषों का गुणानुवाद करते हुए वर्ष 2023 के आदर्श एवं यशस्वी अनेक उपलब्धि युक्त चातुर्मास की झलकियां बताते हुए मुनिश्री के प्रति माम्बलम श्री स...
गुणानुवाद सभा में छाईं रही महिला शक्ति, भाईयों ने कहा गुरूणी मैया के चार्तुमास से उनके जीवन में आया परिवर्तन Sagevaani.com /शिवपुरी ब्यूरो। प्रसिद्ध जैन साध्वी रमणीक कुंवर जी महाराज साहब ठाणा पांच का शिवपुरी में पांच माह का चातुर्मास सफलता पूर्वक संपन्न हुआ। इस अवसर पर कमला भवन में तीन दिवसीय विदाई समारोह आयोजित हुआ। विदाईर् समारोह के तीसरे दिन उपकार सभा में डेढ़ दर्जन से अधिक भाईयों एवं बहिनों ने अपने हृदय के उदगार व्यक्त करते हुए साध्वी रमणीक कुंवर जी महाराज के चार्तुर्मास को अद्वितीय चार्तुमास बताया। गुरूणी मैया रमणीक कुंवर जी, ओजस्वी प्रवचन प्रभाविका साध्वी नूतन प्रभाश्री जी, तपस्वी रत्ना की उपाधि से अलंकृत साध्वी पूनम श्री जी, मधुर गायिका साध्वी जयश्री जी और आशूकवि साध्वी वंदना श्री जी को लक्ष्मी, सरस्वती और दुर्गा का अवतार बताया गया। उपकार सभा में बहिनों ने पूरी हार्दिकता के साथ अपनी ...