Author: saadhak

तेरापंथ जैन विद्यालय में मनाया गया स्वतंत्रता दिवस

Sagevaani.com /चेन्नई: 15 अगस्त 2024 को तेरापंथ जैन विद्यालय साहुकारपेट के प्रांगण में राष्ट्र का 78वॉ स्वतंत्रता दिवस अत्यंत हर्षोल्लास एवं जोश के साथ मनाया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि श्री विश्वनाथ शर्मा अध्यक्ष त्रिवेणी ग्रुप ऑफ कंपनी द्वारा झंडारोहण किया गया। प्रिंसिपल श्रीमती मर्सी जेसिन्ता के स्वागत भाषण के बाद विद्यार्थियों ने तमिल, हिंदी, अंग्रेजी में स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष में जोशिले अ...

धर्म स्ट्रीट लाइट की तरह है: आगमश्रीजी म सा

श्री हीराबाग जैन स्थानक सेपिंग्स रोड बेंगलुरू में विराजित साध्वी आगमश्रीजी म सा ने बताया कि जिंदगी दो दिन की है एक दिन है आपके पक्ष में और एक दिन आपके विपक्ष, जो दिन आपके पक्ष में है उसमे गुरूर मत करना जो आपके खिलाफ है उस दिन थोड़ा सबर जरूर करना। जो अपने तन मन धन परिवार के वश में हो जाए तो खुशी, और वश में ना रहें तो दुःखी होता है। धर्म स्ट्रीट लाइट की तरह है जिसका उपयोग तो सब करते है, पर उसपर अधिक...

सौ.सरीता निलेश खिवंसरा यांच्या 11 उपवासाची रविवार पचकावणी

चौसाळा येथील पावन भूमी मध्ये परमपूज्य श्री दिलीपकवरजी म.सा. यांच्या सुशिष्या स्वाध्याय प्रेमी परमपूज्य श्री कुसुमकॅंवरजी म.सा. आणि प्रवचन प्रभाविका परमपूज्य श्री अरुणप्रभाजी म.सा. आधी ठाणा २ यांच्या सानिध्या मध्ये चौसाळा चे सुश्रावक क्रषिमित्र हिरालाल खिवंसरा यांच्यी सुन सौ सरिता निलेश खिवंसरा यांनी निरंकार 11 उपवास केले असून त्याची पचकावणी रविवार दि. 18/08/२०२४ रोजी चौसाळा येथे होणार आहे चौसाळा स...

मांगलिक की ले शरण, जीवन में उतारे गुरूओं के आदर्श-चेतनाश्रीजी म.सा.

मोहनीय कर्म संसार छोड़ने के मार्ग में बाधा, व्रति श्रावक बनने का रखे लक्ष्य- समीक्षाप्रभाजी म.सा.  पूज्य इन्दुप्रभाजी म.सा. के सानिध्य में दो-दो सामायिक के साथ भक्तामर के 36वें श्लोक का जाप Sagevaani.com /सूरत,। मरूधर केसरी मिश्रीमलजी म.सा. की 134वीं जयंति एवं एवं लोकमान्य संत शेरे राजस्थान रूपचंदजी म.सा. की 97वीं जयंति के उपलक्ष्य में छह दिवसीय गुरू द्वय पावन जन्मोत्सव कार्यक्रम के पांचवे दिन शनिव...

ज्ञानपूर्वक जो संकल्प होता है वही सिद्धि का कारण बनता हैं

*🏳️‍🌈प्रवचन वैभव🏳️‍🌈* 🌧️ 2️⃣8️⃣ 🪔 136) ज्ञानपूर्वक जो साधना या संकल्प होता है वही सिद्धि का कारण बनता हैं.! 137) ज्ञानरहित क्रिया प्राणशून्य देह समान हैं.! 138) दोष नाश अति सरल है दोष को दोष मानो, उनको पुष्ट मत करो, उससे लगाव मत रखो, उन्हें अपना स्वरूप मत समझो 139) जो आत्मा से भिन्न है उससे दिल मत लगाना.! 140) आंसू तो बहोत बहाए है लेकिन आर्तध्यान के.. अब प्रायश्चित के बहाने है.! 🌧️ *प्रवचन प्रवाहक...

अहिंसा तो हमारे जीवन में होनी ही चाहिए: साध्वी आनन्द प्रभा

आमेट के महावीर भवन मे वीरपत्ता की पावन भूमि पर चातुर्मास हेतु विराजित साध्वी तपाचार्य जयमाला मा. सा. आदि ठाणा-6 के सानिध्य मे साध्वी आनन्द प्रभा ने कहा जैन दर्शन में अहिंसा का सर्वोत्तम स्थान है। प्रकृति में सब जीवों का विशेष महत्व है। जैन दर्शन सब जीवों की रक्षा करने व हिंसा को त्याग करने का उपदेश देता है। अहिंसा का व्यापक अर्थ है: किसी भी प्राणी को तन, मन, कर्म, वचन और वाणी से कोई हानि न पहुंचान...

अध्यात्म से जुड़ना ही क्रिया का उद्देश्य हैं

*🏳️‍🌈प्रवचन वैभव🏳️‍🌈* 🌧️ 2️⃣7️⃣ 🪔 131) अध्यात्म से जुड़ना ही क्रिया का उद्देश्य हैं.! 132) मुझे जो चाहिए वो बाहर कही नही हैं.! 133) साधना के तीन चरण: १) राग भाव कम करना.. २) पाप के प्रति उदाशीनता.. ३) दर्शन मोह के नाश का पुरुषार्थ 134) स्मृति के, मान्यता के पापों का नाश ज्ञान पुरुषार्थ से ही संभव हो सकता हैं.! 135) जिसमें आनंद न हो वह साधना नही मजदूरी हैं.! 🌧️ *प्रवचन प्रवाहक:* सूरि जयन्तसेन चरण र...

स्वतंत्रता हमें बहुत ही बलिदानों के बाद मिली: पंकज मुनि

राजाजी नगर श्री संघ में विराजित श्रमण संघीय उप प्रवर्तक, सेवा सुमेरू भोले बाबा श्री पंकजमुनिजी म.सा, दक्षिण सूर्य श्री वरुणमुनिजी म.साआदि ठाणा4, के सानिध्य मे 15.08.2024, गुरुवार को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रातःश्री संघ के अध्यक्ष श्रीमान प्रकाशचन्दजी चाणोदिया द्वारा ध्वजारोहण किया गयाl जिसमे संघ के समस्त पदाधिकारीयों, कार्यकारिणी सदस्यों, त्रिशला महिला मण्डल, त्रिशला बहु मण्डल, राजाजीनगर युवा...

जिनशासन के महान प्रभावक गुरूदेव महान, श्रद्धाभाव से करे गुरू मिश्री रूप रजत गुणगान

भक्ति भाव से मनाई गई पूज्य गुरूदेव मिश्रीमलजी म.सा. एवं रूपचंदजी म.सा. की जयंति*  श्रावक-श्राविकाओं ने गुरू द्धय के चरणों में समर्पित की तेला तप की भेंट Sagevaani.com /सूरत । मरूधर केसरी पूज्य मिश्रीमलजी म.सा. की 134वीं जयंति एवं एवं लोकमान्य संत शेरे राजस्थान पूज्य रूपचंदजी म.सा. की 97वीं जयंति के उपलक्ष्य में छह दिवसीय गुरू द्वय पावन जन्मोत्सव कार्यक्रम के तीसरे दिन गुणानुवाद सभा के रूप में मुख्...

जीवन में महान वहीं बनता जो सीख जाता गम खाना-दर्शनप्रभाजी म.सा.

मरूधर केसरी मिश्रीमलजी म.सा. की 134वीं जयंति एवं एवं लोकमान्य संत शेरे राजस्थान रूपचंदजी म.सा. की 97वीं जयंति के उपलक्ष्य में छह दिवसीय गुरू द्वय पावन जन्मोत्सव कार्यक्रम के चौथे दिन शुक्रवार को मरूधरा मणि महासाध्वी जैनमतिजी म.सा. की सुशिष्या सरलमना जिनशासन प्रभाविका वात्सल्यमूर्ति इन्दुप्रभाजी म.सा. आदि ठाणा के सानिध्य में श्री वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ गोड़ादरा के तत्वावधान में दो-दो सामा...

परमात्मा को पाने के लिए अहंकार का त्याग आवश्यक: साध्वी कमलप्रभा

श्री वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ स्थानक नाथद्वारा में युवाचार्य पूज्य गुरुदेव श्री मधुकर मुनि जी महाराज साहब की सुशिष्या महासती कमलप्रभा जी महाराज साहब के शुभ सानिध्य में चातुर्मासिक धर्म आराधना चल रही है । साध्वी कमलप्रभा ने अपने प्रवचन में फरमाया की -जागने के लिए नींद का त्याग आवश्यक है उसी प्रकार परमात्मा को पाने के लिए अहंकार का त्याग आवश्यक है आज व्यक्ति अभिमान करता है मानव को देखकर मान...

मानवता धर्म की शोभा है

*🏳️‍🌈प्रवचन वैभव🏳️‍🌈* 🌧️ 2️⃣6️⃣ 🪔 126) मानवता धर्म की शोभा है.! 127) सिर्फ क्रिया से या सिर्फ ज्ञान से स्वयं को धर्मी माननेवाले जिनशासन की आशाताना करते हैं.! 128) सद्क्रिया के प्रति आदर का भाव है तो भाव परिवर्तन अवश्य होगा.! 129) बोध ही ज्ञान की सफलता हैं.! 130) प्रबल संकल्प एवं अविरत पुरुषार्थ से ही सिद्धि की प्राप्ति होती हैं.! 🌧️ *प्रवचन प्रवाहक:* *युग प्रभावक वीर गुरुदेव* *सूरि जयन्तसेन कृपापा...

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