*🏳️🌈प्रवचन वैभव🏳️🌈*
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2️⃣6️⃣
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126)
मानवता
धर्म की शोभा है.!
127)
सिर्फ क्रिया से या
सिर्फ ज्ञान से
स्वयं को
धर्मी माननेवाले
जिनशासन की
आशाताना करते हैं.!
128)
सद्क्रिया के प्रति
आदर का भाव है तो
भाव परिवर्तन अवश्य होगा.!
129)
बोध ही ज्ञान की सफलता हैं.!
130)
प्रबल संकल्प एवं
अविरत पुरुषार्थ से ही
सिद्धि की प्राप्ति होती हैं.!
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*प्रवचन प्रवाहक:*
*युग प्रभावक वीर गुरुदेव*
*सूरि जयन्तसेन कृपापात्र*
श्रुत संस्करणप्रेमी,शिष्यरत्न
मुनि श्रीवैभवरत्नविजयजी म.सा.
*🦚श्रुतार्थ वर्षावास 2024🦚*
श्रीमुनिसुव्रतस्वामी नवग्रह जैनसंघ
@ कोंडीतोप, चेन्नई महानगर