आज परम श्रद्धेय उप प्रवर्तक पूज्य गुरुदेव श्री पीयूष मुनि जी महाराज आदि ठाणा एवं प्रतिभा पुंज गुरूणी श्री अनीता जी महाराज आदि ठाणा के पावन सान्निध्य में सरलमना तपोनिधि मौनसाधिका अनथक पराक्रमी श्री सुलक्षणा जी महाराज के जन्म दिवस के उपलक्ष्य में जैन स्थानक गुड़ मंडी जालंधर में गुणगान सभा का आयोजन किया गया। श्रावक श्राविकाओं ने भजन और भाषण द्वारा गुरु चरणों में अपने भाव रखे। फोर एस परिवार द्वारा श्र...
*☀️प्रवचन वैभव☀️* 🌧️ 3️⃣6️⃣ *💧पर्युषण तत्त्वधारा💧* 176) सही दिशा में चलने का निश्चय ही मंजिल तक ले जाएगा.! 177) आत्म पवित्रता का प्रागट्य करने के लिए महापर्व का आगमन हुआ है.! 178) लोकोत्तर पर्व मुक्ति का कारण है, क्योंकि उसके मूल में त्याग हैं.! 179) जैन दर्शन वीतराग के आत्म अनुभव से निर्मित हुआ दर्शन है, कोई कॉपी पेस्ट दर्शन नही है.! 180) 12 मैसे 4 जाए तो 8 लेकिन आत्मलाभ की दृष्टि से देखें तो 12 ...
आज परम श्रद्धेय उप प्रवर्तक पूज्य गुरुदेव श्री पीयूष मुनि जी महाराज आदि ठाणा एवं प्रतिभा पुंज गुरूणी श्री अनीता जी महाराज आदि ठाणा के पावन सान्निध्य में प्रवचन सभा में तपस्वी श्री नरेश जैन (सुपुत्र स्व श्री राज कुमार जैन)मैसर्ज आर जे इम्पेकस एवं तपस्वी श्री गौरिश जैन सुपुत्र श्रीमती शालू-संजय जैन (शेर सिंह कालोनी) के व्रतों का अठाई तप सम्पन्न होने पर फोर एस परिवार, जैन सभा जालंधर एवं भावी तपस्वियो...
*🌧️विंशत्यधिकं शतम्* *📚📚📚श्रुतप्रसादम्🌧️* 🌧️ 3️⃣5️⃣ ⚡ सारभूत पदार्थो का अवश्य दान करना चाहिए.. 🛑 शक्तिसंपन्न होते हुए भी जो व्यक्ति दानधर्म पालन नहीं करता, उसको भवांतर में प्राप्ति दुर्लभ हो जाती है.! ✒️ सबसे सरल सुलभ दानधर्म का जो आचरण नही करेगा वो दुष्कर शील कैसे पालेगा.? जो शीलपालन नहीं करेगा वो तप त्याग कैसे करेगा.? जो तप नही करेगा उसको शुभभाव एवं निर्जरा प्राप्ति कैसे होगी.? 🌳 अभय दान, सुपात्...
श्री वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ राजाजीनगर बैंगलोर के तत्वावधान में उप प्रवर्तक पंकजमुनि के सानिध्य में डॉ वरुणमुनि ने कहा कि संसार में हर किसी के जीवन में दुखों का साम्राज्य छाया हुआ है। कोई तन से दुखी तो कोई मन से दुखी है। इस दुख का मूल कारण है तृष्णा। हमारे समस्त दु:खों की जड़ तृष्णा ही है और तृष्णा का यह स्वभाव है कि जितना इसके समीप पहुंचते जाओगे, वह बढ़ती ही जाएगी। जब तक यह तृष्णा छाई र...
12 विद्यालयों के 333 विद्यार्थियों ने निभाई सहभागिता Sagevaani.com /चेन्नई: तेरापंथ जैन विद्यालय, साहुकारपेट के प्रांगण में ज्वाला 2024 अन्तर विद्यालय प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। जिसमें लगभग 12 विद्यालयों के एल के जी से बारहवीं कक्षा तक के 333 विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। इस अवसर पर विद्यालय चेयरमेन श्री गौतमचंद बोहरा, मेनेजिंग ट्रस्टी श्री मेघराज लूणावत, महासंवाददाता श...
*🌧️ विंशत्यधिकं शतम्* *📚📚📚श्रुतप्रसादम्🌧️* 🌧️ 3️⃣4️⃣ 🪔 स्वाध्याय का सार है अनुप्रेक्षा… वितराग मार्ग के शास्त्रों में बारह अनुप्रेक्षाओ का विधान है, अनुप्रेक्षा को भावना भी कहते है.! ✨ समस्त दुखों के कारणभूत धन वैभव, घर परिवार एवं स्वजनों की चिंतारूप आर्तध्यान छोड़कर पदार्थो के तात्त्विक स्वरूप की अनुप्रेक्षा करनी ही हितकारी है.! 🪜 भावना चिंतन की🪜 सीडियों का 🪜 आलंबन🪜 न मिले तो 🪜 संसार से विर...
मंडी डबवाली में बड़े ही आनंद एवं उत्साह पूर्वक गुरुणीमैया महासाध्वी श्री वीरकांता जी महाराज आदि ठाणा – 4 का चातुर्मास चल रहा है। आज महासाध्वी डॉ . अर्पिता जी म. ने फरमाया – कलह,लड़ाई , झगड़ा विवाद ये सभी समाज को परिवार को , घर को खोखला बनाते है। ये एक दीमक की तरह हमारे घर में घुस तो जाते है , फिर घर के व्यक्तियों में अपनापन खत्म हो जाता है। परिवार में से अपनत्व घटता रहता है। लड़ाई का क...
वीरपत्ता की पावन भूमि पर आमेट के महावीर भवन मे चातुर्मास हेतु विराजित साध्वी डॉ चन्द्र प्रभा ने कहा कि ईश्वर पर भरोसा है तो समाप्त हो जाएंगी मुश्किलें संतों की बातें एक कान से सुनकर दूसरे से उड़ाने का कोई लाभ नहीं बल्कि इसे जीवन में उतारना ही वास्तविक सत्संग है। आयोजन का उद्देश्य भी यही है ताकि लोगों के मन को निर्मल किया जा सके। जीवन में मौका व धोखा दोनों साथ-साथ आते हैं। कभी अच्छा मिलता है जिसे लो...
आगामी सितम्बर में आयोजित उत्तर भारतीय प्रवर्तक साहित्य सम्राट अमरमुनि के संयम अमृत वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित विश्व शांति जप एवं गुरु गुणगान महोत्सव में सानिध्यता के लिए कृष्णगिरी शक्तिपीठाधिपति डॉ वसंतविजय महाराज को आमंत्रण पत्रिका देने श्री वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ राजाजीनगर बैंगलोर के पदाधिकारी कृष्णगिरी पधारे। इस अवसर पर अध्यक्ष प्रकाशचंद चाणोदिया, उपाध्यक्ष रोशनलाल नाहर, मंत्री नेमी...
वन्दना से आध्यात्मिक और व्यावहारिक पक्षों के लाभों को किया उजागर Sagevaani.com /चेन्नई: साधना के छोटे छोटे प्रयोग भी उपयोगी बनते हैं, नव निर्माण में सहायक बनते हैं, आत्मोन्नति के साधक बनते हैं। उपरोक्त विचार आचार्य श्री महाश्रमणजी के सुशिष्य मुनि श्री हिमांशुकुमारजी ने तेरापंथ सभा भवन, साहुकारपेट में धर्मपरिषद् को सम्बोधित करते हुए कहें। मुनिश्री ने कहा कि साधना का एक अंग है- वन्दना। जिनेन्द्र प...
सन इलेक्ट्रो डिवायसेस प्रा. लि. के मोबिलीटी डिविजन का शानदार उद्घाटन! “इलेक्ट्रिकल साईकल का करेंगे उत्पादन! पुर्व विधायक श्री विलास जी लांडे जी के करकमलो द्वारा अनेक गणमान्यवरोंके उपस्थिती मे हुआ उद् घाटन! चाकण औद्योगिक वसाहत मे स्थापित सन -इलेक्ट्रो डिवाईसेस अपने फ़िलहाल में बनाये जानेवाले उत्पादनोसंग नये क्षेत्रमे पदार्पण कर रही है! बॅटरीपर चलनेवाली सायकल बनाकर पर्यावरण का संतुलन साधने हेतु प्रय...