Author: saadhak

“राजस्थानी ओलिम्पयाड” के खो खो व कबड्डी में चंदाबाई पगारिया स्कूल, पेरम्बुर विजेता रहे

राजस्थानी एसोसिएशन तमिलनाडु द्वारा राजस्थान रत्न के सुभाषचंद रांका प्रस्तुति “राजस्थानी ओलिम्पयाड” तथा पावर्ड बाय राजस्थान रत्न मोहन गोयंका फाउंडेशन के अंतर्गत खो खो व कबड्डी प्रतियोगिता 4 अगस्त रविवार को DG वैष्णव कालेज में सफलतापूर्वक संपन्न हुई। स्वागत भाषण अध्यक्ष प्रवीण टाटिया ने दिया। ओलंपियाड चेयरमैन डॉ अशोक जे मुंदड़ा ने राजस्थानी ओलम्पियाड के बारे में जानकारी दी। मुख्य अतिथि श्री सुलेख जै...

पैंसठिया छंद “का महानुष्ठान

Sagevaani.com /माधावरम (चेन्नई): युवामनीषी आचार्य श्री महाश्रमणजी की सुशिष्या साध्वीश्री डॉ गवेषणाश्रीजी के सान्निध्य में ” पैंसठिया छंद “का महानुष्ठान आचार्य महाश्रमण तेरापंथ जैन पब्लिक स्कूल में अनुष्ठान रखा गया। डा. साध्वी श्री गवेषणाश्री जी ने कहा- वर्तमान में हर व्यक्ति क्लेश अशांति, असुरक्षा तथा राहु के दोष से संत्रस्त है। इस पीड़ा से मुक्ति एवं सभी ग्रह दोषों की उपशांति के लिए य...

धर्म सभा का आयोजन

आज परम श्रद्धेय श्रमण संघीय द्वितीय पट्टधर आचार्य सम्राट पूज्य श्री आंनद ऋषि जी महाराज की जन्म जयंती के उपलक्ष्य में उप प्रवर्तक पूज्य गुरुदेव श्री पीयूष मुनि जी महाराज आदि ठाणा एवं प्रतिभा पुंज गुरूणी श्री अनीता जी महाराज आदि ठाणा के पावन सान्निध्य में धर्म सभा का आयोजन जैन स्थानक गुड़ मंडी जालंधर में किया गया। सर्वप्रथम मंगलाचरण से सभा का शुभारंभ सेवा भावी श्री अभिनव मुनि जी महाराज ने किया। तदोप...

आमेट के जैन स्थानक मे मनाई गई आचार्य भगवंत श्री आनन्द श्री महाराज की 124 वा जन्मदिवस

साध्वी विनीत प्रज्ञा ने कहा व्यक्तिगत अपेक्षाओं को गौण कर धैर्य व दूरदर्शिता के साथ श्रमणसंघ का चहुंमुखी विकास किया तथा तत्कालीन जन मानस के श्रद्धेय व वंदनीय बने। संपूर्ण भारतवर्ष की पदयात्रा करते हुए उन्होंने भगवान महावीर के सिद्धांतों का प्रचार व प्रसार कियाआचार्य भगवन श्रुत व शील के आगार थे। प्रतिभा सम्पन्न दिव्य महापुरुष ने अपनी योग्यता व पात्रता के आधार पर नवकार महामंत्र के 3 पदों का स्पर्श क...

विभाग आगम में 4 अनुयोग कहे हैं 

*🌧️विंशत्यधिकम्* *📚📚📚श्रुतप्रसादम्🌧️* 1️⃣5️⃣ अनुयोग अर्थात विभाग आगम में 4 अनुयोग कहे हैं ⚡ 1–चरणकरणानुयोग (चारित्र संबंधित ज्ञान) 2–धर्मकथानुयोग (चारित्र प्रेरक कथाएं) 3–गणितानुयोग (चारित्र अनुष्ठान हेतु मुहूर्त) 4–द्रव्यानुयोग (समकित शुद्धि हेतु तत्त्वाभ्यास) 🪔 समकित शुद्धि चारित्र का कारण है.! 🔅 सारांश: चारो अनुयोग महान है लेकिन चरण करणानुयोग सबसे अधिक महान है क्योंकि बा...

एएमकेएम में नौ दिवसीय आनंद जन्मोत्सव का आठवां दिन

आचार्य आनंद ऋषि महान् साधक, सलाहकार व आशीर्वाद दाता थे- युवाचार्य महेंद्र ऋषि एएमकेएम जैन मेमोरियल सेंटर में चातुर्मासार्थ विराजित श्रमण संघीय युवाचार्य महेंद्र ऋषिजी ने रविवारीय प्रवचन में कहा कि साधक चार प्रकार के होते हैं। एक वे, जो अपने दुःख का, अपने भव का अंत करने वाले होते हैं लेकिन औरों का नहीं। अपने पुरुषार्थ, आराधना से वे अपनी नैया को संसार सागर से पार कर लेते हैं लेकिन औरों के लिए कुछ नह...

गुरु तो ईश्वर का रूप ही होता है: साध्वी आनन्द प्रभा

  आमेट के जैन स्थानक मे चातुर्मास हेतु विराजित तपाचार्य साध्वी जय माला मा. सा. आदि ठाणा-6 के सानिध्य मे मित्र दिवस पर विशेष प्रवचन हुआ जिसमे साध्वी आनन्द प्रभा ने कहा की अपने शिष्य को ईश्वर का नाम दान देता है वो गुरु तो ईश्वर का रूप ही होता है। अगर शिष्य ने गुरु से ज्ञान लेना है तो उनकी दी गई शिक्षा को सच्चे हृदय से ग्रहण करे। सच्चे गुरु की पहचान कैसे करनी चाहिए जिसमें शिष्य को ज्ञान देने की ...

चंचल मन कभी सही निर्णय नही करने देगा

*🏳️‍🌈प्रवचन वैभव🏳️‍🌈* 1️⃣5️⃣ 🪔   71) अपने लक्ष्य के अनुसंधान के लिए ही चातुर्मास की प्राप्ति हुई है.! 72) प्रायश्चित भाव में पलभर में संसार को नष्ट करने का सामर्थ्य है.! 73) भावधर्म की सिद्धि के लिए द्रव्यधर्म का उद्देश्य हैं.! 74) समकित वासित क्रिया ही आचरणीय हैं.! 75) चंचल मन कभी सही निर्णय नही करने देगा.. चंचालता को भगाने निरंतर स्वाध्याय एवं ध्यान चिंतन का अभ्यास जरूरी है.! 🌧️ *प्रवचन प्र...

बाल सामायिक एव धार्मिक-संस्कार पाठशाला के पुरस्कार वितरण कार्यक्रम

🙏🏻श्री महावीराय: नम 🙏🏻          🙏श्रमण संघ जयवन्त हो🙏       🙏जय गुरु श्री जैन दिवाकर🙏 श्री वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ ( पूर्वी क्षेत्र) *श्री जैन दिवाकर सामयिक साधना भवन , महावीर नगर इंदौर *🏳️‍🌈 प्रतिदिन प्रवचन प्रातः 9:00 से 10:00 एव रात्रि 8:00 से 9:00 जाप🏳️‍🌈* *आचार्य सम्राट ध्यान योगी श्री शिव मुनि जी महाराज, उत्तर भारतीय प्रवर्तक पूज्य गुरुदेव श्री सुभद्र मुनि जी महाराज एवं संयम शिरोमण...

अवस्थाएं बदलती रहती है द्रव्य कभी नहीं बदलता

अवस्थाएं बदलती रहती है द्रव्य कभी नहीं बदलता.! 67) विष और संसार दोनो में संसार अधिक घातक है लेकिन दोनो में एक समानता यह है की दोनों की मारकता कभी दूर नही होती.! 68) शासनयोग सफल बनाने परिणति सुधार करना आवश्यक हैं.! 69) भोग तो हर जनम में मिलेंगे, आराधना के अवसर प्रत्येक जन्म में नही मिलते.! 70) चिंता नहीं,चिंतन करें कलह नही, कीर्तन करें.. भ्रमण नही,आत्म रमण करें अतिक्रमण नही,प्रतिक्रमण करें.! 🌧️ *प्...

प्रपंच और कपट से दूर रहें: साध्वी डॉ चन्द्र प्रभा

आमेट के जैन स्थानक मे चातुर्मास विराजित तपाचार्य श्री जयमालाजी मा. सा. के शुभ सानिध्य में साध्वी डॉ चन्द्र प्रभा ने कहा की छल प्रपंच और कपट से दूर रहें! प्राणी का जीवन सरल होना चाहिए। कपटपूर्ण व्यवहार से धोखा, हिंसा जैसी बुराइयों का जन्म होता है।निश्छल व्यक्ति कभी भी दूसरे से छल नहीं करता। बेईमानी की प्रवृत्ति से अनाचार फैलता है। जैन धर्म में अरहंत देव ने कहा कि मन बचन काय (शरीर) से एक होना उत्तम ...

त्याग वो है जो मिली हुई सामग्री का स्वेच्छा छोड़ दें: साध्वी आगमश्री जी

श्री हीराबाग जैन स्थानक सेपिंग्स रोड में विराजित साध्वी आगमश्री जी म सा ने कहा कि संकल्प का प्रत्याख्यान केवल खाने की रोटी, मिठाई, सब्जी, दाल नहीं मिला तो क्या वह त्याग हे? नहीं त्याग वो है जो आपको मिली हुई सामग्री का स्वेच्छा से उपयोग नहीं किया वह त्याग है। पानी को बांधने का काम पाईप ने किया, बिजली को बांधने का काम बल्ब ने किया, हवा को बांधने का काम ट्यूब ने किया उसी प्रकार जीवन को बांधने का काम ...

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