*🌧️विंशत्यधिकम्*
*📚📚📚श्रुतप्रसादम्🌧️*
1️⃣5️⃣
अनुयोग अर्थात विभाग
आगम में 4 अनुयोग कहे हैं
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1–चरणकरणानुयोग
(चारित्र संबंधित ज्ञान)
2–धर्मकथानुयोग
(चारित्र प्रेरक कथाएं)
3–गणितानुयोग
(चारित्र अनुष्ठान हेतु मुहूर्त)
4–द्रव्यानुयोग
(समकित शुद्धि हेतु तत्त्वाभ्यास)
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समकित शुद्धि
चारित्र का कारण है.!
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सारांश:
चारो अनुयोग महान है
लेकिन चरण करणानुयोग
सबसे अधिक महान है
क्योंकि बाकी तीन
चारित्र विकास के लिए ही हैं.!
*📔श्री ओघनियुक्ति सूत्र)📔*
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*तत्त्व चिंतन:*
*समयज्ञ गीतार्थ गुरुदेव*
*सूरि जयन्तसेन कृपापात्र शिष्य*
श्री वैभवरत्नविजयजी महाराजा
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*श्रुतार्थ वर्षावास 2024*
श्रीमुनिसुव्रतस्वामी नवग्रह जैन संघ
@ कोंडीतोप, चेन्नई महानगर