दान, शील, तप, भावना, धर्म के आधार पर खड़ी इमारत पर क्षमा का कलश लगाना है! प्रतिक्रमण आत्मा का स्नान है ! डॉ. राज श्री जी। क्रोध म्रुत्यु समान है, क्षमा जीवन है! अनंतकाल से चढे हुये कर्मो के मैल को साफ़ करने का क्षमा पर्व है! डॉ. मेघाश्री जी। दान और धर्म परभवके साथी है – क्षमा के तीन गुण क्षमा राखो, क्षमा मॉंगो, क्षमा आपे -साध्वी जिनाज्ञा श्री जी।
आज आकुर्डी निगडी प्राधिकरण जैन श्रावक संघ के प्रांगण मे संवत्सरी महापर्व जप, तप, दान, धर्म आराधना संग मनाया गया! डॉ. मेघाश्री जी ने आलोयणा का वॉंचन किया ! विविध क्षेत्र से शेकडो धर्म अनुरागीयो ने उपस्थिती जताकर धर्म आराधना की ! महासाध्वीयो ने संघ समाज से क्षमायाचना की और श्री संघ के माध्यम से संघाध्य़क्ष ने महासाध्वीयो से एवं सभी उपस्थितीयो से क्षमा मॉंगी! अठाई एवं ज्यादा तप करने वाले तपस्वीयों का सन्मान तपस्या के बोली से एवं श्री. संघ द्वारा रजतमुद्रा उसी प्रकार सोशल मिडीया फ़ाऊंडेशन के संस्थापक अध्यक्ष, जाजव्ल्य न्यूज़ के संपादक किशोरभाई भंडारी परिवार के और से लॅपटॉप बॅग भेटस्वरुप दी गयी!
तेले की आराधना करनेवाले तपस्वीयोंको संघाध्यक्ष सुभाष ललवाणी परिवारद्वारा रजतमुद्रा दी गयी! 24 धॅंटे के अखंड जाप के लाभार्थ्यांना बने गणेशजी एवं रेश्मा जी बोरा ! चातुर्मास कालीन सेवा देनेवाले तीन सेवाधारी शैलेश, रवि और दिपाली का श्री संघ द्वारा यथोचित सन्मान किया गया!
महामांगलीक द्वारा आलेयणा का समापन हुआ! संध्या मे सांवत्सरीक प्रतिक्रमण किया जायेगा। संघाध्यक्ष सुभाषजी ललवाणी ने मंच संचलन कर कार्यक्रम का नियोजन किया!




