Share This Post

Featured News / Featured Slider / Khabar

अजमेर,

संथारा पूर्वक समाधि मरण महोत्सव

आचार्य श्री हीराचंद्रजी म. सा भावी आचार्य पूज्यश्री महेन्द्रमुनिजी म.सा की आज्ञानुवर्तिनी महासतीजी श्री सुशीलाकवरजी म.सा की सुशिष्या श्री प्रभावतीजी म.सा का सामायिक स्वाध्याय भवन,अजमेर में देवलोकगमन प्रभु आदिनाथ निर्वाण कल्याणक माघ कृष्ण मेरु त्रयोदशी को महासती मण्डल से चार शरणम पव्वज्जामि सुनते सुनते हाथ जोड़े हुए शासन सेवा समिति के डा मंजुलाजी जैन,डा दीपाजी जैन व श्राविकाओं के समक्ष रात्रि के 8 बज कर 21 मिनट पर हुआ |

श्री जैन रत्न हितैषी श्रावक संघ,अजमेर के प्रमुख श्री पारसमलजी रांका अध्यक्ष श्री चंद्रप्रकाशजी कटारिया मन्त्री हेमंतजी नाहर, हरकचंदजी बोथरा, विवेकजी मुणोत, सुनीलजी पोखरणा, संदीपजी चपलोत रविजी कोठारी, मेघाजी कोठारी, भागचंदजी माण्डोत, अशोकजी रांका, सूर्यप्रकाशजी गांधी, सुनीलजी खटोड़, अशोकजी जैन, रिखबचंदजी माण्डोत, प्रकाशचंदजी बाफना, अजमेर सकल संघ के पदाधिकारीगण कार्यकर्ता व संथारा साधिका महासतीजी श्री प्रभावतीजी के सांसारिक पुत्र नरेन्द्रजी वीरेन्द्रजी पुत्री निर्मलाजी प्रमिलाजी पुत्रवधूएं रुपलजी मनीषाजी शशिजी पौत्र रौनकजी निखिलजी करणजी पौत्रवधुएँ काजलजी रक्षाजी सहित सभी अजमेर में पुष्कर रोड पर स्थित स्वाध्याय भवन पहुंच गए व नवकार महामंत्र का जाप प्रारम्भ कर दिया |

संथारा साधिका महासतीजी श्री प्रभावती म. सा ने तेले की तपस्या के साथ महासतीजी श्री सरलेशप्रभाजी म.सा से अठारह पापों की आलोयणा आदि जागृति से सुनकर पूर्ण सजगतापूर्वक आलोयणा करते हुए महासतीजी श्री सुशीलाकवरजी से तिविहार संथारा ग्रहण किया था| उनका नौ दिवसीय संथारा शुक्रवार 16 जनवरी 2026 को रात्रि में 8 बज कर 21 मिनट पर सीझ गया |

संथारा साधिका महासतीजी श्री प्रभावतीजी म.सा की दोनों पुत्रियां साध्वी सरलेशप्रभाजी म.सा व श्री विनयप्रभाजी म.सा संग श्री इन्द्रप्रभाजी म. सा श्री रक्षिताजी म. सा श्री सुयशप्रभाजी म.सा श्री पूनमजी म.सा श्री कीर्तिश्रीजी म.सा ने संथारे पूर्वक पण्डित मरण महोत्सव में पूर्ण सहयोग किया |

मेघाजी कोठारी व रतलाम से पधारें बहन,वीर भ्राता वीरेन्द्र जी कांकरिया व सांसारिक पक्ष के परिजनों,श्रावक श्राविकाओं ने भी संथारे व आचार्य पूज्यश्री हस्तीमलजी म.सा के वैराग्यस्प्रद भजन, हस्ती चालीसा श्रदेय श्री गौतममुनिजी म.सा की संथारे पर भाव विभोर रचना सुनाते हुए संथारा काल में सहकार दिया |

Share This Post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may use these HTML tags and attributes: <a href="" title=""> <abbr title=""> <acronym title=""> <b> <blockquote cite=""> <cite> <code> <del datetime=""> <em> <i> <q cite=""> <s> <strike> <strong>

Skip to toolbar