जिन शासन गौरव प्रवचन प्रभाकर व्यसन मुक्ति के प्रबल प्रेरक परमाराध्य परम पूज्य आचार्य भगवन्त 1008 पूज्यश्री हीराचंद्रजी म.सा. महान अध्यवसायी भावी आचार्य पूज्यश्री महेंद्रमुनिजी म.सा. की आज्ञानुवर्तिनी महासती श्री सुशीलाकवरजी म.सा की सुशिष्या श्री प्रभावती जी म.सा के संथारा संलेखना सहित देवलोकगमन के अवसर पर गुणानुवाद सभा का आयोजन रविवार 18 जनवरी 2026 को सुबह 10 बजे महावीर भवन नवकार कॉलोनी,रामनगर में वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ [ पंडाल ],श्री संघ पुष्कर रोड,
श्री संघ आदर्श नगर श्री संघ वैशाली नगर,श्री संघ मदार गेट श्री जैन रत्न हितैषी श्रावक संघ अजमेर श्री जैन रत्न श्राविका मंडल, अजमेर श्री जैन रत्न युवक परिषद, अजमेर द्वारा रखा गया |
सभा का संचालन कुशल वक्ता श्री बलवीरसिंहजी पीपाड़ा ने किया | रत्न संघ के मंत्री हेमंतजी नाहर ने महासतीजी प्रभावतीजी का जीवन परिचय दिया | पुष्कर रोड श्री संघ से रिखबजी माण्डोत,मानव सेवा संस्थान के अध्यक्ष जी एम जैन व मंत्री संदीपजी चपलोत, आदर्श नगर के नवनीतजी जैन पुरानी मण्डी से प्रेमसुखजी सुराणा,श्राविका मण्डल अजमेर से श्रीमती कल्पनाजी कटारिया ने गुणानुवाद किये |
महासतीजी की सांसारिक पुत्री निर्मलाजी संकलेचा ने नौ दिवसीय संथारे पर स्वरचित काव्यमय स्तुति सुनाई | म.सा की पुत्रवधु शशिजी कांकरिया ने संथारे पर गीतिका सुनाते हुए सुन्दर भाव रखें |
महासतीजी के सांसारिक पुत्र आर नरेन्द्रजी कांकरिया ने मातुश्री के उपकारों पर हृदयस्पर्शी भाव रखते हुए उनके दृढमय जीवन व चरित्रमय आत्मबल के अनेक उद्दरण रखते हुए गुणानुवाद किये |
श्री सरलेशप्रभाजी म. सा ने माताजी म. सा के प्रति कृतज्ञता भाव रखते हुए फरमाया कि माताजी ने ना सिर्फ आंखे खोलकर मुझे व बहन विमलाजी को संसार दिखाया और साथ मे संसार से बाहर निकलने का मार्ग प्रशस्त किया,हमें दीक्षा लेने की आज्ञा दी | गुरुदेव ने माताजी को दीक्षित कर प्रभावतीजी नाम देकर प्रभा को प्रभाव जमाने वाली महासती बनाया | माताजी की पुण्यवानी संयम लिया,फिर संयम में पुरुषार्थ किया और प्रभु की कृपा पाई | माताजी म. सा गुरु हस्ती के प्रिय आगम नन्दी सूत्र का दैनिक स्वाध्याय करते थे | आचार्य हीरा अर्द्ध शताब्दी दीक्षा वर्ष में दैनिक रुप से पांच से सात बार नन्दी सूत्र का स्वाध्याय करते थे |
महासतीजी श्री सुशीलाकवर जी म. सा ने वीरपिता श्री रिखबचंदजी कांकरिया के गुरुदेव के प्रति समर्पण भावों का उल्लेख करते हुए संथारा साधिका श्री प्रभावतीजी म.सा के दृढमय संयममय जीवन में सरलता,सजगता के उद्दरण बताते हुए मंगल पाठ सुनाया | उपस्थित श्रद्धालुओं ने लोगस्स के पाठ का ध्यान किया |
गुणानुवाद सभा में माताजी म.सा के सांसारिक पुत्र नरेन्द्रजी वीरेन्द्रजी कांकरिया, पुत्रियों,पौत्रों,पुत्रवधूएं सहित पारिवारिक जनों, रत्न संघ अजमेर के प्रमुख श्री पारसमलजी रांका अध्यक्ष चंद्रप्रकाशजी कटारिया, विवेकजी मुणोत, हरकचंदजी बोथरा,सुनीलजी पोखरणा, चंद्रप्रकाशजी कोठारी, भवरलालजी सुराणा, अशोकजी गांधी,अशोकजी नाहर,विनोदजी ढाबरिया, कन्नियालालजी चौधरी
सूर्यप्रकाशजी गांधी,नीरजजी पगारिया,जसवंतजी मेहता, निर्मलजी कोठारी, राजकुमार जी कटारिया, अशोकजी कटारिया,पदमजी रांका, इंदरचन्दजी पोखरणा, पदमचंदजी लोढा, मनोहरसिंहजी चौधरी, संतोषजी कासवा,रविजी कोठारी,विनीतजी जैन, निहालजी चौधरी,हेमराजजी जैन सहित श्री वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ [ पंडाल ],श्री संघ पुष्कर रोड,श्री संघ आदर्श नगर श्री संघ वैशाली नगर श्री संघ मदार गेट श्री जैन रत्न हितैषी श्रावक संघ,अजमेर श्री जैन रत्न श्राविका मंडल,अजमेर श्री जैन रत्न युवक परिषद, अजमेर के अनेक सदस्यों की उपस्थिति रही |



