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मानव की नही मानवता की पूजा होती है

मानव की नही मानवता की पूजा होती है

राष्ट्रसंत आचार्य सम्राट पु. आनंद ऋषिजी म.सा. का 125 वाँ एवं गुरुमैय्या चारित्रप्रभा जी का जन्मोत्सव धर्म -तप आराधना से संप्पन्न! राष्ट्र धर्म के लिए जीवन समर्पित! मानव की नही मानवता की पूजा होती है! साधु की नही सजकता आचरण की पुजा की जाती है!

साध्वी डॉ. राज श्री जी म.सा. गुरुदेव का जीवन रमणीय थे, इसलिए स्मरणीय बने! समयका सदउपयोग, सजगता, सावधानता, अहंकार विरहीत जीवन, अनासक्त योगी सम जीवन यह आचार्य भगवंत की गुण विशेषता- साध्वी डॉ. मेघाश्री जी म. सा. आकुर्डी- आकुर्डी निगडी प्राधिकरण श्री संघ के प्रांगण मे साध्वी रत्ना पु. डॉ. राजश्री म.सा. डॉ. मेघाश्री जी म.सा. साध्वी समिक्षाश्री जी म.सा. साध्वी जिनआज्ञा श्री जी म.सा. के निश्रा में बड़े उत्साहवर्धक वातावरण में जप, तप, धर्म आराधना, दान, रक्तदान आदि विविध सप्त दिवसीय कार्यकमोके माध्यमसे मनाया गया!

गुरु चरणोमे 101 एकासन और 101 आयंबील के तप आराधना की भेंट भक्तों ने चढ़ाई! सौ. छाया जी मुनोत एवं सौ. स्मिता जी रांकाने अठाई तप कर गुरुप्रति अपनी श्रध्दा जताई! संघ द्वारा आयोजित इस जन्मोत्सव के लिए संघाध्यक्ष सुभाषजी ललवाणी के नेत्रुत्व में चातुर्मास समिती अध्यक्ष जवाहर मुथा, पुर्वाध्यक्ष संतोष जी कर्नावट,स्वागताध्यक्ष विजय जी गांधी, कोषाध्यंक्ष नेनसुख मांडोत, महामंत्री राजेंन्द्र छाजेड, विश्वस्त हिरालाल लुंणावत, धनराज छाजेड, सचिन गांधी, ज्योति खिंवसरा, शारदा चोरडीया, मनिषा जैन, राजेंन्द्र कटारिया, सूर्यकांत मुथियान, मोतीलाल चोरडीया, पोपटलालजी कर्नावट, राजेंन्द्र खिंवसरा, प्रकाश मुनोत, दिलीप फिरोदिया, नितिन छाजेड, विक्रम छाजेड, श्रीकांत नहार, साधना खिंवसरा आदि ने आयोजन नियोजन मे अपना योगदान दिया !

सेवाधारी शैलेश एवं रवि ने अपनी सेवा की ज़िम्मेवारी बड़ी खूबी से निभाई! चंदनबाला महिला मंडल, गुर आनंद प्रार्थना मंडल, सुशील प्रार्थना मंडल, ब्राम्ही बहु मंडल, युवा युवती मंडल आदि का सहयोग से हर कार्यक्रम की गरिमा बढ़ी! पुजा भंसाली ने स्वागत स्तवन पेश किया, बाळासाहेब धोका, सुनंदा लोढ़ा, राजेश मुनोत, अजित नहार तपस्वी स्मिता रांका ने अपना मनोगत रखा ! संघाध्यक्ष सुभाष ललवाणी ने सभी महानुभावोंका एवं तपस्वीयोंका स्वागत किया!

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