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पर्वाधिराज पर्युषण महापर्व में 8 दिनों में 8 तरह के कर्मो की निर्जरा की जाती है

पर्वाधिराज पर्युषण महापर्व में 8 दिनों में 8 तरह के कर्मो की निर्जरा की जाती है

नागदा जं. निप्र- महावीर भवन में महासति दिव्यज्योतिजी म.सा. ने पर्वाधिराज पर्युषण महापर्व के प्रथम दिन कहा कि यह पर्व आठ दिनों तक लगातार चलता है। इसमें आठ कर्मो की निर्जरा की जाती है। जो वर्षभर में जानते अजानते भूलवश या जानबुझ कर किये गये पर प्रायश्चित कर क्षमा मांगी एवं प्रदान की जाती है। यह हमारा त्यौहार वर्षभर में एक बार आता है। यह हमारा मेहमान है इसका स्वागत जप, तप, त्याग, तपस्या, ध्यान, साधना, त्यागपूर्वक करना चाहिये।

 

महासति वैभवश्रीजी म.सा. ने कहा कि आज भौतिक संसार में कर्म करने के लिये बहुत समय है लेकिन धर्म करने के लिये अपने पास बिलकुल समय नहीं है। लेकिन इस पर्व को मनाकर पापी से पापी भी अपने पाप की निर्जरा कर अपने दोनो लोको को सुधार सकता है। महासति नाव्याश्रीजी म.सा. ने सावन का महिना पवन करे शोर की तर्ज पर पर्युषण पर्व के आगमन के गीत पर सबका मन मोह लिया।

मीडिया प्रभारी महेन्द्र कांठेड़ एवं नितिन बुडावनवाला ने बताया कि 5 उपवास श्रीमती इन्दुबाला सुनलिजी लोढ़ा के चल रहे है। तेले की लड़ी रचना चपलोत की है। ड्रेस कोड में पुरूष सफेद वस्त्र एवं महिला प्रथम दिवस पीला, द्वितीय दिवस हरा रहेगा। आज कई गुरूदेव भक्तों की उपवास, एकासना, आयम्बील, नीवी सहित दिर्घ तपस्या प्रारम्भ हो चुकी है।

 

सुबह अनंतगढ सुत्र का वाचन एवं दोपहर कल्पसूत्र का वाचन किया गया। प्रश्न मंच में सुनील सकलेचा एवं श्रीमती कमला बहन लुणावत सांवेरवाला को प्रदान किया गया। धार्मिक प्रभावना का लाभ अजीतकुमारजी सिद्धार्थ आदित्य द्वारा वितरीत की गई। संचालन अरविंद नाहर ने किया एवं आभार श्रीसंघ एवं चातुर्मास अध्यक्ष प्रकाशचन्द्र जैन लुणावत व सतीश जैन सांवेरवाला ने माना।

 

दिनांक 24/08/2022

 

मीडिया प्रभारी

महेन्द्र कांठेड

नितिन बुडावनवाला

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