श्री वर्धमान स्थानकवासी जैन संघ कम्मनहल्ली में प.पू. आगमश्रीजी म.सा. ने जीवन में प्रेम , पवित्रता व परोपकार होना जरूरी है। आज विलासी वातावरण में पवित्रता का नाश हो गया है। पवित्रता जीवन का प्राण है। घर में प्रेम नहीं, स्थानक में आना नहीं, तो हमारा जीवन सुगंधित बनेगा नही।
प.पू.धैर्याश्रीजी ने बताया दुख तो हर व्यक्ति के जीवन में आता है पर वह भी जाने वाला है। मानव आज क्षणिक वस्तुओं को पाने के लिए कषायो में पड कर आत्मा के गुण को संपत्ति को नष्ट कर रहा है। सौम्य प्रकृति वाले बने।
क्रोध भाव को समता से सहन करें और धैर्यता से रहवे। तेले की लडी मे मंत्री हस्तीमल बाफना एवं सुशीलाबाई बाफना ने हरक तेले कर शुरूआत की।अध्यक्ष विजयराज चुत्तर एवं सहमंत्री कांतिलाल सकलेचा ने सम्मान किया। संचालन सुधीर सिंघवी ने किया।