Share This Post

Featured News / Khabar

जय वाटिका में कृतज्ञता दिवस एवं विदाई समारोह संपन्न हुआ

जय वाटिका में कृतज्ञता दिवस एवं विदाई समारोह संपन्न हुआ

श्री जयमल जैन श्रावक संघ के तत्वावधान में जय वाटिका मरलेचा गार्डन में जयधुरंधर मुनि, जयकलश मुनि, जयपुरंदर मुनि, समणी प्रमुखा श्रीनिधि, समणी श्रुतनिधि, समणी सुधननिधि के सान्निध्य में कृतज्ञता ज्ञापन एवं विदाई समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत नवकार मंत्र एवं जय जाप से हुई।

इस अवसर पर जयधुरंधर मुनि ने कहा वास्तव में यह विदाई नहीं अपितु बधाई समारोह हैं। चातुर्मास में ज्ञान, ध्यान, तपस्या, साधना, आराधना, सेवा करने वाले सभी श्रावक – श्राविका बधाई के पात्र है। मुनि श्री ने जयमल संघ, युवक परिषद, महिला मंडल के सभी सदस्यों की सेवा एवं समर्पण भावना की प्रशंसा करते हुए उत्तरोत्तर वृद्धि करने को आशीर्वाद प्रदान किया।

आचार्य भगवंत एवं गुरु भगवान के प्रति कृतज्ञता प्रकट की जिनका प्रत्यक्ष और परोक्ष आशीर्वाद से ही चातुर्मास ऐतिहासिक एवं यशस्वी हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत में जेपीपी जैन महिला फाउंडेशन की महिलाओं ने विदाई के अवसर पर गीत प्रस्तुत किया। महिला फाउंडेशन की अध्यक्ष ललिता कोठारी एवं मंत्री संतोष गादिया ने गुरु भगवंतो का बहुत उपकार माना और अपने वक्तव्य में उनको आभार व्यक्त किया।

संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिखरचंद बेताला, एवं पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष पारसमल गादिया ने पूरी संघ की ओर से गुरुदेव के प्रति कृतज्ञता ज्ञापन किया। जयमल जैन स्वाध्याय संघ के अध्यक्ष ज्ञानचंद मुणोत, धर्मीचंद लुंकड, जयमल जैन राष्ट्रीय युवक परिषद के मंत्री कुशल सिंघवी ने भी अपने भाव व्यक्त किए।

संघ के अध्यक्ष नरेंद्र मलेचा ने चातुर्मास की गतिविधियों की रिपोर्ट पेश करते हुए कहा चातुर्मास काल में आयोजित हुए अनेक कार्यक्रम में श्रावक श्राविकाओं का पूर्ण उत्साह रहा जिसके फल स्वरूप 11 सजोडे शील व्रत के प्रत्याख्यान हुए, 65, 61,45 की दीर्घ तपस्या हुई, 10 मासखमण, 8 अर्ध मासखमण तथा 228 अठाई की तपस्या हुई। मुनिवृंद की प्रेरणा से अनेकों ने श्रावक के 12 व्रत अंगीकार किए।

चातुर्मास काल में 9 वर्षीय बालिका अवनी घोटावत ने अल्प अवस्था में उत्तराध्ययन सूत्र के 11 अध्ययन कंठस्थ किए जिनका बहुमान संघ की ओर से किया गया।

चातुर्मास संयोजक अमरचंद बोकडिया के नेतृत्व में चातुर्मास समिति के कर्मठ कार्यकर्ताओं का अभिनंदन किया गया। संघ की ओर से चातुर्मास स्थल प्रदाता नरेंद्र अभय मरलेचा एवं तप अनुमोदना लाभार्थी मुकुनचंद बोहरा का मोमेंटो द्वारा स्वागत किया गया।

इसके अलावा भोजन व्यवस्था में सहयोगी कालूराम भंसाली, महिपाल चोरडिया, पदमचंद बोहरा, मनोहरलाल लोढ़ा, किशनलाल मरलेचा, वैयावच्च समिति के सुनील बोकड़िया, सुधीर रुणवाल, नितेश भंडारी, वरुण कोठारी, जितेंद्र कोठारी, प्रचार – प्रसार समिति के चेयरमैन ज्ञानचंद कोठारी का भी बहुमान किया गया।

चातुर्मास हेतु अर्थ सहयोग देने वाले सभी दानदाताओं को धन्यवाद ज्ञापित किया गया।संघ के मंत्री गौतम रुणवाल ने सभी को धन्यवाद दिया। कार्यक्रम का संचालन महिपाल चोरडिया ने किया। विदाई की बेला में उपस्थित श्रद्धालुओं ने सजल आंखों से गुरुदेव को विदाई देते हुए उनके उज्जवल भविष्य की मंगल कामना की।

मुनिवृंद के सानिध्य में 11 नवंबर को चातुर्मास समापन, 12 को लोकाशाह जयंती एवं 13 को प्रातः 8.30 बजे चातुर्मास उपरांत प्रथम विहार बिन्नी मिल नार्थ टाउन की ओर होगा।

Share This Post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may use these HTML tags and attributes: <a href="" title=""> <abbr title=""> <acronym title=""> <b> <blockquote cite=""> <cite> <code> <del datetime=""> <em> <i> <q cite=""> <s> <strike> <strong>

Skip to toolbar