हमारे भाईन्दर में विराजीत उपप्रवृत्तिनि संथारा प्रेरिका सत्य साधना ज गुरुणी मैया आदि ठाणा 7 साता पूर्वक विराजमान हैl वह रोज हमें प्रवचन के माध्यम से नित नयी वाणी सुनाते हैं, वह इस प्रकार हैंl
बंधुओं जैसे कि सम्यक आजीविका का सबसे बड़ा शत्रु है तस्करी शास्त्रों का व्यापार आज शायद हिंसा और आतंक को बढ़ाने में सबसे बड़ा हेतु बना रहा हैl यदि शास्त्रों को खुली छूटना हो इनकी बिक्री पर प्रतिबंध हो तो अपने आप ही आतंक कम होगाl जीवन से लि सातवां सूत्र है संस्कार आदमी संस्कारों के आधार पर जीवन जीता हैl जैसे संस्कार में अच्छा व्यवहार प्रारंभ से ही अच्छे संस्कार मिलते हैं तो जीवन अच्छा बनता हैl एक तोते को अच्छा संस्कार मिलता है इसलिए उसने राजा का स्वागत किया दूसरे तोते को बुरे संस्कार मिले थे इसलिए राजा को देखते ही बोल पड़ा आओ मारो काटोl
राजा ने पहले तोते से पूछा दोनों की स्वभाव में इतनी फर्क का क्या कारण है, उसने बताया हम दोनों सगे भाई हैंl मैं एक ऋषि के आश्रम में पला वहां के संस्कार सीखे मेरा भाई चोरों के पास रहा उसने उन्हें के संस्कार और भाषा सीखी जीवन के लिए ही संस्कारों पर आधारित होती है। घर के साथ सजा और वातावरण हमें निरंतर इस बात की प्रेरणा देने वाला होना चाहिए। हमें वितरागता की दिशा में प्रस्तुत होना चाहिए जीवन से लिखा आठवां सूत्र है आहार शुद्धि और व्यसन मुक्ति आहार अध्यात्म का पूरा नाम विषय भी है।
नया विषय भी पुराना इसलिए कि धर्म शास्त्रों में आहार शुद्धि पर बहुत बोल दिया गया। नया इस अर्थ में आज विज्ञान आहार के संबंध में बहुत सारी नई बातें हमारे सामने प्रस्तुत कर रहा है। जीवन शैली का नया सूत्र ऐसा धार्मिक वात्सल्य अपने समाज धर्म वाले व्यक्ति के प्रति वात्सल्य हो भावना हो दूसरे के प्रति अवज्ञा और अपेक्षा की बात नहीं है। समाज धर्मिता के प्रति वत्सल लता का भाव उसके साथ होती है तो एक दूसरे के सहयोगी और सहारे बने यही जीवन जीने की कला मास खमण की तपस्या निरंतर चालू हैl आज भी मास खमण वाले को सम्मान किया गया एवं अन्य तपस्या चल रही हैंl
जय जिनेंद्र जय महावीर







